Home » Market » StocksHC dismissed a petition filed by FTIL challenging merger with NSEL

HC ने FTIL को दिया झटका, सरकार के आदेश के खिलाफ दायर याचिका खारिज

बॉम्‍बे हाईकोर्ट ने फाइनेंशियल टेक्‍नॉलाजी (इंडिया) लिमिटेड (FTIL) की याचिका खारिज कर दी है।

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मुम्‍बई. बॉम्‍बे हाईकोर्ट ने फाइनेंशियल टेक्‍नोलॉजिज (इंडिया) लिमिटेड (FTIL) की याचिका खारिज कर दी है। इस याचिका में उसने केंद्र सरकार के उस आदेश को निरस्‍त करने की मांग की थी जिसके तहत उसका नेशनल स्‍टॉप एक्‍सचेंज लिमिटेड (NSEL) में विलय किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने यह आदेश 2016 में दिया था। यह मामले की सुनवाई जस्टिस मंजुला चेल्‍लुर और जस्टिस एम एस सोनक ने की।

 

12 हफ्ते का दिया एंटरिम स्‍टे

हालांकि कोर्ट ने इस मामले में एंटरिम स्‍टे 12 हफ्ते के लिए और बढ़ा दिया है। कोर्ट ने यह एंटरिम स्‍टे 12 फरवरी 2016 को केंद्र सरकार के आदेश के बाद दिया था। FTIL ने बाद में अपना नाम बदल कर 63 मून्‍स कर लिया है। यही कंपनी कोर्ट में आई थी।

 

पेमेंट डिफॉल्‍ट के बाद दिया था सरकार ने आदेश

सरकार ने मर्जर का यह आदेश कंपनीज एक्‍ट 1956 के सेक्‍शन 396 के तहत दिया था। इससे पहले कंपनी 5600 करोड़ रुपए का पेमेंट डिफाल्‍ट कर चुकी थी। यह मामला 2013 का है। कंपनीज एक्‍ट की धारा 396 केंद्र सरकार को यह अधिकार देती है कि पब्लिक इंटरेस्‍ट में कंपनियों का मर्जर कर सके।

 

FTIL ने रखे थे तर्क

FTIL का मर्जर के खिलाफ तर्क था उसको उन लोगाें की गलती की सजा दी गई, जो कमोडिटी एक्‍सचेंज एनएसईएल में गड़बड़ी के जिम्‍मेदार थे। कंपनी के वकील का तर्क था कि इस मामले में सेक्‍शन 396 लागू करना गैरकानूनी है। इसका कारण यह है कि अभी तक यह नहीं साबित हुआ है कि इस मामले में उनके क्‍लाइंट की कंपनी जिम्‍मेदार है।


 
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