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नोटबंदी के 2 साल: निवेशकों के 1 लाख बने 23 लाख, यहां मिला बंपर रिटर्न

नोटबंदी के दौरान शेयर में मिला 2300 फीसदी तक रिटर्न।

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नई दिल्ली।  नोटबंदी ( Demonetisation) को आज दो साल पूरा हो चुका है। 8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 के नोट बंद करने का ऐलान किया था। इसका मकसद ब्लैक मनी पर काबू करने के अलावा डिजिटल इकोनॉमी को बढ़ावा देना था। नोटबंदी के दो साल के दौरान शेयर बाजार में अच्छी ग्रोथ देखने को मिली। इन दो वर्षों में जहां सेंसेक्स में 28 फीसदी तेजी आई। वहीं कुछ स्टॉक ऐसे रहे जिसने निवेशकों को 2300 फीसदी तक रिटर्न दिए। निवेश के अन्य विकल्पों से कई गुना ज्यादा रिटर्न शेयर बाजार में मिले।

 

निवेशकों की दौलत 30 लाख करोड़ रु बढ़ी

नोटबंदी के दो साल में शेयर बाजार में निवेशकों की दौलत 30 लाख करोड़ रुपए बढ़ी। 8 नवंबर 2016 को BSE पर लिस्टेड कुल कंपनियों का मार्केट कैप 111.44 लाख करोड़ रुपए था। जो 7 नवंबर 2018 को 30.23 लाख करोड़ रुपए बढ़कर 141.67 लाख करोड़ रुपए हो गया।

 

सेंसेक्स और निफ्टी ने बनाया ऑलटाइम हाई

इस दौरान सेंसेक्स और निफ्टी ने ऑलटाइम हाई स्तर को छूआ। 29 अगस्त 2018 को सेंसेक्स 38,989.65 के ऑलटाइम हाई स्तर पर पहुंचा। वहीं निफ्टी ने 11,760.20 के स्तर तक दस्तक दी।

 

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HEG लिमिटेड
रिटर्न:
2300%

 

- नोटबंदी के दो साल के दौरान ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड्स बनाने वाली देश की अग्रणी कंपनी HEG Ltd के शेयर ने निवेशकों को मालामाल किया है। ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड्स बनाने का दुनिया का सबसे बड़ा प्लांट एचईजी के पास है। कंपनी की सालाना उत्पादन की क्षमता 80,000 MT है। कंपनी का 80 फीसदी रेवेन्यू ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड्स के बिजनेस से आता है।
- 8 नवंबर 2016 को HEG के शेयर की कीमत 173.90 रुपए प्रति शेयर थी। वहीं 7 नवंबर 2018 को शेयर 4191.75 रुपए पर बंद हुआ। दो साल में शेयर में 2300 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई। यानी निवेशकों के इसमें लगाए 1 लाख रुपए दो साल में 23 लाख रुपए बन गए।

दो साल में 16,478.87 करोड़ बढ़ी दौलत

- ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड मैन्युफैक्चर करने वाली देश की अग्रणी कंपनी का मार्केट कैप 8 दिसंबर 2016 को 271 करोड़ रुपए था। वहीं 7 दिसंबर 2018 को कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 16,749.87 करोड़ रुपए पहुंच गया।  इस हिसाब से दो साल में ही कंपनी की कुल दौलत 16,478.87 करोड़ रुपए बढ़ी।


इंडियाबुल्स वेंचर्स
रिटर्न:
1646%

 

- इंडियाबुल्‍स वेंचर्स सिक्‍युरिटीज, कमोडिटीज और करंसी ब्रोकिंग सर्विस देने वाली अग्रणी कंपनी है। कंज्यूमर फाइनेंस बिजनेस में बढ़ोतरी कंपनी के शेयर्स बढ़े हैं। कंपनी ने डिस्बर्समेंट में तेजी लाने के लिए धनी एप्प लॉन्च किया।
- 8 नवंबर 2016 को शेयर 23.63 रुपए के भाव पर था। वहीं 7 नवंबर 2018 को शेयर 412.65 रुपए पर बंद हुआ। नोटबंदी के दो साल के दौरान इंडियाबुल्‍स वेंचर्स के शेयरों में 1,646 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया। यानी निवेशकों के इसमें लगाए 1 लाख रुपए दो साल में 16.46 लाख रुपए बन गए।

2 साल में 23,534.91 करोड़ बढ़ा मार्केट कैप

नोटबंदी के दो साल में इंडियाबुल्‍स वेंचर्स के मार्केट कैप में 23,534.91 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई।  8 नवंबर 2016 को कंपनी का मार्केट कैप 1,429.56 रुपए था। वहीं 7 नवंबर 2018 को मार्केट कैप 24,964.47 करोड़ रुपए रहा।

 

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ग्रेफाइट इंडिया लिमिटेड
रिटर्न: 1193%

 

- ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड्स की मैन्युफैक्चरिंग कंपनी ग्रेफाइट इंडिया लिमिटेड के शेयर ने भी दो साल में निवेशकों को मालामाल कर दिया है। इसमें निवेशकों के लगाए 1 लाख रुपए नोटबंदी के बाद अब 11.93 लाख रुपए बन गए हैं।
- 8 नवंबर 2016 को बीएसई पर शेयर की कीमत 76.95 रुपए थी, जो 7 नवंबर 2018 को 995.30 रुपए के भाव पर पहुंच गया। यानी दो साल में शेयर में 1193 फीसदी का रिटर्न मिला है।

 

17942.32 करोड़ बढ़ी कंपनी की दौलत

 

दो साल में ग्रेफाइट इंडिया की दौलत में 17942.32 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई। 8 नवंबर 2016 को ग्रेफाइट इंडिया का मार्केट कैप 1,503.41 करोड़ रुपए था। वहीं 7 नवंबर 2018 को कंपनी का मार्केट कैप 19,445.73 करोड़ रुपए हो गया।

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