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ElectroSteel ने 1 लाख को बना दिया 50 लाख, 3 महीने में 5000% बढ़ा शेयर

टाटा को पीछे कर वेदांता ने जीती थी बोली।

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नई दिल्ली.   स्टॉक मार्केट ऐसी जगह है, जहां अपने निवेश पर कम समय में ज्यादा मुनाफा कमाया जा सकता है। हालांकि इसके लिए आपको सही स्टॉक्स चुनने के साथ मार्केट के कुछ बेसिक रूल्स पर ध्‍यान देना होगा। सही स्टॉक्स को चुनकर एक साल या इससे भी कम समय में अपना पैसा डबल किया जा सकता है। ऐसा कर्ज में दबी इलेक्ट्रोस्टील स्टील्स (ElectroSteel Steels) के शेयरों में देखने को मिला है। इलेक्ट्रोस्टील स्टील्स का शेयर 3 महीने में 5000 फीसदी से ज्यादा बढ़ा है। इसमें लगाए गए निवेशकों के 1 लाख सिर्फ 3 महीने में 50 लाख रुपए बन गए। इतना रिटर्न शायद ही निवेश के अन्य विकल्पों में मिलने की संभावना है।

 

टाटा को पीछे कर वेदांता ने जीती थी बोली

ElectroSteel स्टील्स ने बैंकों से 14 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। कंपनी ने 14 बैंकों से कुल 14 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। कर्ज नहीं चुका पाने की स्थिति में बैंकों ने इलेक्ट्रोस्टील स्टील्स लिमिटेड की फैक्ट्री को अपने अधीन कर लिया था। फिर एसबीआई और अन्य क्रेडिटर्स ने इलेक्ट्रोस्टील के खिलाफ नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में इनसॉल्वेंसी की कार्रवाई शुरू की थी। ElectroSteel Steels को खरीदने की रेस में टाटा स्टील, इडलवाइज ऑल्टरनेटिव एसेट्स एडवाइजर्स और रीनेंसस स्टील भी शामिल थीं। हालांकि अनिल अग्रवाल समूह की कंपनी वेदांता ने सबसे ज्यादा 5,300 करोड़ रुपए का ऑफर देकर कंपनी को खरीद ली।

 

रीनेसंस की आपत्ति खारिज

नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्‍यूनल (NCLAT) ने कहा कि कर्ज में फंसी कंपनी इलेक्ट्रोस्टील को खरीदने के लिए अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता द्वारा लगाई गई बोली पात्र है। उसने प्रतिस्पर्धी रीनेसंस स्टील की आपत्ति को खारिज कर दिया कि IBC के तहत वेदांता बोली लगाने के योग्य नहीं है।

 

10 साल पहले इलेक्ट्रोस्टील की रखी गयी थी नींव

इलेक्ट्रोस्टील स्टील्स लिमिटेड की नींव साल 2008 में रखी गयी थी और उत्पादन वर्ष 2012 में शुरू किया गया था। इलेक्ट्रोस्टील लिमिटेड री पेमेंट करने की स्थिति में नहीं था। 2012 से कंपनी सालाना 1.51 मिलियन टन स्टील का उत्पादन कर रही है। यहां टीएमटी बार, वॉयर रॉड, पिग आयरन, डीआई पाइप व बिलेट्स का उत्पादन होता है।

 

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(नोट- यह निवेश की सलाह नहीं है। यहां शेयर का परफॉर्मेंस दिया गया है। निवेश से पहले अपने स्तर पर या अपने एक्सपर्ट्स के जरिए किसी भी तरह की सलाह की जांच कर लें। मार्केट में निवेश के अपने जोखिम हैं, इसलिए सतर्कता जरूरी है।)

3 महीने में 1 लाख बना 50 लाख रु

 

इलेक्ट्रोस्टील स्टील्स लिमिटेड का शेयर 3 महीने में 5000 फीसदी से ज्यादा बढ़ा है। 10 मई 2018 से को इलेक्ट्रोस्टील के एक शेयर की कीमत 1.37 रुपए थी। जो 9 अगस्त 2018 को बढ़कर 70.70 रुपए के भाव पर पहुंच गया। इस तरह सिर्फ 3 महीने में शेयर में 5060 फीसदी ग्रोथ दर्ज की गई। यानी निवेशकों के इसमें लगाए गए 1 लाख रुपए 3 महीने में बढ़कर 50 लाख रुपए हो गए होंगे।

 

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चंदनकियारी में है प्लांट 
 
बोकारो के चंदनकियारी में स्थित यह प्लांट घाटे से जूझ रही थी। बताया जा रहा है कि उत्पादन कार्य प्रारंभ होते ही कंपनी को प्रथम आर्थिक चोट तब पहुंची जब मार्च 2015 में कंपनी का कोल ब्लॉक असमय ही काल का ग्रास बनकर बंद हो गया। इसके कुछ समय बाद मई 2016 में ऑक्सीजन प्लांट में ब्लास्ट हो गया, इससे कंपनी को काफी आर्थिक नुकसान हुआ। इसी बीच स्टील बाजार में काफी गिरावट आने से भी कंपनी को काफी नुकसान हुआ। उत्पाद कार्य पर काफी बुरा प्रभाव पड़ा।

 

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