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    चीन में खदानें बंद होने से 5 महीने में 20% तक बढ़े लेड के दाम, आगे भी रहेगी तेजी

    नई दिल्ली. पर्यावरण मसले की वजह से चीन में खदानें बंद होने से लेड का प्रोडक्शन गिरने और घरेलू स्तर पर मांग बढ़ने की वजह से पिछले 5 महीनों में लेड की कीमतों में 20 फीसदी तक तेजी आई है। मांग में तेजी की वजह से लेड की कीमतों में आगे भी यह तेजी बरकरार रहने की संभावना है। इसकी वजह सरकार द्वारा ई-रिक्शा, इलेक्ट्रिक स्कूटर, ई-बाइक्स के साथ सोलर एनर्जी को बढ़ावा दिया जाना है। इंडिया लेड एंड जिंक डेवलपमेंट एसोसिएशन के अनुसार, लेड की मांग अगले 3-4 वर्षों में दोगुनी हो जाएगी।
     
    चीन में घटा प्रोडक्शन, सप्लाई पर असर
     
    केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि चीन में खदानें बंद हैं। विश्व में कुल लेड प्रोडक्शन का 50 फीसदी चीन प्रोड्यूश करता है। इसका असर ग्लोबल स्तर पर सप्लाई पर पड़ा है। सप्लाई में कमी की वजह से इसके दाम बढ़े हैं। साल 2015 में चीन में 14.10 लाख टन लेड का उत्पादन हुआ था। चीन के अलावा ऑस्ट्रेलिया में 6.40 लाख टन, पेरू में 3.30 लाख टन और यूएस में 4.40 लाख टन लेड का प्रोडक्शन हुआ।
     
    दिल्ली के लेड ट्रेडर अभिषेक गुप्ता ने मनीभास्कर डॉट कॉम को बताया कि पिछले साल लेड का भाव 130 प्रति किग्रा था। मांग बढ़ने के बाद इसके भाव में 30 रुपए की तेजी आई और अब यह 160 रुपए प्रति किग्रा तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा, मांग में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन भाव बढ़ने से उनके मार्जिन पर असर पड़ा है।
     
    घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा भाव, इन्वेंट्री में गिरावट
     
    घरेलू मार्केट में एमसीएक्स पर एक साल पहले लेड का भाव 110-120 रुपए प्रति किग्रा था, जो बढ़कर अभी 150-160 रुपए प्रति किग्रा हो गया है। वहीं लंदन मेटल एक्सचेंज पर लेड की कीमतों में पिछले एक साल में करीब 25-35 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल जहां 1700-1800 डॉलर प्रति टन लेड का भाव जो बढ़कर अब 2200-2300 डॉलर प्रति टन हो गया है। आखिरी बार 2014 में लेड की कीमतें इस स्तर पर पहुंची थी। 
     
    एंजेल कमोडिटी के रिसर्च हेड अनुज गुप्ता कहना है कि लंदन मेटल एक्सचेंज पर जनवरी के आखिर में लेड की इन्वेंट्री 1,90,575 टन था, जो घटकर अब 1,80,750 टन हो गया है। मांग बढ़ने से इसके भाव में 15 फीसदी की तेजी और होने की संभावना है।
     
    कितनी बढ़ेगी डिमांड
     
    इंटरनेशनल लेड एंड जिंक स्टडी ग्रुप (आईएलजेडएसजी) के मुताबिक साल 2017 में ग्लोबल स्तर पर लेड की मांग में 1.3 फीसदी ग्रोथ की उम्मीद है। साल 2016 में जहां 11.082 मिलियन टन लेड की खपत हुई, वहीं 2017 में 1.3 फीसदी ग्रोथ के हिसाब 11.226 मिलियन टन लेड की मांग होगी।
     
    अगली स्लाइड में- किस फील्ड से बढ़ेगी मांग

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