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Forex Market: रुपया 17 पैसे गिरकर 68.74 प्रति डॉलर पर बंद

क्रूड प्राइस में तेजी और सरकार द्वारा खरीफ फसलों की एमएसपी बढ़ाए जाने से महंगाई बढ़ने की आशंका से रुपया कमजोर हुआ।

Forex Market: Rupee ends 17 paise lower at 68.74

नई दिल्ली.  सप्ताह के तीसरे ट्रेडिंग सेशन में बुधवार को रुपया गिरावट के साथ बंद हुआ। मंगलवार को रुपए में मजबूत रिकवरी आई थी। लेकिन उसने आज सारी बढ़त गंवा दी। कारोबार के अंत में डॉलर के मुकाबले रुपया 17 पैसे की कमजोरी के साथ 67.74 के स्तर पर बंद हुआ। क्रूड प्राइस में तेजी और सरकार द्वारा खरीफ फसलों की एमएसपी बढ़ाए जाने से महंगाई बढ़ने की आशंका से रुपया कमजोर हुआ। इसके अलावा इम्पोर्टर्स और कुछ कॉरपोरेट्स द्वारा डॉलर की डिमांड से भी रुपए पर दबाव बना। हालांकि, स्टॉक मार्केट में रैली और विदेशी मार्केट में मंदी से राहत के बावजूद रुपए में गिरावट नहीं थमी। 

 

इससे पहले, बुधवार को रुपए की शुरूआत मजबूती के साथ हुई। रुपया 6 पैसे मजबूत होकर 68.52 प्रति डॉलर के भाव पर खुला। एक्सपोर्टर्स, बैंकों के अलावा आरबीआई द्वारा डॉलर की फ्रेश सेलिंग के चलते रुपए में रिकवरी दिखी है। इसके पहले मंगलवार को भी रुपया अपनी ओपनिंग से 32 पैसे मजबूती के साथ 68.58 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं, प्रीवियस क्लोजिंग से इसमें 22 पैसे की मजबूती आई थी। 

 

 

मंगलवार को रुपया 10 पैसे कमजोर होकर 68.90 प्रति डॉलर पर खुला, जो रुपए की सबसे कमजोर ओपनिंग थी। इसके पहले सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 34 पैसे की गिरावट के साथ 5 साल के लो लेवल 68.80 के स्तर पर क्लोज हुआ। इसके पहले, 28 अगस्त 2013 को रुपया इस लेवल पर दिखा था।  

 

इस साल 7% कमजोर हो चुका है रुपया 
रुपए ने बीते साल डॉलर की तुलना में 5.96 फीसदी की मजबूती दर्ज की थी, जो अब 2018 की शुरुआत से लगातार कमजोर हो रहा है। इस साल अभी तक रुपया लगभग 7 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है। पिछले हफ्ते रुपए ने 69 प्रति डॉलर का स्तर तोड़कर ऑलटाइम लो बनाया था। इससे पहले रुपए ने 28 अगस्त, 2013 को 68.80 का लाइफटाइम लो टच किया था। वहीं, 24 नवंबर 2016 को रुपया का ऑलटाइम क्लोजिंग लो 68.73 था।   

 

सीएडी बढ़ने की आशंका से रुपए पर प्रेशर 
क्रूड की ऊंची कीमतों से भारत के करंट अकाउंट डेफिसिट और महंगाई बढ़ने की आशंका से इन्वेस्टर्स में घबराहट फैल गई। कुछ दिनों की सुस्ती के बाद क्रूड की कीमतें चढ़ने के भी संकेत मिले। अमेरिका द्वारा अपने सहयोगी देशों से नवंबर की डेडलाइन तक ईरान से क्रूड का इंपोर्ट रोकने की बात कहने से अब क्रूड की कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं, आरबीआई द्वारा अपने द्वैमासिक फाइनेंशियल स्टैबिलिटी रिपोर्ट में बैंकिंग सेक्टर की धुंधली तस्वीर पेश किए जाने से करंसी मार्केट में घबराहट फैल गई। 

 

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