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शेयर मार्केट की यह स्‍कीम बचाती है टैक्‍स, कराती है मोटी कमाई

शेयर मार्केट में यदि आप पैसा लगाने जा रहे हैं तो इससे अच्‍छे रिटर्न की उम्‍मीद तो रहती है।

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नई दिल्‍ली. शेयर मार्केट में यदि आप पैसा लगाने जा रहे हैं तो इससे अच्‍छे रिटर्न की उम्‍मीद तो रहती है लेकिन आमतौर पर इनकम टैक्‍स में छूट नहीं मिलती है। ऐसे में एक रास्‍ता है जिसके जरिए आप मार्केट की चाल के साथ दोगुना, तिगुना रिटर्न तो हासिल कर ही सकते हैं, साथ ही टैक्‍स में भी छूट मिलती है। और, यह रास्‍ता है इनकम टैक्‍स बचाने वाले इक्विटी लिंक्‍ड सेविंग स्‍कीम (ELSS) का।
 

ELSS वह स्‍कीम है जो अच्‍छे रिटर्न के साथ-साथ टैक्‍स बचाने की भी सुविधा देती है। रिटर्न की बात करें तो ELSS ने पिछले तीन साल में (12  मार्च 2016 से 12 मार्च 2018) हर साल करीब 20 फीसदी तक का रिटर्न इन्‍वेस्‍टर्स को दिया है। वहीं, इनकम टैक्‍स एक्‍ट की धारा 80सी के तहत इन्‍वेस्‍टर ईएलएसएस के जरिए इनकम टैक्‍स पर 1.5 लाख रुपए तक की छूट हासिल कर सकते हैं।
 
सिर्फ 3 साल का लॉक-इन पीरियड
च्‍वॉइस ब्रोकिंग के प्रेसीडेंट अजय केजरीवाल के अनुसार, टैक्‍स बचाने के दूसरे ऑप्‍शन जैसे कि पीपीएफ या एनएससी की बात करें तो इनका लॉक इन पीरियड काफी लंबा होता है। यानी, इनमें एक बार निवेश करने के बाद आप जल्द अपना पैसा नहीं निकाल सकते हैं। हालांकि, पीपीएफ में पांच साल के बाद आंशिक निकासी की सुविधा है, लेकिन इसकी मैच्योरिटी पीरियड 15 साल है। इसी तरह एनएससी में लॉक-इन पीरियड 5 साल है।
 
दूसरी ओर, ईएलएसएस में लॉक-इन पीरियड सिर्फ 3 साल है। यानी, तीन साल के बाद आप इसमें से अपना पैसा निकाल सकते हैं। ईएलएसएस एक ओपन एंडेट इक्विटी म्‍यूचुअल फंड है। इसकी स्‍कीम की एक खासियत यह भी है कि आप अपनी सुविधा से मासिक, तिमाही, छमाही, सालाना या एकमुश्‍त निवेश कर सकते हैं।
 
 
आगे पढ़े... कैसे शुरू करें ELSS में निवेश?
 
 
कैसे करें ELSS में निवेश?
इक्विटी लिंक्‍स सेविंग स्‍कीम यानी ELSS में निवेश कई तरह से किया जा सकता है। इसे आप किसी एजेंट की सहायता से या डीमैट हो तो उसमें ले सकते हैं। इसके अलावा, आप फंड हाउस की बेवसाइट पर जाकर सीधे भी खरीद सकते हैं। आमतौर पर ELSS में आप एकमुश्‍त या सिप के जरिए भी 500 रुपए में भी निवेश शुरूआत कर सकते हैं।
 
ELSS में कैसे मिलता है उम्‍दा रिटर्न?
ELSS अपने कॉरपस के कम से कम 65 फीसदी का निवेश इक्विटी में करते हैं। हालांकि, इसके निवेश के पैटर्न को देखें तो अधिकांश फंडों ने इक्विटी में 90 फीसदी से अधिक का निवेश किया है। अलग-अलग एसेट क्‍लास में इक्विटी लॉन्‍ग टर्म में सबसे बेहतर रिटर्न देने वाला एसेट क्‍लास है। यही वजह है कि फाइनेंशियल प्‍लानर यह सलाह देते हैं कि फंडों की इस कैटेगरी को सिर्फ टैक्‍स-सेविंग के नजरिए से ही नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि लॉन्‍ग टर्म में आप इसके जरिए एक अच्‍छी खासी रकम का फंड बना सकते हैं।
 
आगे पढ़ें... कैसे करना चाहिए फंड का चयन
 
 
सिर्फ रिटर्न के आधार पर न करें ELSS का चयन
ईएलएसएस का चयन क्‍या सिर्फ फंड के रिटर्न के आधार पर किया जाना चाहिए? इसका सीधा जवाब है- कभी भी ऐसा करने से बचना चाहिए। मार्केट में आज करीब 50 ईएलएसएस स्‍कीम्‍स हैं। ऐसे में जब भी आप ईएनएसएस का चयन करें, उनमें बेहतर रिटर्न के अलावा फंड की निवेश शैली, निवेश का पोर्टफोलियो, फंड के खर्च, बाजार के उतार-चढ़ाव के दौरान प्रदर्शन, रिस्‍क-रिवार्ड रेश्‍यो और स्‍कीम का वैल्यूएशन जैसी बातों पर ध्यान रखना चाहिए। इसके अलावा, एक अहम बात यह भी है कि जिस फंड हाउस का ईएलएसएस ले रहे हैं, उसकी रेप्‍युटेशन कैसी है। इन सभी बातों का आकलन करने के बाद ही फंड का चयन करना चाहिए।
 
3 साल में​ अच्‍छा रिटर्न देने वाले 5 फंड
टैक्‍स सेवर फंड 3 साल का रिटर्न
Motilal MOSt Long Term Fund -DP (G) 19.3 फीसदी
Escorts Tax Plan - Direct (G) 14.0 फीसदी
L&T Tax Saver Fund (G) 14.0 फीसदी
L&T Long Term Adv. Fund - I (G) 13.4 फीसदी
SBI Tax Advantage Sr-2 (G) 13.4 फीसदी

(नोट : डाटा 9 मार्च 2018 का। रिटर्न CAGR)

 
(नोट: स्‍टॉक मार्केट से जुड़ा कोई भी निवेश मार्केट के उतार-चढ़ाव के जोखिम के अधीन है। निवेश का फैसला करने से पहले अपने फाइनेशिंयल प्‍लानर से जरूर सलाह लें।)
 
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