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FPI ने 6 ट्रेडिंग सेशन में स्टॉक में निवेश किए 2200 करोड़, क्रूड प्राइस में नरमी का असर

विदेशी निवेशकों ने पिछले 6 कारोबारी दिनों में भारतीय स्टॉक मार्केट में 2,200 करोड़ रुपए निवेश किए हैं।

Foreign investors poured Rs 2200 crore in the Indian equity markets in the last six trading sessions

नई दिल्ली.  विदेशी निवेशकों ने पिछले 6 कारोबारी दिनों में भारतीय स्टॉक मार्केट में 2,200 करोड़ रुपए निवेश किए हैं। क्रूड प्राइस में गिरावट और कॉरपोरेट अर्निंग में सुधार इसकी मुख्य वजह रही। यह बीते दो महीने में स्टॉक्स से 15,600 करोड़ रुपए की निकासी के बाद हुआ। इससे पहले, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने मार्च में 11,655 करोड़ रुपए निवेश किए थे।

 

2,241 करोड़ रुपए स्टॉक्स में निवेश किए

डिपॉजिटरी डाटा के मुताबिक, एफपीआई ने 1 से 8 जून के दौरान इक्विटीज से 2,241 करोड़ रुपए निवेश किए हैं। हालांकि इस दौरान उन्होंने डेट मार्केट से 405 करोड़ रुपए की निकासी की है।

 

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एफपीआई निवेश की ये है वजह-

 

# ग्लोबल क्रूड कीमतों में नरमी

प्रभुदास लीलाधर के पीएमएस के सीईओ एंड चीफ पोर्टफोलियो मैनेजर अजय बोडके का कहना है कि जून 2018 में भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की कुछ खरीददारी दी है। ग्लोबल क्रूड कीमतों में हाई से गिरावट की वजह से विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में पैसे लगाए हैं। 22 जून को ओपेक देशों की बैठक होनी है, जिसमें प्रोडक्शन बढ़ाने या घटाने को लेकर कोई फैसला होगा। जानकार मान रहे हैं कि 22 जून तक क्रूड में ज्यादा तेजी के आसार नहीं हैं। वहीं, प्रोडक्शन बढ़ाने का फैसला लेते हैं तो क्रूड में तेज गिरावट बन सकती है।

 

# कॉरपोरेट्स अर्निंग में सुधार, सामान्य मानसून का अनुमान

उन्होंने कहा कि चौथे क्वार्टर में कॉरपोरेट्स अर्निंग में सुधार हुआ है। एफएमसीजी, रिटेल औऱ ऑटो कंपनियों के नतीजे डबल डिजिट में रहे हैं। इसके अलावा फेवरेबल मानसून और अच्छी खरीफ फसल से चालू वित्त वर्ष के दूसरे हाफ में इससे मजबूती मिलेगी।

 

# चुनिंदा स्टॉक्स में हिस्सेदारी बढ़ाई

एक्विरस कैपिटल के डायरेक्टर मुनीश अग्रवाल के अनुसार, भारतीय बाजार का वैल्युएशन, खासकर, मिडकैप और स्मॉलकैप का वैल्युएशन एक महीने में कम हुआ है। वैल्युएशन कम होने से विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है।
इस साल तक, एफपीआई ने इक्विटी में 641 करोड़ रुपए का निवेश किया है, जबकि डेट मार्केट से 30,800 करोड़ रुपए से ज्यादा निकाले हैं। 

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