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एयरटेल का प्रॉफिट 15 साल के निचले स्तर पर, 78% घटकर रह गया 83 करोड़ रु

भारतीय एयरटेल को एक बार फिर तगड़ा झटका लगा है।

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नई दिल्ली. भारतीय एयरटेल को एक बार फिर तगड़ा झटका लगा है। मार्च, 2018 में समाप्त क्वार्टर के दौरान कंपनी का प्रॉफिट लगभग 78 फीसदी घटकर 82.90 करोड़ रुपए रह गया, जबकि बीते साल समान क्वार्टर के दौरान 373 करोड़ रुपए का प्रॉफिट हुआ था। वहीं दिसंबर, 2017 में समाप्त तिमाही के दौरान कंपनी को 305 करोड़ रुपए का प्रॉफिट हुआ था। रिजल्ट के साथ कंपनी ने शेयरहोल्डर्स को प्रति शेयर 2.50 रुपए डिविडेंड देने का भी ऐलान किया। भारती एयरेटल के इंडि‍या ऑपरेशंस ने 15 सालों में पहली बार नेट लॉस दर्ज कि‍या है। 

वहीं देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी के मार्च क्वार्टर के कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू में 10.48 फीसदी की कमी दर्ज की गई, जो घटकर 19,634.30 करोड़ रुपए रह गया। वहीं मार्च, 2017 में समाप्त क्वार्टर के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 21,934.60 करोड़ रुपए रहा था। 

 

760 करोड़ रुपए का स्टैंडअलोन लॉस
वित्त वर्ष 18 के चौथे क्वार्टर के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन नेट लॉस 760.20 करोड़ रुपए रहा, जबकि बीते वित्त वर्ष के दौरान कंपनी का नेट लॉस 14,176 करोड़ रुपए रहा था। इससे पिछले यानी 31 मार्च, 2017 को समाप्त क्वार्टर के कंपनी का नेट प्रॉफिट 64.30 करोड़ रुपए रहा था।

 

इंडिया बिजनेस में 15 साल में पहली बार घाटा 
एयरटेल को अपने इंडिया बिजनेस में 15 सालों में पहली बार घाटा हुआ है। चौथी तिमाही में एक्सेप्शनल आइटम्स को हटाकर नेट लॉस 652.3 करोड़ रुपए का रहा। जबकि फाइनेंशियल ईयर 2017 की चौथी तिमाही में कंपनी को 770.8 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। हालांकि चौथी तिमाही में कंसॉलिडेटेड बेसिस पर कंपनी को 82.90 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है जो एक साल पहले की समान अवधि से करीब 78 फीसदी कम है। 

 

ARPU में 26 फीसदी की गिरावट
वहीं टेलिकॉम इंडस्ट्री के प्रमुख ऑपरेशनल इंडिकेटर माना जाने वाला एआरपीयू (एवरेज रेवेन्यू पर यूजर) सालाना आधार पर मार्च, 2018 में समाप्त क्वार्टर के दौरान 26.60 फीसदी घटकर 116 रुपए रह गया, जबकि बीते साल समान क्वार्टर के दौरान यह 158 रुपए रहा था।

 

इंटरनेशनल टर्मिनेशन रेट्स में कमी का लगा झटका
कंपनी के एमडी और सीईओ (भारत और दक्षिण एशिया) गोपाल विट्टल ने कहा, ‘टेलिकॉम इंडस्ट्री को कॉस्ट से कम पर ऑपरेशन और प्राइसिंग में आर्टीफिशियल कमी से जूझना पड़ रहा है। इस क्वार्टर के दौरान इंटरनेशनल टर्मिनेशन रेट्स में कमी से इंडस्ट्री के रेवेन्यू पर खासा असर पड़ा है। एयरटेल इस क्वार्टर के दौरान भी अपनी लीडरशिप पोजिशन को बनाए रखने में कामयाब रही है।’

 
2017-18 में 71 फीसदी घटा प्रॉफिट
वित्त वर्ष 2017-18 की बात करें तो पूरे साल के दौरान एयरटेल का प्रॉफिट 71 फीसदी घटकर महज 1,099 करोड़ रुपए रह गया, जबकि 2016-17 में यह आंकड़ा 3,800 करोड़ रुपए रह गया। वहीं 2017-18 के दौरान 12.3 फीसदी घटकर कुल रेवेन्यू 83,688 करोड़ रुपए रह गया। 
वहीं कंपनी ने कहा कि वित्त वर्ष के दौरान कंपनी को अपने ऑपरेशन पर कैपेक्स यानी पूंजी खर्च 24,100 करोड़ रुपए रहा, जो अभी तक सबसे ज्यादा रहा है। 
 
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