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दोस्त से कंप्यूटर उधार ले शुरू किया बिजनेस, 4 साल में बन गए करोड़पति

सीए की नौकरी छोड़ दोस्त से कंप्यूटर उधार लेकर बिजनेस शुरू किया और महज 4 साल में यह शख्स करोड़पति बन गए।

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नई दिल्ली. सपने देखने वालों को ही सफलता मिलती है। अच्छी खासी नौकरी छोड़ अपना बिजनेस शुरू करना काफी मुश्किल होता है। कई बार बिजनेस फेल होने का डर होता है। लेकिन जो ऐसा रिस्क उठाने में सक्षम होते हैं, उनको बिजनेस में सफलता जरूर मिलती है। कोलकाता के रहने वाले पंकज मालू की कहानी कुछ ऐसी ही है। सीए की नौकरी छोड़ दोस्त से कंप्यूटर उधार लेकर बिजनेस शुरू किया और महज 4 साल में यह शख्स करोड़पति बन गए।

 

 

पंकज मालू ने moneybhaskar.com को बताया कि मिडल क्लास फैमिली में बिजनेस की जगह नौकरी को प्राथमिकता दी जाती है। पैसे की कमी की वजह से अपना बिजनेस शुरू करना काफी मुश्किल होता है। लेकिन मेरा सपना खुद का बिजनेस शुरू करने का था। इसलिए मैंने सपने को साकार करने के लिए सीए की नौकरी छोड़ दी और क्रिएटिव फिंगर्स की शुरुआत की। आइए, जानते हैं पंकज के शानदार सफर के बारे में।

 

 

आगे पढ़ें- 12500 रु महीना की नौकरी छोड़ की शुरुआत

पढ़ाई के दौरान की नौकरी

 

परिवार की हालत को देखते हुए पंकज ने स्कूल के दिनों में एक प्राइवेट सीए फर्म में ट्रेनी के रूप में काम करना शुरू किया। यहां उन्हें 300 रुपए महीना स्टाइपंड मिलता था जिससे उनका पर्सनल खर्च निकल जाता था। ग्रैजुएशन करते वक्त उन्होंने सीए कोर्स में दाखिला लिया और 2002 में उन्होंने सीए की पढ़ाई पूरी की। सीए करने के बाद 2003 में एक प्राइवेट फर्म में सीए की नौकरी मिली। जहां उनकी मंथली सैलरी 12,500 रुपए थी। लेकिन अपना खुद का बिजनेस शुरू करने के जुनून में 6 महीने बाद ही नौकरी छोड़ दी।

 

2004 में सीए फर्म खोला

 

पंकज ने नौकरी छोड़ने के बाद 2004 में एक सीए फर्म की स्थापना की। एक साल तक काम करने के बाद उनको महसूस हुआ कि वो जो कर रहें हैं वो उनकी मंजिल नहीं है। इसलिए वो इससे अलग हो गए।

 

आईटी का था जुनून

आईटी के प्रति लगाव की वजह से उन्होंने कुछ महीने बाद ग्राफिक डिजाइनिंग फर्म शुरू करने का निर्णय लिया और यहीं से वो सफलता की बुलंदी पर पहुंचे। वो कहते हैं कि उनके पिता उनके मेंटर रहे हैं।

 

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दोस्त से उधार लिया कंप्यूटर

 

पंकज ने कहा कि कंपनी शुरू करने के लिए उन्होंने दोस्त से कंप्यूटर उधार लिया। उस वक्त कंप्यूटर खरीदने के लिए मेरे पास पैसे नहीं थे। 2005 में मैंने अपने दोस्त नितिश थापा की मदद से क्रिएटिव फिंगर्स की नींव रखी। लेकिन अभी भी मुसीबत खत्म नहीं हुई थी। कंपनी शुरू करने के लिए एक जगह की जरूरत थी। लेकिन इसका हल उनके एक दोस्त ने निकाला और बिना किराए की एक ऑफिस दी।

 

650 रुपए का मिला पहला ऑर्डर

 

उनका सपना साकार तो हुआ, लेकिन बिजनेस जनरेट करना बड़ी चुनौती थी। कंपनी शुरू होने के एक हफ्ते बाद ही उनको पहला ऑर्डर मिला, लेकिन वो सिर्फ 10 डॉलर (650 रुपए) का था। इसके बाद उन्होंने खूब जोरशोर से कंपनी का ऑनलाइन प्रोमोशन किया। दिन रात एक करने के बाद उनको सफलता मिली और पहले साल कंपनी का टर्नओवर 4 लाख रुपए पर पहुंचा और 100 क्लाइंट उनकी कंपनी से जुड़े।

 

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2009 में टर्नओवर 2.5 करोड़ रहा

 

पंकज ने बताया कि धीरे-धीरे काम बढ़ता गया और कंपनी में लोग जुड़ते गए। 2009 में कंपनी का टर्नओवर 2.5 करोड़ रुपए रहा। फॉरेन क्लाइंट्स की संख्या बढ़ने की वजह से ऐसा हुआ। लेकिन 2009-10 में मंदी का वक्त हमारे के लिए काफी मुश्किल भरा था। 2012 में धीरे-धीरे बिजनेस में सुधार आना शुरू हुआ और 2014-15 में 25 फीसदी की तेजी आई। 2016-17 में कंपनी का टर्नओवर 5 करोड़ रुपए हो गया। आज उनकी कंपनी में 100 से ज्यादा लोग काम कर रहे हैं और 500 से ज्यादा क्लाइंट जुड़े हैं। पंकज का कहना है कि कंपनी का टर्नओवर 20 करोड़ रुपए करना लक्ष्य है। साथ ही वो कंपनी का 10 फीसदी इक्विटी डाइलूट करना चाहते हैं और बिजनेस विस्तार के लिए 2 करोड़ रुपए जुटाना चाहते हैं।

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