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बच्‍चों की पढ़ाई हुई महंगी, चुपके से सरकार ने दिया झटका

सरकार ने सफाई जारी कर कहा है कि हॉस्‍टलों और कॉलेजों की केंटीन पर GST लागू है।

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नई दिल्‍ली. सरकार की एक सफाई से बच्‍चों की पढ़ाई महंगी हो गई है। GST लागू करते वक्‍त सरकार ने कहा था कि इसका पढ़ाई पर असर नहीं पड़ेगा, लेकिन अब सच्‍चाई सच्‍चाई सामने आई है। शिक्षा व्‍यवस्‍था से जुड़े लोगों ने सरकार से सफाई मांगी थी, जिसमें खुलासा हुआ कि दो ऐसी जगहें जहां GST लागू किया गया है। GST लागू होने के 6 माह बाद सरकार ने यह बताया है। 

 

 

कैसे होगी पढ़ाई महंगी 
सरकार ने सफाई जारी कर कहा है कि हॉस्‍टलों और कॉलेजों की केंटीन पर GST लागू है। इन दोनों पर 5 फीसदी की दर से GST देना होगा। इससे स्‍कूलों और कालेजों के हॉस्‍टलों में रहने वालों की बच्‍चों की फीसदी बढ़ जाएगी। इसके अलावा स्‍कूलों और कॉलेजों में चलने वाली केंटीनों पर भी GST लागू है। यहां पर 5 फीसदी की दर से GST  देना होगा। इन दोनों जगहों पर जीएसटी लागू होने से बच्‍चों की पढ़ाई का हर माह का बिल काफी बढ़ जाएगा। 

 

 

CBEC ने जारी किया क्‍लैरिफिकेशन 
सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्‍साइज एंड कस्‍टम (CBEC) ने एक क्‍लैरिफिकेशन जारी किया है। विभाग का कहना है कि उससे लगातार इस संबंध में पूछा जा रहा था, जिसके बाद उसने यह क्‍लैरिफिकेशन जारी किया है। विभाग ने साफ किया है कि यह केंटीन चाहे कॉलेज चला रहे हों या कोई कांट्रैक्‍टर सभी पर 5 फीसदी GST लागू होगा। यही नहीं इस 5 फीसदी GST पर इनपुट टैक्‍स क्रेडिट का लाभ नहीं मिलेगा। 

 

 

जीएसटी में हैं 4 टैक्‍स स्‍लैब 
GST 1 जुलाई 2017 को लागू किया गया था। इसमें टैक्‍स के 4 स्‍लैब हैं। इसमें सबसे कम 5 फीसदी, फिर 12, 18 और 28 फीसदी के स्‍लैब हैं। जीएसटी लागू होने के बाद सभी तरह के टैक्‍स खत्‍म होकर इसमें आ गए हैं। 

 

 

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केबल आपरेर्ट्स पर लागू है 18 फीसदी GST
हॉस्‍टल में पढ़ाई के बाद बच्‍चे टीवी देखना ही पसंद करते हैं। सरकार ने केबल आपरेटर्स पर 18 फीसदी जीएसटी लागू किया है। इसका भार भी बच्‍चों पर पड़ रहा है। कोलकाता के केबल आपरेटरों ने सरकार से मांग की है कि इसे घटा कर 5 फीसदी किया जाए। 

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