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यहां स्मार्टफोन से भी सस्ती है मिलती है AK 47, ये है दुनिया का सबसे खतरनाक गन मार्केट

आज हम आपको बता रहे हैं दुनिया के सबसे खतरनाक गन मार्केट के बारे में...

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नई दिल्‍ली. अगर आपसे पूछा जाए कि मशीनगन या AK-47 की कीमत क्‍या होगी तो आप इसकी कीमत लाखों में बताएंगे। पर दुनिया में एक ऐसा मार्केट है, जहां मशीनगन और AK-47 जैसी खतरनाक गन कबाड़ की कीमत में मिल जाती हैं। यहां आपको एक तरफ शोकेस में रूस की AK 47 मिलेगी तो सामने की दुकान में अमेरिका की एम16 ऑटोमैटिक रायफल। थोड़ा चहलकदमी करें तो शायद रॉकेट लॉन्चर भी खरीद सकते हैं। इतिहास में अगर आप रुचि रखते हैं तो दूसरे विश्व युद्ध की स्टेन सबमशीनगन भी मिल जाएगी। पेपर नहीं सिर्फ पैसा चलता है...

 

- खास बात यह है कि यहां नियम-कानून और पेपर वर्क की झंझट नहीं है।
- यहां सिर्फ एक ही पेपर चलता है वो है पैसा।
- अगर आपकी जेब में पैसा है तो आप दुनिया का खतरनाक से खतरनाक हथियार खरीद सकते हैं।
- आज हम आपको बता रहे हैं दुनिया के सबसे खतरनाक गन मार्केट के बारे में....  

 

कहां है ये गन मार्केट-

 

दर्रा आदमखेल का गन मार्केट  

- दुनिया का सबसे खतरनाक गन मार्केट पाकिस्तान में पेशावर से 35 किलोमीटर दक्षिण में स्थित दर्रा आदमखेल में मौजूद है। कई साल से यह इलाका अव्यवस्थाओं का गढ़ रहा है। इसी वजह से बंदूकें यहां की जरूरत बन गई और छोटा सा ये कस्बा गन इकोनॉमी का गढ़ बन गया। काफी समय तक इस इलाके पर तालिबान का कब्जा रहा। वहीं अब भी इस इलाके में सरकार का असर सीमित है। इस वजह से इस इलाके में बंदूकों को बनाने और बेचने का कारोबार जारी है।
- यहां के कारोबारियों का दावा है कि वे दुनिया की किसी भी बंदूक की नकल तैयार कर सकते हैं, जो असली गन से बेहतर काम करेगी।

 

गन मार्केट की इकनॉमी-

 

असली के मुकाबले कौड़ियों में कॉपी 

- दर्रा आदमखेल के कारोबारी असली गन के साथ साथ उनकी कॉपी बनाते हैं। डॉन न्यूज के मुताबिक फिलहाल कारोबार में इन कॉपी की गई गन का हिस्सा ज्यादा है। यहां अमेरिकी एम 16 की चाइनीज कॉपी और लोकल कॉपी दोनों ही मिलती है। AK 47 की ओरिजनल और लोकल कॉपी दोनों ही मिलती हैं। अमेरिकी बरेटा हैंडगन की कॉपी, ग्लोक पिस्टल ओरिजनल और उनकी कॉपी आसानी से मिल जाती है।
- मीडिया में आई खबरों के मुताबिक अब से कुछ समय पहले तक यहां राकेट लॉन्चर और मोर्टार भी आसानी से मिल जाते थे। इलाके में पाकिस्तानी सेना के दबाव के बाद ये अब दुकानों से गायब हैं, लेकिन मार्केट से नहीं।

 

 

आगे पढ़ें-  हथियारों के रेट कार्ड

 

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सिर्फ 5000 रुपए में AK 47
 
आतंकवादियों का सबसे पसंदीदा हथियार AK 47 दर्रा आदमखेल के कारोबारियों का भी पसंदीदा हथियार है। इसे बेचना और बनाना दोनों ही आसान है। मार्केट में चोरी और स्मगल की गई ओरिजनल के साथ साथ लोकल कॉपी भी मौजूद है।
यहां AK 47 की ओरिजनल गन 800 डॉलर से 2000 डॉलर के बीच मिल जाती है। ये कीमत करीब 55 हजार से एक लाख चालीस हजार के बीच है।  
बजट कम है तो भी चिंता न करें हथियार की लोकल कॉपी भी मौजूद है जिसके लिए दुकानदार गारंटी भी देगा। आपको AK 47 की ये नकली कॉपी 70 डॉलर से 250 डॉलर तक में खरीद सकते हैं। यानि 5000 रुपए से लेकर 17 हजार रुपए में आप क्लाशिनिकोव अपने घर ले जा सकते हैं।
 
आगे पढ़ें- एम 16 ऑटोमैटिक रायफल का रेट कार्ड 

55 हजार में एम 16 ऑटोमैटिक रायफल

 

गन मार्केट में आपको अमेरिकी ऑटोमैटिक रायफल भी मिल सकती है। हालांकि अधिकांश मामलों में आपको कॉपी से ही काम चलाना पड़ेगा।
चीन में बनी एम 16 की कॉपी 1800 से 2300 डॉलर में मिल सकती है। जो अधिकतम 1.5 लाख रुपए के बराबर है।
कम बजट वाले ग्राहक इस कॉपी की भी घरेलू कॉपी खरीद सकते हैं, इसके लिए उन्हे अधिकतम 800 डॉलर यानि 55 हजार रुपए चुकाने होंगे।
 
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MP 5


डॉन न्यूज के मुताबिक गन मार्केट में MP 5 सबमशीनगन की कॉपी आसानी से मिल जाती है।
ये छोटा सा हथियार दुनिया में काफी फेमस है और अमेरिकी एफबीआई के स्पेशनल टेक्टिकल टीम का पसंदीदा है।
दर्रा आदमखेल में कारोबारी करीब 70 डॉलर यानि करीब 48 सौ रुपए में ये बंदूक ऑफर कर रहें हैं, मीडिया रिपोर्ट की माने तो इस दाम के साथ आपको एक साल की गारंटी भी मिलेगी
डॉन की रिपोर्ट में MP 5 बनाने वाले कारीगर ने दावा किया है कि वो पिछले 10 साल में ऐसी 10 हजार बंदूक बेच चुका है और किसी में कोई शिकायत नहीं आई है।

 

आगे पढ़ें- और क्या है यहां खरीदने के लिए

गन मार्केट की स्थिति और हथियारों की आसान बिक्री इस मार्केट को सबसे खतरनाक बनाती हैं। ये गन मार्केट अफगानिस्तान की सीमा से ज्यादा दूर नहीं है। वहीं इस इलाके पर भी पाकिस्तानी सेना अपनी पकड़ बनाने की कोशिश में लगी हुई है। संघर्ष इस इलाके में आम हैं। आतंकी समूह, इलाके के कबीले और पाकिस्तानी सेना की मौजूदगी स्थिति को नाजुक बनाते हैं। दुकानदारों के मुताबिक ये हथियार सेल्फ डिफेंस और शिकार के लिए इस्तेमाल होते हैं। हालांकि गन की गारंटी लेने वाले कारोबारी इन बंदूकों के इस्तेमाल करने वालों की गारंटी नहीं लेते। सेना की सख्ती के बाद कारोबार घटा है लेकिन इससे अवैध कारोबार को बढ़ावा भी मिला है।

 

(तस्वीरें प्रतीकात्मक रूप में लगाई गई हैं)

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