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अगले फिस्कल में आएंगे 8 सरकारी कंपनियों के IPO, 80 हजार करोड़ जुटाने का लक्ष्य

हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स और RITES समेत 8 पीएसयू कंपनियां अगले फाइनेंशियल ईयर में कैपिटल मार्केट में एंट्री करेगी।

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नई दिल्ली.  हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स और RITES समेत 8 पीएसयू कंपनियां अगले फाइनेंशियल ईयर में कैपिटल मार्केट में एंट्री करेगी। सरकारी कंपनियों के रियल वैल्यू को अनलॉक करने और अधिक जवाबदेही लाने का इरादा रखती है।

 

डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) के सचिव नीरज गुप्ता ने कहा कि इन कंपनियों के इनिशल पब्लिक ऑफर (IPO) को उनके आकार के आधार पर पेश किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आठों कंपनियां आईपीओ के लिए तैयारी के विभिन्न स्तर पर हैं और सही समय पर वे कैपिटल मार्केट में एंट्री करेंगी।

 

इन सरकारी कंपनियों ने ड्राफ्ट पेपर सौंपे

हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड आईपीओ लाने के लिए मार्केट रेग्युलेटर सेबी की मंजूरी पहले ही ले चुकी है। सरकार की योजना इसकी 10 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की है। इसके अलावा 4 सरकारी कंपनियों RITES, IREDA, भारत डायनामिक्स और मिधानी ने सेबी को ड्राफ्ट दस्तावेज सौंप दिए हैं और आईपीओ लाने की मंजूरी की प्रतीक्षा कर रही हैं।

 

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RITES के जरिए सरकार जुटाएगी 600 करोड़
सरकार की योजना राइट्स की 12 फीसदी हिस्सेदारी बेच 600 करोड़ रुपए जुटाने की है। इसके अलावा सरकार आईआरईडीए के 13.90 करोड़ शेयर बेचेगी। भारत डायनामिक्स में 12 फीसदी और मिश्र धातु निगम में 25 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की योजना है।

 

विनिवेश के जरिए 80 हजार करोड़ जुटाने का लक्ष्य
सरकार ने अगले वित्त वर्ष के लिए सार्वजनिक कंपनियों के विनिवेश के जरिए 80 हजार करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य तय किया है। गुप्ता ने कहा कि सरकार विनिवेश के लिए विस्तृत रुख अपनाने वाली है। मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में सरकार चार कंपनियों के IPO के जरिए 23,600 करोड़ रुपए जुटा चुकी है। इनमें जेनरल इंश्योरेंस कॉर्प से 11,372 करोड़ रुपए, न्यू इंडिया एश्योरंस से 9600 करोड़ रुपए, कोचिन शिपयार्ड से 1,442 करोड़ रुपए और हडको से 1,200 करोड़ रुपए जुटाए हैं।

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