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FPI ने अक्टूबर में निकाले 26,600 करोड़, रुपए में गिरावट व क्रूड में उछाल का असर

इससे पहले जुलाई-अगस्त के दौरान निवेशकों ने 7,400 करोड़ रुपए का निवेश किया था।

Share Market: FPIs remain in sell off mode

नई दिल्ली। फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPI) अक्टूबर में लगातार दूसरे महीने बिकवाल बने हुए हैं और महीने के पहले दो सप्ताह में उन्होंने कैपिटल मार्केट से 26,600 करोड़ रुपए यानी 360 करोड़ डॉलर की निकासी की है।  FPI की ओर से निकासी की अहम वजह क्रूड की कीमतों में तेजी और रुपए में गिरावट रही। इससे पहले पिछले महीने विदेशी निवेशकों ने शेयर और डेट मार्केट से 21,000 करोड़ रुपए से अधिक की निकासी की। इससे पहले जुलाई-अगस्त के दौरान निवेशकों ने 7,400 करोड़ रुपए का निवेश किया था। 

 

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

डिपॉजिटरी आंकड़ों के मुताबिक, फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPIs) ने 1 से 12 अक्टूबर के दौरान शेयर बाजार से 17,935 करोड़ रुपए की निकासी की और डेट मार्केट से 8,645 करोड़ रुपए रुपए निकाले। इस प्रकार, उनकी कुल निकासी 26,580 करोड़ रुपए रही।


निकासी की वजह-

 

# वर्ल्ड इकोनॉमी की रफ्तार धीमी पड़ने की चिंता

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर ने कहा कि, अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वार से ग्लोबल मार्केट में वर्ल्ड इकोनॉमी की रफ्तार धीमी पड़ने से चिंता बढ़ी है। इसलिए एफपीआई निकासी कर रहे हैं। इसके अलावा, पिछले हफ्ते इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड (IMF) फंड द्वारा वर्ल्ड इकोनॉमी का आउटलुक डाउनग्रेड किए जाने और ग्रोथ रेट 3.7 फीसदी रहने के अनुमान से निवेशकों का सेंटीमेंट्स खराब हुआ है।

 

# क्रूड की कीमतों और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स में बढ़ोतरी

क्रूड ऑयल की कीमतों और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स में बढ़ोतरी और ग्लोबल स्तर पर डॉलर लिक्विडिटी की तंग स्थिति FPI निकासी की प्रमुख वजह रही। इसके चलते करेंसी, बॉन्ड और शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया।

 

#  IL&FS संकट ने डाला दबाव

बजाज कैपिटल के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एंड हेड इन्वेस्टमेंट एनालिस्ट अलोक अग्रवाल ने कहा,  यह बात ध्यान रखने वाली है कि सभी उभरते हुए बाजारों में इसी तरह की स्थिति है। यह सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। वास्तव में भारत पर इसका ज्यादा असर पड़ा क्योंकि वह अपने पेट्रोलियम जरूरतों के लिए इम्पोर्ट पर निर्भर है। IL&FS द्वारा कर्ज चूक ने गिरावट पर और दबाव डाला।

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