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आर्थिक सुस्ती /शराब कारोबार पर पड़ रहा नकदी के संकट का असर, घट रही खरीद

  • एफएमजीसी सेक्टर के जैसी मंदी शराब कारोबार में भी देखने को मिल रही है
  • मंदी के साथ ही कुछ राज्यों में बाढ़ और टैक्स में बढ़ोतरी का असर बिक्री पर पड़ा है

Moneybhaskar.com

Nov 01,2019 03:15:13 PM IST

नई दिल्ली. देश की अर्थव्यवस्था में छाई मंदी का असर सिर्फ एफएमसीजी सेक्टर पर ही नहीं पड़ रहा है। इसका प्रभाव शराब कारोबार पर भी देखने को मिल रहा है। जनवरी से सितंबर के बीच शराब मार्केट की ग्रोथ 2-3 फीसदी रही है। शराब कंपनियों के मुताबिक, मंदी के साथ ही कुछ राज्यों में बाढ़ और टैक्स में बढ़ोतरी का असर बिक्री पर पड़ा है। इन्हीं कारणों के चलते कंपनियां अधिक बिक्री नहीं कर पा रही हैं। देश की सबसे बड़ी शराब कंपनी यूनाइटेड स्पिरिट्स (USL) तो शराब के व्यापार में पैसा फंसने के डर से बिक्री करने से बच रही है।

हो सकता है भारी नुकसान

इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक, यूनाइटेड स्पिरिट्स ने पिछले सप्ताह इनवेस्टर्स को बताया कि उसे डर है कि नकदी के संकट के चलते ट्रेडर्स शराब का स्टॉक जमा कर लेंगे, लेकिन समय पर पेमेंट नहीं कर पाएंगे। इस डर से कंपनी प्रोडक्ट्स की अधिक बिक्री नहीं कर रही है। यूनाइटेड स्पिरिट्स कंपनी जॉनी वॉकर और मैकडॉवेल जैसे ब्रैंड्स की मालिक है। बिक्री रुकने से कंपनी को भारी नुकसान हाेने की आशंका है।

एफएमसीजी सेक्टर में भारी मंदी

आर्थिक मंदी के कारण शराब ट्रेड की मुश्किलें FMCG सेक्टर जैसी हैं। देश की सबसे बड़ी कंज्यूमर गुड्स कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर ने पिछले महीने बताया था कि वह लिक्विडिटी की भारी कमी का सामना कर रही है। सितंबर में आई क्रेडिट सुइज की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2020 में एफएमसीजी की रेवेन्यू ग्रोथ सबसे कम रह सकती है। बाजार में नकदी की कमी और खेती-किसानी से होने वाली आय में कमी के चलते देश की प्रमुख कंज्यूमर कंपनियों के रेवेन्यू में गिरावट हो सकती है।

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