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अब 5 नहीं 2 दिन में बताना होगा IPO का प्राइस बैंड: सेबी बोर्ड का फैसला

बायबैक और आईपीओ नियमों पर सेबी बोर्ड की बैठक थी।

Sebi board approves amendments to buyback as well as takeover regulations

नई दिल्‍ली. कैपिटल मार्केट रेग्‍युलेटर सेबी की गुरुवार को हुई बोर्ड बैठक में कई अहम फैसले हुए। इसमें आईपीओ प्राइस बैंड घोषित करने की समय सीमा 5 दिन से घटाकर 2 दिन कर दी गई है। साथ ही थर्ड पार्टी एंटिटी के लिए कंसल्‍टेशन पेपर लाने का भी फैसला हुआ। बायबैक और आईपीओ नियमों पर सेबी बोर्ड की बैठक थी। 

 

 

सेबी चेयरमैन अजय त्‍यागी ने बताया कि आईपीओ प्राइस बैंड घोषित करने की समय सीमा 5 दिन से घटाकर 2 दिन करने का फैसला किया गया है। शेयर बायबैक और टेकओवर में बदलाव को मंजूदी दे दी गई है। उन्‍होंने कहा कि एनएसई कोलोकेशन केस में अलग-अलग कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं, थर्ड पार्टी एंटीटी के रेग्‍युलेशन के लिए कंसल्‍टेशन पेपर लाया जाएगा। त्‍यागी ने बताया कि एफपीआई और म्‍युचुअल फंड रेग्‍युलेशन को आसान करेंगे। 

 

NSE कोलोकेशन केस में कार्रवाई शुरू

त्यागी ने एनएसई कोलोकेशन केस में अलग-अलग कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि एनएसई कोलोकेश केस की जांच रिपोर्ट मिल गई है औऱ इस पर कार्रवाई शुरू हो गई है। अगले कुछ दिनों में इंटिटीज के खिलाफ कार्रवाई पूरी हो जाएगी। त्यागी ने यह भी कहा कि एनएसई कोलोकेशन जांच से एनएसई के प्रस्तावित इनिशियल पब्लिक ऑफर (आईपीओ) से कोई लेना-देना नहीं है। रेग्युलेटर कुछ ब्रोकरों के एनएसई के हाई फ्रीक्वन्सी ट्रेडिंग सिस्टम्स तक पहुंचने के आरोपों की जांच कर रहा है।

 

 

चंदा कोचर मामले पर क्‍या बोले सेबी चेयरमैन 

सेबी चेयरमैन अजय त्‍यागी ने कहा कि आईसीआईसीआई बैंक की तरफ से उसकी सीईओ चंदा कोचर पर लगे आरोपों के मामले में अभी तक रेग्‍युलेटर को जवाब नहीं मिला है। सेबी के अलावा सीबीआई समेत अन्य एजेंसियां वीडियोकॉन समेत कुछ कंपनियों को लोन देने के मामले में कोचर औऱ उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ जांच कर रही है।

 

MII और FII की लिमिट एक होगी

सेबी बोर्ड की बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए त्यागी ने कहा कि मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशन (एमआईआई) और फॉरेन शेयरहोल्डिंग लिमिट को एक करके 15 फीसदी कर दी जाएगी। इस बीच, प्रमोटर ग्रुप कंपनियों की परिभाषा को और भी विशिष्ट बनाया गया है, जबकि ऑडिटर्स का खुलासा अप्रैल 2019 से प्रभावी होगा। सेबी के चेयरमैन ने कहा कि मार्केट रेग्युलेटर भी एफपीआई, एमएफ नियमों को तर्कसंगत बनाने का इरादा रखता है।

 

 

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