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PNB फ्रॉड से डूबे सरकारी बैंकों के निवेशक, जानें आपको कितना हुआ नुकसान

PNB फ्रॉड के चलते सरकारी बैंकों के निवेशकों को बेवजह भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

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नई दिल्‍ली. PNB फ्रॉड के चलते सरकारी बैंकों के निवेशकों को बेवजह भारी नुकसान उठाना पड़ा है। उनका हजारों करोड़ रुपए इसी डर में डूब गया कि कहीं यह घोटाला अन्‍य बैंकों को भी अपनी चपेट में न ले ले। हालांकि पीएनबी फ्रॉड का दायरा तो नहीं बढ़ा, लेकिन कई बैंकों के दूसरे घोटाले इस दौरान सामने आ गए। अब सरकार ने भी घोषणा कर दी है कि सभी सरकारी बैंकों को 50 करोड़ रुपए से ज्‍यादा लोन को लेकर कड़ी जांच करनी होगी। हालांकि इसके लिए सराकर ने 15 दिन का समय दिया है, लेकिन निवेशकों के मन में डर है कि कहीं और घोटाले सामने आ गए तो क्‍या होगा। यही कारण है कि सरकारी बैंकों में गिरावट अभी तक थमती नहीं लग रही है।

 

56 हजार करोड़ रुपए से ज्‍यादा का नुकसान

14 फरवरी को फ्रॉड सामने आने के बाद से 11 सरकारी बैंकों का मार्केट कैप में 56251 करोड़ रुपए की कमी आई है। सबसे ज्यादा नुकसान पंजाब नैशनल बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को हुआ है।  एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकारी बैंकों में आइटलुक न्यूट्रल बन गया है। कम से कम अगले 2 तिमाही तक सेक्टर पर दबाव रहेगा।

 

 

एक महीने में 42% तक टूटे शेयर

पिछले एक महीने में निफ्टी पर पीएसयू बैंक इंडेक्स में 18 फीसदी से ज्यादा गिरावट रही है। सबसे ज्यादा गिरावट पीएनबी के शेयर में 42 फीसदी रही है। एसबीआई  में 16 फीसदी, बैंक ऑफ बड़ौदा में 15 फीसदी, केनरा बैंक में 16 फीसदी, आंध्रा बैंक में 16 फीसदी, बैंक ऑफ इंडिया में 31 फीसदी, इंडियन बैंक में 14 फीसदी, एलाहाबाद बैंक में 25 फीसदी, सिंडिकेट बैंक में 19 फीसदी, ओबीसी में 18 फीसदी और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में 25 फीसदी गिरावट रही है। सिर्फ आईडीबीआई में 28 फीसदी की तेजी रही है।

 

जानें किसी बैंक का कितना गिरा शेयर

 

बैंक

12 फरवरी

1 मार्च

पंजाब नैशनल बैंक

161 रु

101 रु

भारतीय स्‍टेट बैंक

288 रु

262 रु

बैंक ऑफ बड़ौदा

168 रु

138 रु

बैंक ऑफ इंडिया

144 रु

113 रु

इंडियन बैंक

356 रु

317 रु

सिंडीकेट बैंक

66 रु

60 रु

इलाहाबाद बैंक     

61 रु

51 रु

कैनरा बैंक

328 रु

290 रु

आंध्रा बैंक

49 रु

45 रु

 

डाटा 12 फरवरी से 1 मार्च 2018 के बीच का।
 

 

आगे पढ़ें : किस बैंक में हुआ कितने करोड़ रुपए का नुकसान



 

न्यूट्रल हुआ PSU बैंक सेक्टर का आउटलुक

कैपिटेल सिंडिकेट के डायरेक्टर पशुपति सुब्रमण्‍यम का कहना है कि पीएसयू बैंकों में अभी अनिश्चितता बनी हुई है। पहले एनपीए और मैनेजमेंट का इश्‍यू था, वहीं अब पीएसयू बैंकों में घोटाले सामने आने लगे हैं। ये घोटाले कहां तक जाएंगे, अभी पता नहीं चल रहा है। फ्रॉड के मामले आने से सरकार के भी उन प्रयासों को झटका लगा है, जिनके जरिए सरकारी बैंकों के रिवाइवल का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल बैंकों का आउटलुक न्यूट्रल बन गया है।

 

किस बैंक में डूबे निवेशकों के कितने पैसे

 

बैंक

घटा मार्केट कैप

SBI

22490 करोड़ रुपए

PNB

14553 करोड़ रुपए

बैंक ऑफ बड़ौदा

6924 करोड़ रुपए

कैनरा बैंक

2231 करोड़ रुपए

आंध्रा बैंक

309 करोड़ रुपए

बैंक ऑफ इंडिया

3770 करोड़ रुपए

इंडियन बैंक

1868 करोड़ रुपए

इलाहाबाद बैंक

760 करोड़ रुपए

सिंडिकेट बैंक

520 करोड़ रुपए

OBC

478 करोड़ रुपए

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया

2049 करोड़ रुपए

 

डाटा 12 फरवरी से 1 मार्च 2018 के बीच का।

 

 

क्या करें निवेशक

पशुपति का कहना है कि अभी कम से चौथी तिमाही तक तो सरकारी बैंकों पर दबाव बना रहेगा। आगे उनकी अर्निंग कैसी रहती है, सरकार रिवाइवल के लिए और क्या करती है, बैड एसेट्स की दिक्कत कैसे दूर होती है, इन सभी बातों पर ही बैंकों का आउटलुक निर्भर है। फिलहाल नए निवेश को लेकर स्टॉक से निवेशकों को दूर रहना चाहिए। वहीं, जिनके पास पहले से बैंकों के शेयर हैं, उन्हें अभी होल्ड कर रिकवरी का इंतजार करना चाहिए।

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