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M-कैप के हिसाब AMFI ने जारी की लिस्‍ट, MF कंपनियों की मनमानी पर लगेगी रोक

म्‍युचुअल फंड स्‍कीम में अब कंपनियों की मनमानी नहीं चलेगी।

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नई दिल्‍ली. म्‍युचुअल फंड स्‍कीम में अब कंपनियों की मनमानी नहीं चलेगी। सेबी के सर्कुलर के अनुसार एसोसिएशन ऑफ म्‍युचुअल फंड इन इंडिया (AMFI) ने लार्ज कैप, मिड कैप और स्‍मॉल कैप कंपनियों की सूची तैयार करके अपनी बेवसाइट पर अपलोड कर दी है। अब म्‍युचुअल फंड कंपनियों को अपनी स्‍कीम की कैटेगरी के अनुसार इसी लिस्‍ट से निवेश के लिए शेयर को चुनना होगा। वर्तमान स्‍कीम में अगर कंपनियां इस लिस्‍ट के अनुसार नहीं हैं, तो उनको एक माह के अंदर इसमें बदलाव करना होगा। AMFI हर छह माह में इस लिस्‍ट को अपडेट करेगी और MF कंपनियां को इस लिस्‍ट के अनुसार ही निवेश करना होगा। सेबी लगातार म्‍युचुअल फंड में नियमों में बदलाव करके इन्‍हें सुरक्षित और आसान बना रहा है। सेबी के इन कदमों से निवेशकों का म्‍युचुअल फंड पर भरोसा बढ़ा है। AMFI ने डाटा जारी कर बताया है कि सिस्‍टेमैटिक इन्‍वेस्‍टमेंट प्‍लान (SIP) के माध्‍यम से निवेश करीब 50 फीसदी बढ़कर 67 हजार करोड़ रुपए से ज्‍यादा हो गया है।  

 

 

आप पर क्‍या होगा असर

च्‍वॉइस ब्रोकिंग के प्रेसीडेंट अजय केजरीवाल के अनुसार सेबी के इस बदलाव के बाद म्‍युचुअल फंड को कैटेगरी के हिसाब से पहचानना आसान हो जाएगा। अगर कोई निवेशक लार्ज कैप कैटेगरी की स्‍कीम में निवेश करना चाहता है, तो हर लार्ज कैप स्‍कीम में AMFI की वेबसाइट पर डाली गई लिस्‍ट के अनुसार ही कंपनियों में निवेश होगा। अभी MF कंपनियां अपने हिसाब से लार्ज कैप या मिड कैप की कंपनी में निवेश कर देती थीं।

 

 

कैसे तैयार हुई लिस्‍ट

फाइनेंशियल एडवाइजर फर्म बीपीएन फिनकैप के डायरेक्‍टर एके निगम के अनुसार सेबी ने 6 अक्‍टूबर 2017 में एक सर्कुलर जारी कर AMFI को यह लिस्‍ट तैयार करने को कहा था। यह लिस्‍ट हर साल दिसबंर और जून के अंत के डाटा के आधार पर तैयार होगी। इसमें हर कंपनी के सभी एक्‍सचेंज के मार्केट कैप का औसत निकाला जाएगा और उसी हिसाब से उसकी कैटेगरी तय की जाएगी। AMFI की जिम्‍मेदारी है कि वह जून और दिसबंर बीतने की 5 दिन के अंदर इस लिस्‍ट को जारी करे। जैसे ही यह लिस्‍ट AMFI की बेवसाइट पर आएगी, म्‍युचुअल फंड कंपनियां इस हिसाब से अपने स्‍कीम में बदलाव करेंगी। अगर लार्ज कैप में रहने वाली कंपनी अगली बार मिड कैप में आ जाती है, तो हर हर MF कंपनी को अपनी लार्ज कैप स्‍कीम से उसे हटाना होगा। यही प्रक्रिया हर कैटेगरी की स्‍कीम में अपनानी होगी।

 

 

किस कैटेगरी में कितनी कंपनियां

सेबी ने तय किया है मार्केट कैप के लिहाज से टॉप 100 कंपनियों को लार्ज कैप कंपनियां कहा जाएगा। इसके बाद 150 कंपनियों को मिड कैप कंपनियां कहा जाएगा, बाकी कंपनियां स्‍मॉल कैप कंपनियों की लिस्‍ट में शामिल मानी जाएगी।

