झटका /रिलायंस और टोटल का सरकारी तेल कंपनी बीपीसीएल खरीदने से इनकार, ब्रिटेन की बीपी को ऑफर का इंतजार

  • बीपीसीएल में 53.29 फीसदी हिस्सेदारी बेचने चाहती हैं केंद्र सरकार, 1.05 लाख करोड़ रुपए है मार्केट कैप

Moneybhaskar.com

Oct 14,2019 05:50:00 PM IST

नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज और फ्रांस की दिग्गज एनर्जी कंपनी टोटल एसए ने देश की दूसरी सबसे बड़ी सरकारी तेल कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) में हिस्सेदारी खरीदने से इनकार कर दिया है। वहीं ब्रिटेन की बीपी पीएलसी का कहना है कि वह ऑफर आने के बाद ही निविदा जमा करने पर विचार करेगी।

भारतीय रिफाइनरी में निवेश की इच्छा नहीं : टोटल चेयरमैन

दिल्ली में सोमवार को एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे टोटल एसए के चेयरमैन और सीईओ Patrick Pouyanne ने कहा कि कंपनी भारत में डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल और रिटेल मार्केट में निवेश करना चाहती है लेकिन वह भारतीय रिफाइनरी में निवेश की इच्छुक नहीं है। फ्रांस की कंपनी टोटल ने सोमवार को ही अडानी गैस में 37.4 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की घोषणा की है। अडानी गैस सीएनजी और पीएनजी का रिटेल कारोबार करती है। उधर, ब्रिटेन की बीपी पीएलसी के चीफ एक्जीक्यूटिव ने कहा है कि बीपीसीएल के निजीकरण के यह अभी शुरुआती दिन हैं। हमें ऑफर का इंतजार करने की जरूरत है।


रिलायंस भी निविदा डालने की इच्छुक नहीं


सूत्रों के हवाले से पीटीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि एक ही जगह पर दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी का संचालन करने वाली रिलायंस भी बीपीसीएल में हिस्सेदारी खरीदने के लिए निविदा डालने की इच्छुक नहीं है। ऑयल से केमिकल की ओर रूख कर रही रिलायंस ने अपना कर्ज कम करने के लिए हाल ही में तेल कारोबार का पांच फीसदी हिस्सेदारी सऊदी अरब की तेल कंपनी सऊदी अरामको को बेचने की घोषणा की है। रिलायंस इस समय टेलीकॉम कारोबार पर फोकस कर रही है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सऊदी अरामको बीपीसीएल के लिए अकेले या फिर अन्य पार्टनर अबु धाबी नेशनल ऑयल कंपनी के साथ निविदा डालेगी।

बीपीसीएल में 53.29 फीसदी हिस्सेदारी बेचना चाहती है सरकार

केंद्र सरकार देश की दूसरी सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी बीपीसीएल में अपनी 53.29 फीसदी हिस्सेदारी बेचना चाहती है। यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा निजीकरण है। बीपीसीएल का मार्केट कैप इस समय 1.05 लाख करोड़ रुपए है। 30 सितंबर को विनिवेश पर बने केंद्र सरकार के सचिवों के एक समूह ने बीपीसीएल में सरकारी हिस्सेदारी बेचने को मंजूरी दी है। यह कार्य अगले साल 31 मार्च तक किया जाना संभव है। बीपीसीएल की देश में मुंबई, कोच्चि, बीना और नुमालीगढ़ में रिफाइनरी हैं जिनकी झमता 38.3 मिलियन टन क्रूड को तेल में परिवर्तित करने की है। कंपनी पूरे देश में 15,078 पेट्रोल पंप और 6004 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स का संचालन करती है।

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