Jet Airways को बचाने के लिए आगे आई Etihad, कर सकती है नया निवेश

कर्ज में डूबी जेट एयरवेज (Jet Airways) को मुश्किलों से उबारने के लिए एतिहाद एयरवेज (Etihad Airways) आगे आती दिख रही है। रॉयटर्स के मुताबिक संयुक्त अरब अमीरात की एयरलाइन रिस्क्यू प्लान के लिए जेट एयरवेज और उसके बैंकर्स के साथ बातचीत कर रही है। जेट को हाल में डॉमेस्टिक मार्केट की अपनी 14 फ्लाइट कैंसिल करनी पड़ी थीं।

moneybhaskar

Dec 05,2018 11:13:00 AM IST

नई दिल्ली. कर्ज में डूबी जेट एयरवेज (Jet Airways) को मुश्किलों से उबारने के लिए एतिहाद एयरवेज (Etihad Airways) आगे आती दिख रही है। रॉयटर्स के मुताबिक संयुक्त अरब अमीरात की एयरलाइन रिस्क्यू प्लान के लिए जेट एयरवेज और उसके बैंकर्स के साथ बातचीत कर रही है। जेट को हाल में डॉमेस्टिक मार्केट की अपनी 14 फ्लाइट कैंसिल करनी पड़ी थीं।

जेट के कैश फ्लो और बिजनेस प्लान पर चर्चा

सूत्रों के मुताबिक एतिहाद और जेट के अधिकारी हाल के दिनों में एयरलाइन के बैंकर्स से मुंबई में मुलाकात कर चुके हैं। उन्होंने कैश फ्लो की दिक्कत और एयरलाइन के फ्यूचर बिजनेस प्लान पर चर्चा की। एतिहाद की जेट एयरवेज में 24 फीसदी हिस्सेदारी है। सूत्रों ने कहा कि अगर स्ट्रक्चर पर सहमति बनती है तो यूएई की कंपनी नई पूंजी के निवेश पर विचार कर सकती है। हालांकि अभी तक किसी डील पर मुहर नहीं लगी है।

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कैश की तंगी से जूझ रही है जेट

मार्केट शेयर के मामले में भारत की सबसे बड़ी फुल सर्विस करियर जेट इन दिनों कैश की भारी तंगी से जूझ रही है। नरेश गोयल द्वारा स्थापित 25 साल पुरानी इस एयरलाइन पर पट्टादाताओं और वेंडर्स का खासा पैसा बकाया है। वह पायलट और वरिष्ठ अधिकारियों को सैलरी देने में खासी देरी कर चुकी है। कंपनी अपने नॉन प्रॉफिटेबल रूट्स पर लगातार फ्लाइट्स की संख्या में कटौती कर रही है।

इन वजहों से बढ़ीं जेट की मुश्किलें

हाल के महीनों दुनिया का सबसे तेजी से उभरते एविएशन मार्केट फ्यूल की ऊंची कीमतों, कमजोर होते रुपए और देश में छिड़ी प्राइस वार से जेट एयरवेज की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वैसे भी भारतीय बाजार में नो-फ्रिल यानी किफायती सेवा देने वाली एयरलाइंस के वर्चस्व के बीच जेट एयरवेज के लिए टिका रहना मुश्किल हो रहा है।

एतिहाद एक बार पहले भी जेट को बचाने के लिए आगे आ चुकी है, जब उसने वर्ष 2013 में भारतीय एयरलाइन की 24 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया था। हालांकि इस बार हालात काफी अलग हैं।
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