असर /रुपए में गिरावट से महंगा हुआ विदेश में पढ़ाई करना

  • जुलाई के मुकाबले 3.5 रुपए महंगा हुआ डॉलर, 40 हजार डॉलर की ट्यूशन फीस पर 1.4 लाख रुपए ज्यादा देने होंगे

Moneybhaskar.com

Aug 29,2019 11:38:00 AM IST

नई दिल्ली। विदेश में बच्चों को पढ़ाने का सपना देख रहे माता-पिता को रुपए की गिरावट ने झटका दिया है। जुलाई 2019 के 68.5 रुपए प्रति डॉलर के मुकाबले रुपया गिरकर इस सप्ताह 72 रुपए प्रति डॉलर पर पहुंच गया है। इससे 40 हजार डॉलर की ट्यूशन फीस देने वाले छात्रों को 1.40 लाख रुपए अतिरिक्त खर्च करने होंगे।

मांग के अनुसार नई स्कीम लॉन्च कर रहे हैं बैंक

एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में कॉरपोरेशन बैंक के एमडी पीवी भाराथी का कहना है कि प्रधानमंत्री विद्या लक्ष्मी कार्यक्रम के तहत विदेशों में पढ़ाई के लिए अधिकतम 20 लाख रुपए तक का लोन दिया जाता है। लेकिन अमेरिका में पढ़ाई करना महंगा है। ऐसे में अभिभावक 60 से 70 लाख रुपए के लोन के लिए आवेदन करने लगे हैं। अभिभावकों की मांग के अनुसार, बैंक नई स्कीम लॉन्च कर रहे हैं। भाराथी का कहना है कि हमने विद्या प्लस के नाम से नया उत्पाद लॉन्च किया है जिसमें बड़े लोन देना संभव है। फिलहाल देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ही विदेश में पढ़ाई के लिए 1.5 करोड़ रुपए तक का लोन देता है।

रुपए में कमजोरी से लोन डिफॉल्ट की उम्मीद नहीं

बैंक का कहना है कि रुपए में कमजोरी के कारण एजुकेशन लोन के डिफॉल्ट होने की संभावना नहीं है। हालांकि, सार्वजनिक क्षेत्र पर बैंकों पर एजुकेशन लोन की मद में एनपीए 15 से 25 फीसदी है, इसमें 1 से 4 लाख रुपए तक का लोन असुरक्षित कैटेगिरी में है। केनरा बैंक के एमडी आरए शंकरनारायणन का कहना है कि विदेश में पढ़ाई के लिए दिया जाने वाला लोन पूरी तरह से सुरक्षित है। ऐसे मामलों में हम लोन की एवज में माता-पिता की संपत्ति को बंधक बनाते हैं। रुपए में कमजोरी के कारण हमने एजुकेशन लोन की सीमा 20 लाख रुपए से लेकर 50 लाख रुपए तक बढ़ाई है।

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