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10 हजारCr का हो सकता है भारत-22 ETF का फॉलोऑन ऑफर, कोल इंडिया की स्टेक बेचेगी सरकार

वित्त मंत्रालय भारत-22 एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) का 10 हजार करोड़ रुपए का फॉलो आन फंड ऑफर ला सकता है।

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नई दिल्ली. वित्त मंत्रालय भारत-22 एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) का 10 हजार करोड़ रुपए का फॉलो आन फंड ऑफर ला सकता है। इसके माध्यम से मिनिमम पब्लिक होल्डिंग नॉर्म को पूरा करने के लिए कोल इंडिया की हिस्सेदारी बेचने पर विचार हो रहा है।
एक अधिकारी ने कहा कि इसके अलावा मंत्रालय सुट्टी के माध्यम से प्राइवेट कंपनियों आईटीसी, एक्सिस बैंक और एलएंडटी में सरकार की होल्डिंग को ईटीएफ रूट से बेचने को उत्सुक है।

 

 

बीते साल लॉन्च हुआ था भारत-22 ईटीएफ
सरकार ने बीते साल नवंबर में भारत-22 ईटीएफ लॉन्च किया था, जिसमें पब्लिक सेक्टर की कंपनियों (पीएसयू), पब्लिक सेक्टर बैंक्स, आईटीसी, एक्सिस बैंक और एलएंडटी सहित 22 कंपनियों के शेयर शामिल थे। फंड को 32,000 करोड़ रुपए की बिड मिली थीं, हालांकि सरकार को सिर्फ 14,500 करोड़ रुपए मिले थे। 

 

 

10 हजार करोड़ का होगा नया ऑफर
एक अधिकारी ने कहा कि ईटीएफ रूट डिसइन्वेस्टमेंट का सुरक्षित माध्यम है, क्योंकि यह इन्वेस्टर्स को स्टॉक मार्केट के उतार-चढ़ाव से सुरक्षा देता है। अधिकारी ने कहा, ‘भारत-22 ईटीएफ के मौजूदा कंपोजिशन के हिसाब से फॉलो-ऑन फंड ऑफर लगभग 10,000 करोड़ रुपए का होगा।’

भारत ईटीएफ-22 में ओएनजीसी, आईओसी, एसबीआई, बीपीसीएल, कोल इंडिया और नाल्को जैसी सरकार के स्वामित्व वाली कंपनियां या पीएसयू शामिल हैं।

 

 

3 सरकारी बैंकों को भी मिली जगह

लिस्ट में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियर्स इंडिया, एनबीसीसी, एनटीपीसी, एनएचपीसी, एसजेवीएनएल, गेल, पीजीसीआईएल और एनएलसी इंडिया जैसे सीपीएसई भी शामिल हैं। 22 इंडेक्स में सिर्फ 3 पब्लिक सेक्टर के बैंक एसबीआई, इंडियन बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा शामिल हैं।
अधिकारी ने कहा कि ईटीएफ रूट के इस्तेमाल से सरकार कोल इंडिया में अपनी लगभग 3.55 फीसदी हिस्सेदारी बेच सकती है, जिससे वह न्यूनतम 25 फीसदी पब्लिक फ्लोट रिक्वायरमेंट की शर्त को भी पूरा कर सकती है। मार्केट रेग्युलेटर सेबी ने ऐसा जरूरी कर दिया है। 


फाइल किया ड्राफ्ट पेपर
ईटीएफ का प्रबंधन कर रही आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्युचुअल फंड ने मार्च में ही मार्केट रेग्युलेटर सेबी को फॉलो-ऑन ऑफर के लिए ड्राफ्ट पेपर फाइल कर दिया है। चालू वित्त वर्ष के दौरान यह पहला ईटीएफ होगा, जिसके माध्यम से पीएसयू के डिसइन्वेस्टमेंट से सरकार ने 80,000 करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य तय किया है।

 

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