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शेयर सर्टिफिकेट को डीमैट में कैसे करें कन्वर्ट, ये है पूरा प्रॉसेस

दिसंबर के बाद भारतीय शेयर बाजार में शेयर सर्टिफिकेट एक इतिहास बन कर रह जाएगा।

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नई दिल्ली.  भारतीय शेयर बाजार को ऑनलाइन हुए काफी समय हो गया है। फिर भी बहुत सारे निवेशकों के पास अभी भी कंपनियों के स्टॉक्स इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म की जगह शेयर सर्टिफिकेट के रूप में मौजूद है। लेकिन स्टॉक एक्सचेंज में अब शेयर सर्टिफिकेट पर ब्रेक लगने वाला है। यानी निवेशकों को अब अपने शेयर सर्टिफिकेट को डीमैटरलाइज करने होंगे।  इसका अर्थ है कि निवेशकों को अपने शेयरों को डीमैट खाते में जमा करवाना होगा। 

 

दिसंबर तक है अंतिम समय

लिस्टेड कंपनियों के ऐसे शेयरधारकों को दिसंबर तक का समय दिया गया है। उन्हें या तो अपने शेयरों को डीमैट खाते में जमा करवाना होगा या फिर इन शेयरों की बिक्री करनी होगी। दिसंबर के बाद भारतीय शेयर बाजार में शेयर सर्टिफिकेट एक इतिहास बन कर रह जाएगा। शेयर कारोबार के लिए डीमैट खाता होना अनिवार्य होगा। अगर शेयरों के पेपर सर्टिफिकेट डीमैट फॉर्म में नहीं हैं तो आप उनमें ट्रांजैक्शन नहीं कर पाएंगे।

 

क्या है प्रॉसेस

 

1. डीमैट अकाउंट खुलवाएं

शेयर सर्टिफिकेट को इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में ट्रांसफर करने के लिए सबसे पहले आपको एक डीमैट अकाउंट खुलवाना होगा। जिस तरह से बैंक में सेविंग अकाउंट खुलता है, वैसे ही डिपॉजिटरीज आपके लिए डीमैट अकाउंट खोलते हैं। इसके लिए आपके पास आइडेंटिटी प्रूफ, एड्रेस प्रूफ और पैन कार्ड होना चाहिए। कई ब्रोकर बिना किसी शुल्क के आपका अकाउंट खोलने का ऑफर कर रहे हैं। हालांकि बाद में डिपॉजिटरीज अपनी सर्विस के लिए आपसे चार्ज ले सकते हैं। इसमें ब्रोकिंग चार्ज, सलाना मेंटेनेंस चार्ज शामिल हैं। यह फीस कुछ सौ रुपए सालाना हो सकती है। वहीं ब्रोकिंग चार्ज आपके द्वारा किए गए ट्रांजेक्शन के आधार पर तय होती है। डीमैट अकाउंट खोलने के लिए करीब-करीब वही प्रक्रिया अपनाई जाती है जो बैंक अकाउंट खोलने के लिए होती है। आम तौर पर एक हफ्ते के अंदर अकाउंट खुल सकता है।

 

2. DRF फॉर्म भरें

डीमैट अकाउंट खुलने के बाद शेयर सर्टिफिकेट को डीमैट फॉर्म में कन्वर्ट करने के लिए आपको DRF फॉर्म भरने होंगे। DRF का मतलब है डीमैटरियलाइजेशन रेक्वज़िशन फॉर्म। आवेदक द्वारा DRF फॉर्म भरकर जमा करने के बाद आपका शेयर सर्टिफिकेट अधिकारी द्वारा वेरिफाई किया जाएगा। वेरिफिकेशन के बाद DRF टीम आपके सभी शेयर सर्टिफिकेट को इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में परिवर्तित कर देंगे। इस प्रॉसेस में करीब 2 से 3 हफ्ते का समय लगता है।

 

कन्वर्ट होने बाद कर सकते हैं शेयर की ट्रेडिंग

एक बार सारे शेयर सर्टिफिकेट इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में तब्दील हो जाने के बाद डिपॉजिटरी पार्टिसपन्ट आपको पिरीऑडिक स्टेटमेंट्स उपलब्ध कराएंगे। इस स्टेटमेंट्स में आपकी होल्डिंग की जानकारी होगी। इसके बाद आप अपने डीमैट अकाउंट से शेयर की खरीद व बिक्री कर सकते हैं।


डीमैट अकाउंट के तहत इलेक्ट्रिक फॉर्मेट में शेयरों का लेन-देन डिपॉजिटरीज के जरिए किया जाता है। भारत में नेशनल सिक्युरिटीज डिपॉजिट्री (एनएसडीएल) और सेंट्रल सिक्युरिटीज डिपॉजिट्री (सीएसडीएल) प्रमुख डिपॉजिटरीज में शामिल हैं।

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