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डबल डि‍जि‍ट ग्रोथ से बेहतर हुआ ऑटो सेक्टर का आउटलुक, 4 स्टॉक्स में मिल सकता है 32% तक रिटर्न

एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऑटो सेक्टर के लिए अभी फेवरेबल माहौल है, साथ ही सरकार का फोकस इंफ्रा और रूरल सेक्टर पर है।

these 4 auto stocks may give 32% return

नई दिल्ली.  मई में ऑटोमोबाइल इंडस्‍ट्री की सेल्स में डबल डि‍जि‍ट ग्रोथ दर्ज की गई है। यूटिलि‍टी व्‍हीकल्‍स, कारों और वैन समेत सभी सेगमेंट की सेल्‍स मजबूत रही है। पैसेंजर व्हीकल्स के साथ टू व्हीलर और कमर्शियल व्हीकल्स की डिमांड में सुधार दर्ज किया गया  है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऑटो सेक्टर के लिए अभी फेवरेबल माहौल है, साथ ही सरकार का फोकस इंफ्रा और रूरल सेक्टर पर है। अच्छे मानसून से रूरल एरिया में डिमांड बढ़ने की उम्मीद है। फिलहाल ऑटो सेक्टर का आउटलुक मजबूत नजर आ रहा है। ऐसे में ऑटो शेयरों में लंबी अवधि के लिए निवेश से अच्छा रिटर्न मिल सकता है।

 

मई में ऑटो सेक्टर में दिखी डबल डि‍जि‍ट ग्रोथ

सोसाइटी ऑफ इंडि‍यन ऑटोमोबाइल मैन्‍युफैक्‍चरर्स (SIAM) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबि‍क, मई में डोमेस्‍टि‍क कारों की सेल्‍स 19.64 फीसदी बढ़कर 1,99,479 यूनिट्स  रही, जो 2017 में 1,66,732 यूनि‍ट थी। वहीं, यूटि‍लि‍टी व्‍हीकल की सेल्‍स 17.53 फीसदी बढ़कर 82,086 यूनि‍ट रही, जबकि‍ वैन की सेल्‍स 29.54 फीसदी बढ़कर 19,673 यूनि‍ट पर पहुंच गई। कमर्शि‍यल व्‍हीकल्‍स की सेल्‍स 43.06 फीसदी बढ़कर 76,478 यूनि‍ट हो गई। सभी कैटेगरीज की व्‍हीकल सेल्‍स 12.13 फीसदी बढ़कर 22,82,618 यूनि‍ट पर पहुंच गई, जो पहले 20,35,610 यूनि‍ट थी।

 

डिमांड ग्रोथ पॉजिटिव

केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया के मुताबिक, ऑटो सेक्टर में पिछले कुछ महीने से अच्छा मोमेंटम बना हुआ है। रूरल इकोनॉमी सुधरने से डिमांड बेहतर है। वहीं, सरकार का फोकस इंफ्रा और रूरल सेक्टर पर ज्यादा है, जिससे सेक्टर का सेंटीमेंट और मजबूत हुआ है। इंफ्रा एक्टिविटी बढ़ने से ट्रांसपोर्टेशन आदि के कामों में व्हीकल्स की भी डिमांड बढ़ेगी। 

ट्रेडस्विफ्ट के रिसर्च हेड संदीप जैन का कहना है कि अच्छे मानसून से रूरल इकोनॉमी में सुधार होगा और टू-व्हीलर्स की खासी डिमांड रहेगी। इससे टू-व्हीलर बनाने वाली कंपनियों का मार्जिन बढ़ने का अनुमान है। 

 

किन शेयरों में करें निवेश


# अशोक लेलैंड

अशोक लेलैंड हिंदुजा ग्रुप की कंपनी है। यह देश की दूसरी बड़ी कमर्शियल व्हीकल बनाने वाली कंपनी है। वित्त वर्ष 2018 के चौथे क्वार्टर में कंपनी के नतीजे बेहतर रहे हैं। कंपनी के मैनेजमेंट ने कॉस्ट कट, डेट घटाने, वर्किंग कैपिटल साइकिल को बेहतर करने के लिए कदम उठाया है। 

केडिया का कहना है कि सरकार द्वारा इंफ्रा पर जोर देने से कमर्शियल व्हीकल की डिमांड बढ़ने से कंपनी को फायदा हो सकता है। उन्होंने स्टॉक में 190 रुपए का लक्ष्य दिया है। इस प्रकार करंट प्राइस पर स्टॉक में 32 फीसदी तक रिटर्न मिल सकता है।

 

# स्वराज इंजन

स्वराज इंजन ट्रैक्टर इंजन बनाने वाली कंपनी है। वित्त वर्ष 2018 की चौथी तिमाही में कंपनी का स्टैंअलोन नेट प्रॉफिट 16.95 फीसदी बढ़कर 17.87 करोड़ रुपए रहा। वहीं इस दौरान कंपनी की कुल आय 15.23 फीसदी बढ़कर 189.40 करोड़ रुपए रही। मार्केट एक्सपर्ट सचिन सर्वदे ने कहा कि सामान्य मानसून से खेतों की जुताई के लिए टैक्टर्स की मांग में इजाफा होगा, जिसका फायदा कंपनी को मिलेगा। उन्होंने स्वराज इंजन में 2313 रुपए का लक्ष्य दिया है। करंट प्राइस से 20 फीसदी रिटर्न मिल सकता है।

 

# हीरो मोटोकॉर्प

हीरो मोटोकॉर्प देश की लीडिंग टू-व्हीलर कंपनी है। टू-व्हीलर कैटेगरी में कंपनी का देश में मार्केट शेयर 46 फीसदी है। कंपनी के प्रोडक्ट की डिमांड देश के अलावा विदेश में भी है। रूरल इकोनॉमी में रिकवरी का फायदा कंपनी को होगा। रूरल इलाकों में टू-व्हीलर की डिमांड लगातार बढ़ी है। ब्रोकरेज हाउस एचडीएफसी सिक्युरिटीज ने शेयर के लिए 4403 रुपए का लक्ष्‍य रखा है। इस प्रकार करंट प्राइस से शेयर में 20 फीसदी तक रिटर्न मिल सकता है। 


# एस्कॉर्ट्स लिमिटेड

एस्कॉर्ट्स लिमिटेड एग्रीकल्चरल ट्रैक्टर्स और कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट्स बनाने कंपनी है। यह देश की तीसरी सबसे बड़ी एग्रीकल्चरल ट्रैक्टर मैन्युफैक्चरर कंपनी है। कंपनी की उत्तर और पश्चिमी मार्केट अच्छी पकड़ है। रूरल सेक्टर पर सरकार का फोकस बढ़ने खासकर किसानों की इनकम बढ़ने ट्रैक्टर्स की डिमांड बढ़ेगी और इसका फायदा कंपनी को होगा। इसके अलावा कंपनी रेलवे कोच के लिए हाइड्रॉलिक शॉक एब्जॉर्बर्स, टेलिस्कोपिक फ्रन्ट फोर्क और ब्रेक लॉक्स का निर्माण करती है। ब्रोकरेज हाउस जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज ने शेयर के लिए 1090 रुपए का लक्ष्‍य रखा है। इस प्रकार करंट प्राइस पर शेयर में 18 फीसदी रिटर्न मिल सकता है।

 

 

(नोट- यहां दी गई सभी सलाह एक्सपर्ट्स और ब्रोकरेज हाउस के द्वारा जारी रिपोर्ट के आधार पर हैं। हर स्टॉक से जुड़े अपने जोखिम होते है, इसलिए सलाह है कि अपने स्तर पर जांच या अपने एक्सपर्ट की सलाह के बाद ही निवेश का फैसला लें।)

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