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लंदन से वेदांता रिसोर्सेज को डीलिस्ट कराएंगे अनिल अग्रवाल, माइनॉरिटी स्टेक के लिए लाएंगे 1 अरब डॉलर का ऑफर

अरबपति कारोबारी अनिल अग्रवाल ने लंदन स्टॉक एक्सचेंज से वेदांता रिसोर्सेज को डीलिस्ट कराने की योजना बनाई है।

Anil Agarwal to delist Vedanta Resources from LSE; offers $1 bn to buy out

 

नई दिल्ली. अरबपति कारोबारी अनिल अग्रवाल ने लंदन स्टॉक एक्सचेंज से अपनी फ्लैगशिप कंपनी वेदांता रिसोर्सेज को डीलिस्ट कराने की योजना बनाई है। इसके लिए कंपनी ने 1 अरब डॉलर (लगभग 6800 करोड़ रुपए) में नॉन प्रमोटर शेयरहोल्डर्स की 33.5 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने का ऑफर पेश किया है।

 

 

14 फीसदी प्रीमियम पर लाएंगे ऑफर

अग्रवाल की वोल्कन इन्वेस्टमेंट लिमिटेड ने तीन महीने के वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस की तुलना में 14 फीसदी प्रीमियम के साथ 825 पेंस प्रति शेयर का कैश ऑफर दिया है। वोल्कन इन्वेस्टमेंट के बाद वेदांता की 66.53 फीसदी हिस्सेदारी है। वेदांत रिसोर्सेज ने एक स्टेटमेंट में कहा कि वह शेयरहोल्डर्स द्वारा ऑफर स्वीकार किए जाने की सिफारिश करेगी, जो पूर्व में घोषित 0.41 डॉलर प्रति शेयर डिविडेंड के भी पात्र होंगे। स्टेटमेंट में कहा गया कि कैपिटल के लिए कंपनी को लंदन में लिस्टेड बनाए रखना जरूरी नहीं लगता है और इस डील से वेदांता का कॉरपोरेट स्ट्रक्चर सरल हो जाएगा।

 

 

पुलिस फायरिंग में 13 लोगों की हुई थी मौत

बीते महीने तमिलनाडु में कंपनी के कॉपर स्मेल्टर प्लांट में पुलिस फायरिंग में 13 आंदोलनकारियों की मौत के बाद वेदांता को यूके में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा और उसके शेयर प्राइस में गिरावट दर्ज की गई।

वोल्कन अनिल अग्रवाल के ट्रस्ट के पूर्ण स्वामित्व वाली होल्डिंग कंपनी है। अग्रवाल वोल्कन के माध्यम से लगभग 20 फीसदी हिस्सेदारी के साथ एंग्लो अमेरिका के सबसे बड़े शेयरहोल्डर भी हैं।

 

 

भारत में हैं दो कंपनियां

वेदांता रिसोर्सेज की डीलिस्टिंग के बाद अग्रवाल की  भी भारत में महज दो लिस्टेड कंपनियां वेदांता लिमिटेड और हिंदुस्तान जिंक रह जाएंगी। वेदांता रिसोर्सेस के पास वेदांता लिमिटेड 50.1 फीसदी और हिंदुस्तान जिंक की 65 फीसदी हिस्सेदारी है। उसके पास जाम्बिया, अफ्रीका में कोन्कोना कॉपर माइन्स की 79.4 फीसदी हिस्सेदारी भी है। डीलिस्टिंग में लगभग 2-3 महीने लग जाएंगे और उसे 28 दिन का फर्म ऑफर भी लाना होगा।

 
 

 

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