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GST का पॉजिटव असर, भारतीय हेल्थकेयर बाजार 2022 तक हो जाएगा 372 अरब डॉलर का

GST का पॉजिटव असर, भारतीय हेल्थकेयर बाजार 2022 तक हो जाएगा 372 अरब डॉलर का

 

नई दिल्ली. भारतीय हेल्थकेयर बाजार के वर्ष 2016 के 110 अरब डॉलर की तुलना में वर्ष 2022 तक तीन गुना बढ़कर 372 अरब डॉलर पर पहुंचने का अनुमान है।

 

एसोचैम के अध्‍ययन के नतीजे

उद्योग संगठन एसोचैम और आरएनसीएस की तरफ से संयुक्त रूप से किए गए एक अध्ययन में यह दावा किया गया है। इसमें कहा गया है कि इस वर्ष जुलाई से देश में लागू गुड्स एंड सर्विस टैक्‍स (जीएसटी) का हेल्थकेयर बाजार पर सकारात्मक असर होगा और इससे यह क्षेत्र वार्षिक 22 फीसदी की दर से बढ़ेगा।

रिपोर्ट में कहा गया है कि जीवनशैली से जुड़ी बीमारियाें के तेजी से बढ़ने, महंगे उपचार के स्थान पर किफायती हेल्थकेयर की मांग बढ़ने, तकनीक आधारित उपचार, टेलीमेडिसिन, स्वास्थ्य बीमा का उपयोग बढ़ने के साथ ही विलय और अधिग्रहण से यह उद्योग अब तक अनछुए बाजारों में भी पहुंच बनाने में कामयाब हाेगा। यही कारण है कि कारोबार में तेजी से बढोतरी होगी।

 

कई कारणों से बढ़ेगा बाजार

इसमें कहा गया है कि वृद्ध लोगों की संख्या बढ़ने, चिकित्सा पर्यटन के साथ ही चिकित्सा सेवाओं की लागत में धीरे धीरे कमी आने से देश में चिकित्सा उपकरण बाजार भी बढ़ रहा है। वर्ष 2016 में यह बाजार 4 अरब डॉलर का था जिसके वर्ष 2022 तक वार्षिक 15 फीसदी की दर से बढ़कर 11 अरब डॉलर पर पहुंचने का अनुमान है। हालांकि इसमें यह भी कहा गया है कि देश के चिकित्सा उपकरण बाजार में 75 फीसदी हिस्सेदारी आयातित उपकरणों की रहेगी।

 

हेल्‍थकेयर बाजार में हिस्‍सेदारी

रिपोर्ट के अनुसार 20 अरब डॉलर के भारतीय फार्मा बाजार में 70 फीसदी हिस्सेदारी जेनरिक दवाओं की है। इसके बाद 16 फीसदी हिस्सेदारी एंटी इंफेक्टिव, 13 प्रतिशत कार्डियोवेस्कुलर, 11 प्रतिशत गैस्ट्राे, नौ प्रतिशत रेस्पिरेटोरी, आठ प्रतिशत विटामिन और मिनरल, सात प्रतिशत एंटी डायबेटिक और 29 फीसदी अन्य शामिल है।

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