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ट्रेड वार से इन 5 मेटल स्टॉक्स को मिला फायदा, 2 दिन में 8% तक बढ़त

देश की मेटल कंपनियों के स्टॉक्स में पिछले ट्रेडिंग सेशंस में 8 फीसदी तक की तेजी दर्ज की जा चुकी है।

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नई दिल्ली. अमेरिका द्वारा शुरू की गई ट्रेड वार की सबसे बड़ी शिकार दुनिया की सबसे बड़ी एल्युमीनियम कंपनी ‘यूनाइटेड कंपनी रूसल’ बन गई है। अमेरिकी प्रतिबंध की लिस्ट में शामिल होने के बाद रूस की इस कंपनी के स्टॉक्स में शुक्रवार से अब तक 60 फीसदी तक की गिरावट आ चुकी है। हालांकि इस खबर को भारत की मेटल कंंपनियों के लिए खासा फायदेमंद माना जा रहा है। यही वजह कि देश की मेटल कंपनियों के स्टॉक्स में पिछले ट्रेडिंग सेशंस में 8 फीसदी तक की तेजी दर्ज की जा चुकी है।


दरअसल शुक्रवार को अमेरिका ने रूस के 7 अरबपतियों पर प्रतिबंध लगाए, जिसमें रूसल के पूर्व प्रेसिडेंट ओलेग देरिपास्का का नाम भी शामिल हैं। इससे साफ है कि रूसल की ग्लोबल मार्केट में बेस मेटल्स की सप्लाई खासी घट जाएगी। इसके चलते शुक्रवार के बाद से अब तक हॉन्गकॉन्ग स्टॉक एक्सचेंज में रूसल का स्टॉक 4.64 हॉन्गकॉन्ग डॉलर से घटकर 2.10 हॉन्गकॉन्ग डॉलर रह गया, जो लगभग 60 फीसदी गिरावट के बराबर है।

 

ग्लोबल मर्केट में 8 फीसदी चढ़े एल्युमीनियम के प्राइस

इस खबर के बाद बीते दो दिनों में ग्लोबल मार्केट में एल्युमीनियम की कीमतों में खासी तेजी दर्ज की गई है। लंदन मेटल एक्सचेंज में एल्युमीनियम की कीमतों में 8 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। इसकी मुख्य वजह रूसल की चीन के बाहर ग्लोबल मार्केट में लगभग 13 फीसदी हिस्सेदारी होना है। रूसल ने 2017 में लगभग 14 फीसदी रेवेन्यू अमेरिका से हासिल किया था।

 


मेटल कंपनियों के चढ़े स्टॉक्स 

ग्लोबल मार्केट में एल्युमीनियम की कीमतों में तेजी का भारतीय कंपनियों को खासा फायदा मिलने की उम्मीद हैं। इसी उम्मीद में शुक्रवार के बाद से भारतीय मेटल कंपनियों के स्टॉक्स में अच्छी तेजी दर्ज की जा रही है। बीते दो दिन में हिंडाल्को का स्टॉक लगभग 8 फीसदी, नाल्को 3 फीसदी, एनएमडीसी 3 फीसदी, टाटा स्टील 3 फीसदी तक चढ़ चुके हैं।

 

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ग्लोबल मार्केट में बदले हालात का फायदा रॉ मैटेरियल्स से फाइनल प्रोडक्ट्स तैयार करने वाली कंपनियों को मिलेगा। इस सेक्टर में हिंडाल्को और नाल्को मार्केट लीडर हैं।

कोटक सिक्युरिटीज ने कहा कि बेस मेटल्स में एल्युमीनियम का डिमांड आउटलुक सबसे अच्छा है। ब्रोकरेज का नॉन फेरस सेगमेंट में पॉजिटिव व्यू है।

एक मीडिया रिपोर्ट्स में वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा कि रूसल पर प्रतिबंध जारी रहने से एल्युमीनियम की कीमतें 50 फीसदी तक चढ़ सकती हैं। उन्होंने एल्युमीनियम की कीमतें 2,500 से 3,000 डॉलर प्रति मीट्रिक टन की रेंज में रहने की उम्मीद जताई, जो फिलहाल औसतन 2,000 से 2,200 डॉलर के आसपास हैं।


एक महीने में 26 फीसदी बढ़ीं एल्युमिना की कीमतें

हालांकि रूस के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंध ही एल्यूमीनियम की कीमतों में बढ़ोत्तरी की एक मात्र वजह नहीं हैं। एक प्रमुख रॉ मैटेरियल एल्युमिना की कीमतें बीते एक महीने के दौरान लगभग 26 फीसदी बढ़ चुकी हैं, जिसकी मुख्य वजह ब्राजील में स्थित दुनिया की सबसे बड़ी एल्युमिना रिफाइनरी एल्युनॉर्ट में आंशिक स्लोडाउन है।

 
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