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चंदा कोचर FLO के कार्यक्रम नहीं होंगी शामिल, वीडियोकॉन लोन विवाद में आया है नाम

ICICI बैंक की एमडी और सीईओ चंदा कोचर ने फिक्‍की लेडीज आर्गनाइजेशन FLO के कार्यक्रम में शामिल नहीं होने का फैसला किया है।

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नई दिल्‍ली. ICICI बैंक की एमडी और सीईओ चंदा कोचर ने फिक्‍की लेडीज आर्गनाइजेशन (FLO) के कार्यक्रम में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। आजकल इनका नाम वीडियोकॉन लोन विवाद की वजह से चर्चा में है। इस कार्यक्रम में राष्‍ट्रपति राम नाथ कोविन्‍द को शामिल होना है। यह कार्यक्रम 5 अप्रैल को होने वाला है। 

 

FLO ने इस बात की दी जानकारी
FLO की कार्यकारी डायरेक्‍टर रश्मि सरिता ने इस बात की जानकारी दी है। उन्‍होंने बताया कि वह गेस्‍ट ऑफ ऑनर थी, लेकिन उन्‍होंने अपना नाम वापस ले लिया है। हालांकि सरिता ने उनके नाम वापस लेने का कोई कारण नहीं बताया है। FLO फिक्‍की की महिला बिजनेस विंग है।

 

वीडियाकाॅन लोन विवाद की सीबीआई कर रही है जांच
वीडियोकॉन को 3250 करोड़ रुपए लोन देने में गड़बड़ी के आरोपों की सीबीआई प्रारंभिक जांच कर रही है। यह लोन 2012 में दिया गया था। आरोप है कि इस लोन से चंदा कोचर के पति दीपक कोचर को फायदा हुआ था। आरोप है कि वीडियोकॉन के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत ने 64 करोड़ रुपए का निवेश न्‍यू पॉवर में किया था, जिसका मालिकाना हक दीपक कोचर का है। यह लोन बैंकों के एक समूह ने दिया था, जिसमें आईसीआईसीआई बैंक भी शामिल था।

 

 

ICICI बैंक का गड़बड़ी से इनकार
ICICI बैंक देश का तीसरा सबसे बड़ा निजी बैंक है। बैंक के बोर्ड ने इस लोन को देने में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। यह लोन बैंकों के एक समूह ने दिया था, जिसमें ICICI बैंक सिर्फ एक सदस्‍य था। बैंक के बोर्ड ने चंदा कोचर का बचाव करते हुए कहा कि उन पर लगाए जा रहे आरोपों में दम नहीं है।
 

क्‍या है न्‍यूपावर  
न्‍यूपावर रिन्‍यूएबल की स्‍थापना साल 2008 में हुई थी। कंपनी ने विंड पावर प्रोजेक्‍ट्स की दिशा में काम शुरू किया। अब तक कंपनी लगभग 200 मेगावाट विंड पावर प्रोजेक्‍ट्स लगा चुकी है, जबकि लगभग 500 मेगावाट के विंड पावर प्रोजेक्‍ट्स पर काम चल रहा है। कंपनी का टारगेट है कि आने वाले पांच सालों में 1000 मेगावाट विंड पावर जनरेशन शुरू कर दिया जाए।

 

2009 में बनी थी सीइओ
साल 2008 में दीपक कोचर ने कंपनी शुरू की थी, उस समय चंदा कोचर आईसीआईसीआई की ज्‍वाइंड एमडी और सीएफओ थी, हालांकि दीपक कोचर की कंपनी को पंजाब नेशनल बैंक ने लगभग 750 करोड़ रुपए का लोन दिया था। चंदा कोचर 2009 में बैंक की सीइओ और एमडी बनीं।

 

 

कितने में शुरू हुई कंपनी
मिनिस्‍ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स के डाटा के मुताबिक, न्‍यूपावर 5.90 करोड़ पेड अप कैपिटल से शुरू हुई, जबकि अब कंपनी की ऑथराइज्‍ड कैपिटल 460 करोड़ रुपए है।

 

 

ये हैं चार डायरेक्‍टर
कोचर के अलावा कंपनी के तीन और डायरेक्‍टर हैं। इनमें प्रेम गुल रजनी, चेतन विनय महरोत्रा और ली सिन वी शामिल हैं।

 

 

क्‍या है धूत से कनेक्‍शन
दरअसल, वीडियोकॉन के मालिक वेणूगोपाल धूत 2008 में न्‍यूपावर के को-फाउंडर थे। लेकिन 2009 में उन्‍होंने कंपनी छोड़ दी और दीपक कोचर अकेले कंपनी चलाने लगे। आरोप है कि धूत को आईसीआईसीआई से लोन दिलाने में दीपक कोचर ने मदद कराई और जब 2810 करोड़ रुपए बैंक को नहीं लौटाया गया और बाद में वीडियोकॉन की मदद से बनी एक कंपनी दीपक कोचर की अगुवाई वाले ट्रस्ट के नाम कर दी गई।

 

 

कौन है दीपक कोचर
न्‍यूपावर की वेबसाइट के मुताबिक, दीपक कोचर के पास फाइनेंस में मास्‍टर डिग्री है और वह हावर्ड बिजनेस स्‍कूल के ग्रेजुएट हैं। उन्‍हें फाइनेंशियल सर्विसेज और रिन्‍यूएबल एनर्जी सेक्‍टर का 20 साल का एंटरप्रिन्‍योरल एक्‍सपीरियंस है।

 

 

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