FPI ने 8 ट्रेडिंग सेशन में मार्केट से निकाले 12,671 करोड़, क्रूड में उछाल अहम वजह

इस निकासी की अहम वजह ग्लोबल स्तर पर क्रूड की कीमतों में तेजी और सरकारी सिक्युरिटीज के बॉन्ड यील्ड्स में बढ़ोतरी है। इस निकासी की अहम वजह ग्लोबल स्तर पर क्रूड की कीमतों में तेजी और सरकारी सिक्युरिटीज के बॉन्ड यील्ड्स में बढ़ोतरी है।
अप्रैल महीने में एफपीआई ने कैपिटल मार्केट (इक्विटी और डेट) से 15,500 करोड़ रुपए निकाले थे, जो 16 महीने में सबसे तेज निकासी थी। अप्रैल महीने में एफपीआई ने कैपिटल मार्केट (इक्विटी और डेट) से 15,500 करोड़ रुपए निकाले थे, जो 16 महीने में सबसे तेज निकासी थी।

फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (एफपीआई) ने भारतीय कैपिटल मार्केट से सिर्फ 8 ट्रेडिंग सेशन में 12,671 करोड़ रुपए की निकासी की है। एफपीआई की ओर से इस निकासी की अहम वजह ग्लोबल स्तर पर क्रूड की कीमतों में तेजी और सरकारी सिक्युरिटीज के बॉन्ड यील्ड्स में बढ़ोतरी को माना जा रहा है। अप्रैल महीने में एफपीआई ने कैपिटल मार्केट (इक्विटी और डेट) से 15,500 करोड़ रुपए निकाले थे, जो 16 महीने में सबसे तेज निकासी थी।

money bhaskar

May 13,2018 11:17:00 AM IST

नई दिल्ली. फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (एफपीआई) ने भारतीय कैपिटल मार्केट से सिर्फ 8 ट्रेडिंग सेशन में 12,671 करोड़ रुपए की निकासी की है। एफपीआई की ओर से इस निकासी की अहम वजह ग्लोबल स्तर पर क्रूड की कीमतों में तेजी और सरकारी सिक्युरिटीज के बॉन्ड यील्ड्स में बढ़ोतरी को माना जा रहा है। अप्रैल महीने में एफपीआई ने कैपिटल मार्केट (इक्विटी और डेट) से 15,500 करोड़ रुपए निकाले थे, जो 16 महीने में सबसे तेज निकासी थी।

क्या कहते हैं आंकड़े

डिपॉजिटरी डाटा के मुताबिक, फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (एफपीआई) ने 2 से 11 मई के दौरान इक्विटी से 4,030 करोड़ रुपए जबकि डेट मार्केट से 8,641 करोड़ रुपए निकाले हैं। इस तरह सिर्फ 8 ट्रेडिंग सेशन में कुल मिलाकर 12,671 करोड़ रुपए की निकासी हुई।

यील्ड्स बढ़ोतरी और क्रूड ऑयल में उछाल का असर

रिलायंस सिक्युरिटीज के हेड ऑफ रिसर्च राकेश तार्वे के मुताबिक, घरेलू मार्केट में यील्ड्स में बढ़ोतरी की वजह से एफपीआई इंडियन डेट मार्केट से अपना पैसा निकाल रहे हैं। वहीं क्रूड की बढ़ती कीमतों से भारतीय इकोनॉमिक का मैक्रोइकोनॉमिक फंडामेंट्ल में कमजोरी औऱ ग्लोबल यील्ड्स में बढ़ोतरी से इक्विटी से अपना निवेश निकाले हैं। इसके अलावा, आगामी विधानसभा चुनावों से पहले एफपीआई ने प्रॉफिट बुकिंग की है।

निवेशकों का सतर्क रुख

प्रभुदास लिलाधर के सीईओ अजय बोडके का कहना है कि अमेरिका-ईरान और कर्नाटक चुनावों के आउटकुम से पहले निवेशक सावधानी बरत रहे हैं। उन्होंने कहा, सबसे पहले अमेरिका द्वारा ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाने पर ग्लोबल स्तर पर क्रूड ऑयल कीमतें बढ़ने की संभावना है क्योंकि ईरान क्रूड के सबसे बड़े सप्लायर्स में से एक है। इससे भारत सहित सभी ऑयल इम्पोर्ट्स इकोनॉमी पर असर पड़ेगा और सीएडी, फिस्कल डेफिसिट, इम्पोर्टेड इंफ्लेशन पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा जो इकोनॉमिक ग्रोथ के लिए हेडविंड बनेगा।

दूसरा, कर्नाटक चुनावों में बीजेपी के पक्ष में नतीजे नहीं आने से विपक्ष सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना करेगा जो सरकार के फ्यूचर रिफॉर्म्स में अवरोधक बन सकता है। इसके उलट, बीजेपी के पक्ष में परिणाम आने पर 18 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के अगले दौर में गति आगे बढ़ाने पर फोकस करेगा।

इस साल अभी तक, एफपीआई ने इक्विटी में 4,400 करोड़ रुपए से ज्यादा निवेश किए हैं और डेट मार्केट से 19, 000 करोड़ रुपए से ज्यादा की निकासी की है।

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इस निकासी की अहम वजह ग्लोबल स्तर पर क्रूड की कीमतों में तेजी और सरकारी सिक्युरिटीज के बॉन्ड यील्ड्स में बढ़ोतरी है।इस निकासी की अहम वजह ग्लोबल स्तर पर क्रूड की कीमतों में तेजी और सरकारी सिक्युरिटीज के बॉन्ड यील्ड्स में बढ़ोतरी है।
अप्रैल महीने में एफपीआई ने कैपिटल मार्केट (इक्विटी और डेट) से 15,500 करोड़ रुपए निकाले थे, जो 16 महीने में सबसे तेज निकासी थी।अप्रैल महीने में एफपीआई ने कैपिटल मार्केट (इक्विटी और डेट) से 15,500 करोड़ रुपए निकाले थे, जो 16 महीने में सबसे तेज निकासी थी।
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