रिपोर्ट /ब्राउन राइस के नाम पर सुपर पॉलिश्ड राइस खा रहे हैं आप, रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

  • वैज्ञानिकों के मुताबिक शुगर-फ्री नहीं हो सकता है चावल।

Moneybhaskar.com

Jun 26,2019 01:32:37 PM IST

नई दिल्ली. पिछले कुछ साल से बाजार में पारंपरिक खाद्य पदार्थों की जगह नए विकल्प पेश किए जा रहे हैं। जैसे, वाइट राइस की जगह ब्राउन राइस को अधिक हेल्दी विकल्प कहा जाता है। डायबिटीज के मरीजों के लिए भी अलग तरह के चावल बाजार में मौजूद हैं, जिन्हें 'डायबिटीज फ्रेंडली’ कहकर बेचा जाता है। लेकिन जरूरी नहीं कि अच्छी पैकेजिंग में मिलने वाले ये प्रोडक्ट्स सेहत के लिए भी अच्छे हों। एक ताजा रिपोर्ट इस बात की पुष्टि करती है। मद्रास डायबिटिक रिसर्च फाउंडेशन (MDRF) के फूड साइंटिस्ट्स द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट के मुताबिक ब्राउन राइस के बारे में कंपनियों के दावे गलत साबित हुए हैं।

अन-पॉलिश्ड नहीं हैं ब्राउन राइस
एनबीटी में छपी खबर के मुताबिक MDRF के वैज्ञानिकों ने सुपर मार्केट के 15 तरह के 'हेल्दी' चावलों पर अपनी रिसर्च की। इस रिसर्च में सामने आया कि ज्यादातर मामलों में पैकेट पर जो दावे किए गए उनमें ज्यादातर झूठे हैं। दरअसल इन चावलों को आधा उबाला जाता है और फिर इनपर पॉलिश की जाती है। आधे उबले होने की वजह से उनका कलर ब्राउन हो जाता है। यही नहीं 'डायबीटिक फ्रेंडली' यानि शुगर के मरीजों के लिए बेहतर कहे जाने वाले चावल भी उबाल कर पैक किए जाते हैं।

15 ब्रांड्स की जांच की
एमडीआरएफ की फूड ऐंड न्यूट्रिशन रिसर्च साइंटिस्ट सुधा वासुदेवन हाल ही में 'जर्नल ऑफ डायबीटॉलजी' में प्रकाशित एक स्टडी की सह-लेखिका हैं। उन्होंने बताया कि, उनके पास कई डायबिटिक मरीज चावल की नई वैराइटीज के साथ आ रहे थे। इनके बारे में दावा किया जा रहा था कि इसमें जीरो-कोलेस्ट्रॉल है और ये शुगर-फ्री हैं। उसके बाद उन्होंने इन दावों की जांच करने की ठानी और इसी तरह के लोकप्रिय चावलों में से 15 की जांच की की।

चौंकाने वाले नतीजे सामने आए
इस जांच में चौंकाने वाले नतीजे सामने आए। जिसमें सबसे चौंकाने वाला नतीजा ब्राउन राइस के एक ब्रैंड का आया, जिसका दावा था कि उसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) महज 8.6 है। वासुदेवन के मुताबिक इंटरनेशनल GI टेबल में किसी चावल में इतने कम GI का आजतक कभी कोई जिक्र ही नहीं किया गया है। चावल में निम्नतम GI करीब 40 के आस-पास पाया गया है। GI किसी खाद्य पदार्थ में कार्बोहाइड्रेट का स्तर बताता है। कार्बोहाइड्रेट से खून में ग्लूकोज का स्तर प्रभावित होता है। कम GI वाले खाद्य पदार्थ सेहत के लिए अच्छे माने जाते हैं। 55 से नीचे GI को कम माना जाता है। 44-69 GI को मध्यम और 70 से ऊपर को उच्च माना जाता है। ऐसे खाद्य पदार्थ न सिर्फ ब्लड शुगर घटाते हैं, बल्कि हार्ट से जुड़ी बीमारियों और टाइप 2 डाइबिटीज का भी खतरा कम करते हैं। दाल और सब्जियों में कम GI पाया जाता है। वहीं अनाजों में GI का स्तर मध्यम होता है।


शुगर-फ्री नहीं हो सकता है चावल
आधे उबाले गए चावल ब्राउन राइस कह कर बेचे जाते हैं। पकाते वक्त ये चावल और ज्यादा पानी सोखते हैं, जिससे उनमें स्टार्च का स्तर बढ़ता है। इसके चलते इनमें GI का स्तर भी बढ़ जाता है। यही नहीं शुगर फ्री और जीरो-कोलेस्ट्रॉल वाले राइस के बारे में किए जाने वाले दावे भी इस शोध में झूठे साबित हुए। इस शोध में शामिल शोभना का कहना है कि चावल में जो स्टार्च होता है, वह पाचन के वक्त ग्लूकोज में बदल जाता है। इस तरह कोई भी चावल शुगर फ्री नहीं हो सकता।

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