 

31 दिसबंर 2017 के डाटा के अनुसार कंपनियां

 

टॉप 5 लार्ज कैप कंपनियां

 

कंपनी का नाम   

मार्केट कैप

रिलायंस इंडस्‍ट्रीज     

548702 करोड़ रुपए

TCS

490613 करोड़ रुपए

एचडीएफसी Bank

463160 करोड़ रुपए

आईटीसी

334933 करोड़ रुपए

एचडीएफसी

273829 करोड़ रुपए

 

टॉप 5 मिड कैप कंपनियां

 

कंपनी का नाम             

मार्केट कैप

कोलगेट पॉमोलिव

29255 करोड़ रुपए  

MRF

28256 करोड़ रुपए

सेल

28080 करोड़ रुपए  

प्रॉक्‍टर एंड गैम्‍बल

27941 करोड़ रुपए  

इमामी

26534 करोड़ रुपए  

 

टॉप 5 स्‍मॉल कैप कंपनियां

 

कंपनी का नाम  

मार्केट कैप

वी गार्ड इंडस्‍ट्रीज

8580 करोड़ रुपए  

L&T टेक

8518 करोड़ रुपए  

हैक्‍सवेयर

8510 करोड़ रुपए  

सुजलॉन इनर्जी

8479 करोड़ रुपए  

असाही इंडिया ग्‍लास

8449 करोड़ रुपए

 

 

अब यह होंगे इन्‍वेस्‍टमेंट के नियम

-सेबी ने अपने सर्कुलर में हर कैटेगरी में कैसे निवेश होगा, यह भी तय किया है। अब म्‍युचुअल फंड कंपनियां लार्ज कैप फंड में न्‍यूनतम 80 फीसदी तक निवेश लार्ज कैप कंपनियों में और बाकी निवेश अन्‍य आसेट क्‍लास में कर सकेंगीं।

-इसी तरह लार्ज एंड मिड कैप स्‍कीम में कंपनियां न्‍यूनतम 35 फीसदी निवेश लार्ज कैप कंपनियों और न्‍यूनतम 35 फीसदी निवेश मिडकैप कंपनियों में करना होगा। बाकी निवेश अन्‍य आसेट क्‍लास में किया जाएगा।

-इसी प्रकार मिड कैप फंड अपनी स्‍कीम में न्‍यूनतम 65 फीसदी निवेश मिड कैप कंपनियों में करना अनिवार्य होगा।

 

 

आगे पढ़ें : SIP से निवेश बढ़ा

 

 

 

 

SIP के माध्‍यम से बढ़ रहा निवेश

AMFI की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार SIP के माध्‍यम से म्‍युचुअल फंड में निवेश बढ़ा है। 31 मार्च 2018 को समाप्‍त वर्ष SIP खातों की संख्‍या बढ़कर 2.11 करोड़ हो गई है। पूरे वर्ष के दौरान औसतन हर माह करीब 9.70 लाख SIP खाते खुले। इससे पिछले साल में हर माह खाते खुलने का औसत 6.27 लाख का था। वित्‍त वर्ष 2017-18 हर SIP में 3,375 रुपए महीने का निवेश हो हुआ।

 

 

SIP

वित्‍त वर्ष 2017-18

वित्‍त वर्ष 2016-17

मार्च

7,119 करोड़ रुपए

4,335 करोड़ रुपए

फरवरी

6,425 करोड़ रुपए

4,050 करोड़ रुपए

जनवरी

6,644 करोड़ रुपए

4,095 करोड़ रुपए

दिसबंर

6,222 करोड़ रुपए

3,973 करोड़ रुपए

नबंवर

5,893 करोड़ रुपए

3,884 करोड़ रुपए

अक्‍टूबर

5,621 करोड़ रुपए

3,434 करोड़ रुपए

सितबंर

5,516 करोड़ रुपए

3,698 करोड़ रुपए

अगस्‍त

5,206 करोड़ रुपए

3,497 करोड़ रुपए

जुलाई

4,947 करोड़ रुपए

3,334 करोड़ रुपए

जून

4,744 करोड़ रुपए

3,310 करोड़ रुपए

मई

4,584 करोड़ रुपए

3,189 करोड़ रुपए

अप्रैल

4,269 करोड़ रुपए

3,122 करोड़ रुपए

टोटल

67,190 करोड़ रुपए

43,921 करोड़ रुपए

 

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