बिज़नेस न्यूज़ » Market » Stocksलोन लिए बिना आ जाएगी 5 लाख की कार, ऐसे बचाएं टैक्स

लोन लिए बिना आ जाएगी 5 लाख की कार, ऐसे बचाएं टैक्स

देश में अभी भी कार खरीदना बहुत से लोगों के लिए सपना जैसा है। लेकिन यह काम उतना कठिन नहीं है जितना लगता है।

1 of

 

नई दिल्‍ली. देश में अभी भी कार खरीदना बहुत से लोगों के लिए सपना जैसा है। लेकिन यह काम उतना कठिन नहीं है जितना लगता है। कार खरीदने का सपना देखने वाले ज्‍यादातर लोग इनकम टैक्‍स बचाने के लिए कुछ न कुछ निवेश करते हैं। अगर इसी निवेश को सही तरीके से कर लिया जाए तो 5 लाख रुपए की कार आसानी से आ सकती है। इसके लिए लोन भी नहीं लेना होगा। इनकम टैक्‍स बचाने के कई तरीके हैं, लेकिन अगर सही तरीका अपनाया जाए तो आसानी से कार खरीदने का सपना हकीकत बन जाएगा।

 

 

ELSS में करें निवेश

इनकम टैक्‍स बचाने के तरीकों में म्‍युचुअल फंड के इक्विटी लिंक म्‍युचुअल फंड (ELSS) भी हैं। इन फंड की सबसे बड़ी विशेषता इनका लॉकइन तीन साल का होना है। पैसों का लॉकइन 3 साल होने के चलते इन फंड के मैनेजर्स को लम्‍बे समय के निवेश का मौका मिलता है। इसके चलते इन फंड का रिटर्न अच्‍छा हो जाता है। यही कारण है कि टैक्‍स सेविंग म्‍युचुअल फंड का रिटर्न 5 साल में औसतन 13 फीसदी रहा है।

 

ऐसे बनाएं टैक्‍स बचाने की प्‍लानिंग

इनकम टैक्‍स नियमों के अनुसार 1.5 लाख रुपए तक का निवेश 80C के तहत करके इनकम टैक्‍स की छूट पाई जा सकती है। अगर महीने के हिसाब से इसे बांटे तो 12500 रुपए होता है। अगर इस पैसे का निवेश इनकम टैक्‍स बचाने वाले म्‍युचुअल फंड में किया जाए तो 5 लाख रुपए का फंड तैयार किया जा सकता है।

 

 

दो साल की SIP और तीन साल का निवेश

इन फंड का लॉकइन 3 साल का होता है। ऐसे में अगर दो साल पैसा जमा किया जाए तो 5वें साल में एक साथ पाया जा सकता है। इसलिए टैक्‍स प्‍लानिंग का निवेश इस तरह करना होगा जिसमें निवेश तो 2 साल करें, लेकिन उसे निकाले एक साथ 5वें साल में। इन टैक्‍स सेविंग फंड ने 5 साल में औसतन 13 फीसदी का रिटर्न दिया है, जबकि स्‍टॉक मार्केट में पिछले दो माह से तगड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

 

 

दो साल निवेश की प्‍लानिंग

-12500 रुपए महीने का शुरू करें किसी अच्‍छे टैक्‍स सेविंग म्‍युचुअल फंड में निवेश

-12 फीसदी औसतन मिले रिटर्न

-2 साल तक जारी रखें यह निवेश

-356160 रुपए का तैयार हो जाएगा फंड

 

 

आगे 3 साल की प्‍लानिंग

-356160 रुपए के फंड के अगले 3 साल बना रहने दें निवेशित

आगे तीन साल तक मिले 12 फीसदी रिटर्न

500,379 लाख रुपए का तैयार हो जाएगा 5वें साल में फंड



 

जानें अच्‍छा रिटर्न देने वाले टैक्‍स सेविंग फंड

 

म्‍युचुअल फंड स्‍कीम

1 साल का रिटर्न

3 साल का रिटर्न

मोतीलाल ओसवाल लॉग टर्म इक्विटी (G)

22.8 फीसदी

20.6 फीसदी

एलएंडटी टैक्‍स सेवर फंड (G)    

15.5 फीसदी

15.8 फीसदी

एस्‍कोर्ट्स टैक्‍स प्‍लान Direct (G)

13.5 फीसदी

15.5 फीसदी

प्रिसिपल टैक्‍स सेविंग - Direct    

18.3 फीसदी

14.9 फीसदी

एलएंडटी टैक्‍स एडवांटेज -Direct (G)

19.0 फीसदी

14.6 फीसदी

 

नोट : एक साल का रिटर्न वार्षिक और 3 साल का रिटर्न कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) में।

डाटा 2 अप्रैल 2018 का।

 

 

 

आगे पढ़ें : इन बातों का रखें ध्‍यान

 

 



जरूरी सावधानियां

शेयरखान के वाइस प्रेसीडेंट मृदुल कुमार वर्मा के अनुसार म्‍युचुअल फंड में हर माह निवेश का तरीका सबसे सुरक्षित और अच्‍छा रिटर्न देने वाला तरीका है। उनके अनुसार अगर स्‍टॉक मार्केट में इतनी गिरावट के बाद भी किसी भी टैक्‍स सेविंग म्‍युचुअल का रिटर्न आज की तारीख में निगेटिव नहीं है। ऐसे निवेश जितना दिनों तक जारी रहते हैं निवेशक को उतना ही अच्‍छा रिटर्न मिलता है। 5 साल का अगर टैक्‍स सेविंग म्‍युचुअल फंड का औसतन रिटर्न देखा जाए तो यह 13 फीसदी है। इसीलिए जब भी इक्विटी म्‍युचुअल फंड में निवेश करें तो जितना ज्‍यादा समय तक निवेश बना रहेगा फायदा उतना ही ज्‍यादा होता जाता है।

 

आगे पढ़ें : कैसे होता है हर माह निवेश

 

 

म्‍युचुअल फंड कंपनियां देती है SIP की सुविधा

सभी म्‍युचुअल फंड कंपनियां अपनी स्‍कीम्‍स में हर मा‍ह निवेश के लिए सिस्‍टमैटिक इन्‍वेस्‍टमेंट प्‍लान (SIP) की सुविधा देती हैं। इसमें निवेशक खुद ही अपनी निवेश की राशि का चुनाव कर सकता है। जो भी राशि वह तय करता है उतना पैसा हर माह उसके बैंक अकाउंट से म्‍युचुअल फंड कंपनी के पास चला जाता है। निवेशक को हर माह किस्‍त देने की चिंता नहीं करनी पड़ती है।

 

जब चाहें इसमें बदलाव भी संभव

निवेशक अगर चाहता है कि वह निवेश राशि का कम या ज्‍यादा कर लें तो यह भी संभव है। इसके लिए एक फार्म भरना होता है और आगे से तय राशि ही बैंक अकाउंट से जाती है। इसके अलावा निवेशक अगर चाहे तो यह SIP को कभी भी बंद कराया जा सकता है।

 
prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट