Utility

24,712 Views
X
Trending News Alerts

ट्रेंडिंग न्यूज़ अलर्ट

3 साल में उत्‍तर भारत में सबसे बड़ी बिजली की शॉर्टेज, डिमांड व सप्‍लाई में 2 करोड़ यूनिट का अंतर आज रुपए की हो सकती है कमजोर शुरुआत, रेंज बाउंड रहने का अनुमान Stock Market: आज इन शेयरों में कमाई का मौका, ऐसे उठाएं फायदा Q4 में इन कंपनियों का 9 गुना तक बढ़ा मुनाफा, आगे शेयर दे सकते हैं 111% तक रिटर्न दिल्‍ली में IT की बिल्‍डरों के यहां छापेमारी, 215 करोड़ रुपए की ब्‍लैकमनी का खुलासा डायरेक्‍ट टैक्‍स लॉ पर बने टॉस्‍क फोर्स का कार्यकाल अगस्‍त तक बढ़ा, टैक्‍स छूट पर देनी है राय Flipkart में अपनी हिस्‍सेदारी वॉलमार्ट को बेचेगा सॉफ्टबैंक, जारी किया बयान SBI Q4 Result: SBI को रिकॉर्ड 7718 करोड़ रु का हुआ घाटा, प्रोविजनिंग दोगुने से ज्यादा बढ़कर 28096 करोड़ रु खास खबर: आम आदमी क्यों सहे पेट्रोल-डीजल का सारा बोझ, जब सरकार के पास है रास्ता 7 महीने में मिलीं 39 लाख से ज्‍यादा जॉब, EPFO ने जारी किया डाटा इंट्रा स्‍टेट E-way बिल 3 जून से होगा जरूरी, CBIC ने जारी किया आदेश एनर्जी एक्‍सचेंज में बिजली की कीमत 11.41 रु प्रति यूनिट पहुंची, 5 साल का रिकॉर्ड टूटा बिजनेस कोच और स्पीकर डॉ. विवेक बिंद्रा 26 को इंदौर में, ग्रेंड इवेंट बाउंस बैक को करेंगे संबोधित सरकार ने गेहूं पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर की 30%, जल्‍द जारी होगा नोटिफिकेशन कंक्रीट शो इंडिया 24 मई से मुंबई में, इंफ्रा कंपनियां होंगी शामिल
बिज़नेस न्यूज़ » Market » Stocksविलफुल डिफाल्‍टरों के आगे झुके बैंक, पहली छमाही में 516 करोड़ रु का लोन बट्टे खाते में डाला

विलफुल डिफाल्‍टरों के आगे झुके बैंक, पहली छमाही में 516 करोड़ रु का लोन बट्टे खाते में डाला

 

नई दिल्‍ली। देश के सरकारी बैंकों ने कर्जा लेकर जानबूझ कर न चुकाने वाले लोगों का करीब 516 करोड़ रुपए का लोन बट्टे खाते (जिसे वसूलना कठिन) में डाल दिया है। यह डाटा चालू वित्‍तीय वर्ष की पहली छमाही का है। वित्‍त मंत्रालय ने जो डाटा एकत्र किया है उसके अनुसार ऐसे विलफुल डिफाल्‍टरों की संख्‍या 38 है।

 

 

एनपीए कम हो जाएगा

बैंकों की इस कार्रवाई से उनकी बैलेंसशीट पर एनपीए की राशि कम हो जाएगी, लेकिन यह पैसा बैंक अपनी कमाई से भरता है। इससे बैंकों का आपरेटिंग प्रॉफिट कम हो जाता है।

 

 

फंड का डायवर्जन भी होता है

विलफुल डिफाल्‍टर वह हैं जो बैंक से पैसा लेकर जानबूझ कर कर्ज नहीं चुकाते हैं। ऐसे लोग कई बार जिस काम के लिए बैंक से पैसा लेते हैं उस काम में नहीं लगाते हैं। कई बार ऐसे लोग फंड का डावर्जन करते हैं और गलते तरीके से इस्‍तेमाल करते हैं। इसके अलावा कई बार ऐसे लोग जिस प्रॉपर्टी के बदले लोन लेते हैं उसे चुपचाप बेच देते हैं, जिससे बैंक कार्रवाई नहीं कर पाता है।

 

 

ऐसे लोगों से वसूली कठिन

एक बैंक अधिकारी के अनुसार जानबू्झ कर कर्ज न चुकाने वालों को एनपीए मान कर कार्रवाई का ठोस नतीजा नहीं निकलता है। इन लोगों की जो भी आसेट जानकारी में होती है उससे कर्ज की वसूली कठिन होती है। इससे पूरी कार्रवाई के बाद भी मामूली रकम ही वसूल हो पाती है।

 

रिजर्व बैंक के निर्देश

रिजर्व बैंक ने 2015 में बैंकों को निर्देश जारी कर कहा था विलफुल डिफाल्‍टरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। इसमें लोन लेने वालों के अलावा गारंटी लेने वालों पर भी कार्रवाई की बात कही गई थी। आरबीआई के अनुसार अगर जरूरत पड़े तो कानूनी कार्रवाई भी शुरू करें।

 

और देखने के लिए नीचे की स्लाइड क्लिक करें

Trending

NEXT STORY

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.