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चीन में प्रोडक्शन घटने से 10% बढ़ सकते हैं एल्युमीनियम के दाम, जियोपॉलिटिकल टेंशन भी है कारण

चीन में प्रोडक्शन घटने से 10% बढ़ सकते हैं एल्युमीनियम के दाम, जियोपॉलिटिकल टेंशन भी है कारण
नई दिल्ली। पिछले तीन महीने में एल्यूमीनियम की कीमतों में 7 फीसदी से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई है। लेकिन फिलहाल जियोपॉलिटिकल टेंशन और डिमांड में कमी की वजह से एल्युमीनियम की कीमतों में दबाव देखने को मिल रहा है। हालांकि, एक्सपर्ट मान रहे हैं कि जियोपॉलिटिकल टेंशन खत्म होने के बाद एल्युमीनियम के दाम में आगे 10 फीसदी की तेजी आने की संभावना है।
 
10% कीमत में उछाल की उम्मीद
 
- केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया के मुताबिक, एल्युमीनियम की कीमतों में जो तेजी दिख रही है, वह चीन में पर्यावरण मुद्दे की वजह से खदानें बंद होने से सप्लाई पर असर पड़ा था। इससे कीमतों में तेजी आई थी। साथ ही कंपनियों द्वारा मांग में तेजी की वजह से एल्युमीनियम को सपोर्ट मिला था। फिलहाल जियोपॉलिटिकल टेंशन की वजह से कीमतों में कमजोरी है। हालांकि, मांग में सुधार आने से अगले 2-3 महीने में एल्युमीनियम की कीमतों में 8 से 10 फीसदी की तेजी आ सकती है।
 
- वहीं एंजेल कमोडिटी के रिसर्च हेड अनुज गुप्ता का कहना है कि एक क्वार्टर में एल्युमीनियम के दाम करंट प्राइस 124 रुपए प्रति किग्रा से बढ़कर 130 से 135 रुपए प्रति किग्रा तक होने की उम्मीद है।
 
15 से 20 रुपए बढ़ा होलसेल रेट
 
दिल्ली के एल्युमीनियम ट्रेडर सुमित कुकरेजा का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में होलसेल में एल्युमीनियम की कीमतें 15-20 रुपए प्रति किग्रा बढ़ी हैं। कुकरेजा के मुताबिक, फिलहाल मार्केट से नए ऑर्डर नहीं निकल रहे हैं। बस की बॉडी बनाने में एल्युमीनियम का ज्यादा इस्तेमाल होता है। लेकिन एआरएआई कोड लागू होने की वजह से एल्युमीनियम की डिमांड पर असर पड़ा है। बड़े बिल्डर्स ने एआरएआई कोड ले लिया है उनके लिए तो ठीक है, लेकिन छोटे बॉ़डी बिल्डर्स के लिए मुश्किल है। होलसेल में फिनिस्ड एल्युमीनियम की कीमत 185-200 रुपए प्रति किग्रा है। 
 
देश में कितनी है एल्युमीनियम की खपत
 
देश में कुल एल्युमीनियम की खपत लगभग 34 लाख टन है, जो बढ़कर 2020-21 तक 53 लाख टन होने की उम्मीद है।
 
कहां होता है इस्तेमाल
 
भारत में एल्युमीनियम का इस्तेमाल पॉवर सेक्टर, एविएशन, ऑटोमोटिव, कंस्ट्रक्शन, कंज्यूमर ड्यूरेबल और पैकेजिंग इंडस्ट्री में होता है।
 
ये फैक्टर्स प्राइस को करेंगे सपोर्ट
 
- चीन में 2 मिलियन टन क्षमता के तीन एल्युमिनियम प्रोजेक्ट्स आने वाले थे, जिसको फिलहाल रोक दिया गया है।
- चीन की इकोनॉमी में पिछले साल की तुलना में पहले क्वार्टर में 6.9 फीसदी से बढ़ी है। यह बढ़ोतरी अनुमान से ज्यादा है। सरकार द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर को सपोर्ट दिए जाने से तेजी आई है।
- देश में सरकार द्वारा स्मार्ट सिटी, रेलवे, एविएशन सेक्टर को बूस्ट किए जाने से एल्युमीनियम की मांग बढ़ेगी। विश्व में एल्युमीनियम के कुल प्रोडक्शन का 25 फीसदी इस्तेमाल कंस्ट्रक्शन में होता है।

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