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BSE ने एक साल में कराई 8.83 लाख करोड़ की कमाई, 5700 अंक उछला सेंसेक्स

निवेशकों को लगातार तीसरे साल मिला 10 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न

BSE gives more then 8 lakh crore rupee return to investors

BSE gives more then 8 lakh crore rupee return to investors:  शेयर बाजार की बड़ी कंपनियों ने चालू वित्त वर्ष में लगातार तीसरे साल 10 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है और इस दौरान बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 5,704.23 अंक उछलकर 38,672.91 अंक पर बंद हुआ। इस दौरान बीएसई ने निवेशकों को 8.83 लाख करोड़ रुपए का मुनाफा दिया।

नई दिल्ली। शेयर बाजार की बड़ी कंपनियों ने चालू वित्त वर्ष में लगातार तीसरे साल 10 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है और इस दौरान बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 5,704.23 अंक उछलकर 38,672.91 अंक पर बंद हुआ। इस दौरान बीएसई ने निवेशकों को 8.83 लाख करोड़ रुपए का मुनाफा दिया। 

सेंसेक्स ने छुआ 38 हजार अंकों को मनोवैज्ञानिक स्तर
सेंसेक्स के लिए मौजूदा वित्त वर्ष उपलब्धियों भरा रहा। इस दौरान सेंसेक्स ने 38 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर के पार पहुंच गया। यह 29 अगस्त 2018 को 39 हजार अंक के बेहद करीब पहुंचा और कारोबार के दौरान 38,989.65 अंक को छूने में कामयाब रहा। इससे एक दिन पहले 28 अगस्त को ही यह सर्वकालिक उच्चतम स्तर 38,896.63 अंक पर बंद हुआ था। वित्त वर्ष 2018-19 के अंतिम कारोबारी दिवस पर शुक्रवार को सेंसेक्स 127.19 अंक की तेजी में 38,672.91 अंक पर बंद हुआ। इससे पहले 31 मार्च 2018 को समाप्त वित्त वर्ष के अंतिम कारोबारी दिन यह 32,968.68 अंक पर बंद हुआ था। इस प्रकार एक साल में यह 17.30 प्रतिशत चढ़ा जो वित्त वर्ष 2014-15 (24.89 प्रतिशत) के बाद सर्वाधिक बढ़त है। 

निफ्टी ने भी दिया बेहतरीन रिटर्न
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी ने भी 2016-17 के बाद का सबसे बेहतरीन रिटर्न दिया। वर्ष 2017-18 में 10.25 प्रतिशत चढ़ने के बाद चालू वित्त वर्ष में यह 14.93 प्रतिशत की बढ़त बनाने में कामयाब रहा। पिछले वित्त वर्ष के अंतिम कारोबारी दिवस पर 10,113.70 अंक पर बंद होने वाला निफ्टी शुक्रवार को 11,623.90 अंक पर बंद हुआ। इस प्रकार इसमें 1,510.20 अंक यानी 14.93 प्रतिशत की तेजी रही। 

छोटी-मझोली कंपनियों के लिए अच्छा नहीं रहा वित्त वर्ष
बड़ी कंपनियों के विपरीत छोटी तथा मंझोली कंपनियों में निवेश करने वालों के लिए मौजूदा वित्त वर्ष उतना अच्छा नहीं रहा। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप दोनों में साल के दौरान गिरावट रही। पिछले साल 31 मार्च को समाप्त गत वित्त वर्ष में 1,865.94 अंक की बढ़त में 15,962.59 अंक पर बंद होने वाली बीएसई का मिडकैप चालू वित्त वर्ष में 482.97 अंक लुढ़ककर 15,479.62 अंक पर बंद हुआ। छोटी कंपनियों का सूचकांक स्मॉलकैप भी 1,967 अंक फिसलकर 15,027.36 अंक पर बंद हुआ। पिछले वित्त वर्ष मे 2,560.50 अंक की बढ़त बनाता हुये यह 16,994.36 अंक पर पहुँचने में कामयाब रहा था। 

बीएसई का पूंजीकरण 6.21 प्रतिशत बढ़ा
वित्त वर्ष के दौरान बीएसई का कुल बाजार पूंजीकरण 6.21 प्रतिशत बढ़ा। पिछले वित्त वर्ष के अंतिम कारोबारी दिवस पर यह 1,42,24,996.97 करोड़ रुपए रहा था, जो शुक्रवार को 1,51,08,711.01 अंक पर पहुंच गया। इस प्रकार इसमें 8,83,714.04 करोड़ रुपए की वृद्धि हुई।

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