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गार्डन रीच शिपबिल्डर्स का शेयर 13% डिस्काउंट के साथ 102.50 रु पर लिस्ट

BSE पर शेयर 11.86 फीसदी डिस्काउंट के साथ 104 रुपए प्रति शेयर पर लिस्ट हुआ।

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नई दिल्ली.  Stock Market: सरकारी कंपनी गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (Garden Reach Shipbuilders & Engineers) की शेयर बाजार में कमजोरी लिस्टिंग हुई। NSE पर शेयर इश्यू प्राइस से 13.13 फीसदी डिस्काउंट के साथ 102.50 रुपए प्रति शेयर के भाव पर लिस्ट हुआ। वहीं BSE पर शेयर 11.86 फीसदी डिस्काउंट के साथ 104 रुपए प्रति शेयर पर लिस्ट हुआ। इसका इश्यू प्राइस 118 रुपए प्रति शेयर था।

 

IPO को पहली बार नहीं मिला था रिस्पॉन्स

गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स के 345 करोड़ रुपए के आईपीओ को पहली बार में रिस्पॉन्स नहीं मिल था। 24 सितंबर से 26 सितंबर के दौरान आईपीओ सिर्फ 67% ही भर पाया था। इसके बाद कंपनी ने प्राइस बैंड घटाकर इश्यू को तीन दिन के लिए बढ़ा दिया था। एक्सटेंशन के बाद मुश्किल से आईपीओ पूरा भर पाया था, जिसमें विदेशी निवेशकों ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। 

 

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कंपनी का बिजनेस

 

गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स रक्षा क्षेत्र के लिए शिपयार्ड बनाती है। कंपनी ने अपने इंफ्रास्ट्रक्चर का मॉडर्नाइज्ड किया है। सरकार से कंपनी को अच्छा ऑर्डर मिलात है। 2013 में कंपनी ने नया इंटीग्रेटेड शिपबिल्डिंग फसेलिटी डेवलप किया है। इसके अलावा मेगा ब्लॉक इंटीग्रेशन के लिए यह नया हुल शॉप, मॉड्यूल शॉप, ड्राई डॉक और बिल्डिंग बर्थ बनाया है। कंपनी ने 11 जून 2018 को तरातला यूनिट में मॉर्डन पम्प टेस्ट बेड फसेलिटी का उद्घाटन किया है। 

 

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20,313 करोड़ का ऑर्डर बुक

 

कंपनी भारतीय नौसेना और कोस्ट गार्ड की जरूरतों को पूरा करती है। कंपनी के पास 20,313.6 करोड़ रुपए का ऑर्डर बुक है जो ज्यादातर रक्षा मंत्रालय से मिला है। 20,313.6 करोड़ के ऑर्डर में 19,300 करोड़ रुपए का तीन P17A-क्लास फ्रीगेट्स का अकेला ऑर्डर है।  अप्रैल 2023 में पहला P17A-क्लास फ्रीगेट्स ऑर्डर की डिलिवरी मिलने की उम्मीद है और बाकी की डिलिवरी 2025 तक होगी। फाइनेंशियल ईयर 2018 में कंपनी का रेवेन्यू 1346.5 करोड़ रुपए था। कंपनी 4 सर्वे वेसेल्स और 8 एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (ASWSWC) के 6000 करोड़ रुपए के ऑर्डर के लिए L1 बिडिर रही थी। मैनेजमेंट को अगले 9 वर्षों में इंडियन नेवी से नॉमिनेशन बेसिस और कम्पीटिटिव बिडिंग के जरिए 4.5 लाख करोड़ रुपए के ऑर्डर मिलने की उम्मीद है।

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