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Forex Market: रुपया 34 पैसे टूटकर 5 साल के निचले स्तर 68.80 प्रति डॉलर पर बंद

कमजोर ग्लोबल संकेतों और मैक्रो-इकोनॉमिक चिंताओं की वजह से रुपया 5 साल के निचले स्तर पर बंद हुआ।

Rupee hits near 5 yr low of 68.80 a dollar on macro worries

 

नई दिल्ली.  कमजोर ग्लोबल संकेतों और मैक्रो-इकोनॉमिक चिंताओं की वजह से रुपया 5 साल के निचले स्तर पर फिसलकर बंद हुआ। सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 34 पैसे की गिरावट के साथ 5 साल के लो लेवल 68.80 के स्तर पर क्लोज हुआ। इसके पहले, 28 अगस्त 2013 को रुपया इस लेवल पर दिखा था। आरबीआई के दखल की गुंजाइश कम होने के साथ इम्पोर्टर्स द्वारा डॉलर की डिमांड और सट्टा ट्रेडर्स की घबराहट से दोपहर को रुपया 68.81 के निचले स्तर पर आ गया। शुरुआत में रुपए में मजबूती दिखाई दी, जो मजबूत होकर 68.33 के हाई पर पहुंच गया था। हालांकि यह मजबूती थोड़ी देर ही कायम रही।

 

 

इस साल 7% से ज्यादा कमजोर हो चुका है रुपया 
रुपए ने बीते साल डॉलर की तुलना में 5.96 फीसदी की मजबूती दर्ज की थी, जो अब 2018 की शुरुआत से लगातार कमजोर हो रहा है। इस साल अभी तक रुपया लगभग 7 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है। इससे पहले रुपए ने 28 अगस्त, 2013 को 68.80 का लाइफटाइम लो टच किया था। वहीं, 24 नवंबर 2016 को रुपया का ऑलटाइम क्लोजिंग लो 68.73 था।

 

सीएडी बढ़ने की आशंका से रुपए पर प्रेशर 
क्रूड की ऊंची कीमतों से भारत के करंट अकाउंट डेफिसिट और महंगाई बढ़ने की आशंका से इन्वेस्टर्स में घबराहट फैल गई। कुछ दिनों की सुस्ती के बाद क्रूड की कीमतें चढ़ने के भी संकेत मिले। अमेरिका द्वारा अपने सहयोगी देशों से नवंबर की डेडलाइन तक ईरान से क्रूड का इंपोर्ट रोकने की बात कहने से अब क्रूड की कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं, आरबीआई द्वारा अपने द्वैमासिक फाइनेंशियल स्टैबिलिटी रिपोर्ट में बैंकिंग सेक्टर की धुंधली तस्वीर पेश किए जाने से करंसी मार्केट में घबराहट फैल गई। 

 

ब्रेंट क्रूड 78 डॉलर प्रति बैरल के करीब 
ओपेक देशों द्वारा रोजाना 10 लाख बैरल क्रूड सप्लाई बढ़ाने के फैसले के बाद भी क्रूड की कीमतों में तेजी जारी है। अभी क्रूड 78 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी क्रूड सप्लाई बढ़ाने के फैसले को अमल में लाने को लेकर संशय बना हुआ है। हालांकि ऐसी खबरें आ रही हैं कि जरूरत पड़ने पर सऊदी अरब सप्लाई बढ़ा सकता है, जिससे क्रूड में नरमी के संकेत मिल रहे हैं। 

 

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