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सपने में मिले आइडिया को बनाया हकीकत, खड़ा किया 2100 करोड़ का बिजनेस

यह शख्स जब नींद से जागा तो उसके सामने 2,100 करोड़ रु का बिजनेस का आइडिया था।

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नई दिल्ली.  अपना बिजनेस शुरू करना तो कई लोगों का सपना होता है। लेकिन यह शख्स जब नींद से जागा तो उसके सामने 2,000 करोड़ रुपए का बिजनेस का आइडिया था। यह कोई सपना नहीं, बल्कि हकीकत है। दरअसल, अमेरिका के माइक लिंडेल को अपने बिजनेस का आइडिया सपने में मिला और उन्होंने सपने से मिले आइडिया को हकीकत में बदला। आज उनका कारोबार 2,100 करोड़ रुपए (30 करोड़ डॉलर) का हो गया है।

 
सपने में मिला बिजनेस आइडिया

माइक लिंडेल को अक्सर सोने में परेशानी होती थी, क्योंकि वो अपने तकिये को पसंद नहीं करते थे। तकिया आरामदायक नहीं होने की वजह से उनकी नींद पूरी नहीं हो पाती थी। एक रात सोते वक्त अचानक उनकी नींद टूटी और उन्होंने अपने घर के हर कोने में मायपिलो लिख दिया। यहीं से उनके बिजनेस की शुरुआत हुई। आज लिंडेल अमेरिका के पिलो किंग के नाम से जाने जाते हैं।
 
मैनेजर से झगड़े ने पैदा किया बिजनेसमैन का जज्बा

लिंडेल ने मायपिलो की शुरुआत अपने होमटाउन चास्का से की। एक समय लिंडेल अपनी पढ़ाई का खर्च पूरा करने के लिए दो-दो नौकरी करते थे। उन्हें लगा कि वो पढ़ाई में अपना सयम बर्बाद कर रहे हैं। इसलिए उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई बीच में छोड़ दी और अपना पूरा समय नौकरी पर लगाया। लेकिन एक दिन उनका झगड़ा मैनेजर से हो गया और उसने उन्हें नौकरी से निकाल दिया। यहीं से उनमें खुद का बिजनेस शुरू करने का जज्बा पैदा हुआ।
 
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ड्रग्स की लत ने किया बर्बाद

 

नौकरी छूटने के बाद लिंडेल ने कई बिजनेस में हाथ आजमाया। उन्होंने कार्पेट क्लिनिंग का बिजनेस शुरू किया। इसके बाद उन्होंने सुअर पालन का काम शुरू किया। लेकिन मार्केट गिरने की वजह से उनका सबकुछ डूब गया। फिर लिंडेल ने एक बार में बारटेंडर की नौकरी शुरू की और यहां उन्हें ड्रग्स की लत लगी। ड्रग्स की वजह से उनकी पत्नी से तलाक हो गया और अपना घर भी गंवा बैठे। यहीं नहीं, उनका बिजनेस भी लगभग चौपट हो गया।

 

10 महीने बाद जागे लिंडेल

 

सब कुछ बर्बाद होने के बाद लिंडेल 10 महीने बाद नींद से जागे और अपने बिजनेस को बढ़ाने की शुरुआत की। 2011 में एक स्थानीय समाचार पत्र ने लिंडेल की कंपनी के बारे में छापा। इसके बाद लोकल स्तर पर उन्होंने तकिया बनाकर बेचना शुरू किया। लेकिन उसमें उन्हें ज्यादा सफलता नहीं मिली। फिर उन्हें एक रिटेल स्टोर ने अपने यहां तकिया बेचने की जगह का ऑफर दिया। पैसे नहीं होने की वजह से वो कहीं से 10.5 लाख रुपए (15000 डॉलर) उधार लिए, और अपना स्टोर खोला। क्रिसमस के दौरान उन्होंने 80 तकिये बेचे।
 
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2,100 करोड़ हुआ टर्नओवर
 
लिंडेल ने 16 जनवरी 2009 को एक आखिरी पार्टी के बाद शराब, कोकिन को हमेशा के लिए छोड़ दिया। उसके बाद अपना फोकस बिजनेस पर बढ़ाया और 5 कर्मचारियों से शुरू हुई कंपनी में कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 500 हो गई है। उनकी कंपनी मायपिलो सालाना 3 करोड़ तकिये बेच रही है और कंपनी रेवेन्यू 2,100 करोड़ रुपए (30 करोड़ डॉलर) तक पहुंच गया है।

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