Home » Market » Stocksfinance cost shocks mukesh ambani company RIL

ब्याज की मार नहीं सह सके अंबानी, मिनटों में डूब गए 21 हजार करोड़

ब्याज के बढ़ते बोझ से आम आदमी ही नहीं बड़े-बड़े अरबपति नहीं भी बच पाते हैं।

1 of

नई दिल्ली. ब्याज के बढ़ते बोझ से आम आदमी ही नहीं बड़े-बड़े अरबपति नहीं भी बच पाते हैं। ऐसा ही कुछ देश के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के साथ भी हुआ। कंपनी द्वारा हाल में जारी नतीजों के मुताबिक उस पर फाइनेंस कॉस्ट बढ़कर 2500 करोड़ रुपए से ज्यादा हो गया है। इसका खामियाजा सोमवार को आरआईएल को भुगतना पड़ा और मिनटों में कंपनी की मार्केट कैप 21 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा घट गई।

 


लगभग 5 गुनी हुई फाइनेंस कॉस्ट

शुक्रवार को आरआईएल ने फाइनेंशियल ईयर 2018 की चौथी तिमाही नतीजे पेश किए थे। इसके अनुसार कंपनी की फाइनेंस कास्ट बढ़कर 2566 करोड़ रुपए हो गई है, जो फाइनेंशियल ईयर 2017 की चौथी तिमाही में 556 करोड़ रुपए थी। इसका असर कंपनी के शेयर पर पड़ा, जो 3.18 फीसदी गिरकर 963 रुपए पर बंद हुआ।

 

 

21 हजार करोड़ रु घटी मार्केट वैल्यू

रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर शुक्रवार को 994.75 रुपए के भाव पर बंद हुआ था। वहीं, सोमवार को शेयर 984.70 रुपए के भाव पर खुला जो कारोबार के दौरान 3.5 फीसदी कमजोर होकर 961.10 रुपए के भाव तक आ गया। इस लिहाज से आरआईएल की मार्केट कैप में लगभग 21 हजार करोड़ रुपए की कमी आ गई। शुक्रवार को बीएसई पर कंपनी की मार्केट कैप 630413 करोड़ रुपए के करीब थी। हालांकि बाद में यह गिरावट सीमित हो गई।

 

आगे भी पढ़ें 

 

 

कंपनी को 9435 करोड़ रुपए का मुनाफा

रिलायंस इंडस्ट्री के लिए फाइनेंशियल ईयर 2018 की चौथी तिमाही कारोबार के लिहाज से बेहतर रही है। इस दौरान कंपनी की आय 1 लाख करोड़ रुपए से ज्‍यादा रही। चौथी तिमाही में आरआईएल का मुनाफा 17.26 फीसदी बढ़कर 9435 करोड़ रुपए रहा है। वहीं, इस दौरान टेलिकॉम वर्टिकल Jio का मुनाफा 504 करोड़ से बढ़कर 510 करोड़ रुपए रहा है। चौथी तिमाही में आरआईएल का जीआरएम 11 डॉलर प्रति बैरल रहा है। कंपनी ने 6 रुपए प्रति शेयर डिविडेंड देने का ऐलान किया है।

 


PBDIT पहली बार 10 अरब डॉलर के पार

कंपनी का PBDIT (डेप्रिशिएशन इंटरेस्‍ट और टैक्‍स के बाद प्रॉफिट) पहली बार 10 अरब डालर के पार निकला। वित्‍त वर्ष 2017-18 के दौरान कंपनी की नेट रेवेन्‍यू 4,30,731 करोड़ रुपए रहा। इसमें 30.5 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। वित्‍त वर्ष 2016-17 के दौरान कंपनी की नेट रेवेन्‍यू 3,30,180 करोड़ रुपए थी। पिछले वित्‍त वर्ष के मुकाबले नेट प्रॉफिट में 20.6 फीसदी की ग्रोथ। कंपनी के पास नगदी के रूप में 78,063 रुपए है जो दिसबंर तिमाही में 78,617 करोड़ रुपए था। लायंस रिटेल का प्री-टैक्‍स प्रॉफिट 200 फीसदी बढ़ा।

 

आगे भी पढ़ें 

 

 

रिटेल और डिजिटल में ग्रोथ की अपार संभावनाएं

रिजल्‍ट के बाद मुकेश अंबानी ने कहा कि रिटेल और डिजिटल में ग्रोथ की अपार संभावनाएं हैं। इन सेक्‍टर में निवेशकों को फायदा होगा। मुकेश अंबानी ने बताया कि Jio पहले साल ही मुनाफे में आया। उन्‍होंने कहा कि Jio का कॉल ड्रॉप टेलिकॉम इंडस्‍ट्री में सबसे कम है।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट