Home » Market » Commodity » Metalsबिटक्वाइन से डर गया अंडरवर्ल्ड, बदलना पड़ा कमाई का तरीका-Criminal underworld is dropping bitcoin for other options

बिटक्वाइन से डर गया अंडरवर्ल्ड, बदलना पड़ा कमाई का तरीका

अंडरवर्ल्ड के लिए बिटकॉइन अभी तक अपनी काली कमाई छिपाने का सबसे सुरक्षित ठिकाना बना हुआ था।

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नई दिल्ली. अंडरवर्ल्ड के लिए बिटकॉइन अभी तक अपनी काली कमाई छिपाने का सबसे सुरक्षित ठिकाना बना हुआ था। यहां पर उनकी दौलत तेजी से बढ़ती भी जा रही थी। लेकिन अपराधियों को अचानक इससे डर लगने लगा है और उन्हें अपनी दौलत छिपाने के लिए दूसरे ऑप्शन तलाशने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

 

 

खतरे में पड़ी काली कमाई

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक अब अपराधी अब ऐसे ठिकाने तलाश रहे हैं, जहां से उनकी काली कमाई पकड़ में नहीं आ सके। इस क्रम में अपराधियों को मोनेरो जैसे 'प्राइवेसी कॉइन' खासे भा रहे हैं और इस कॉइन की कीमत बीते दो महीने के दौरान तेजी से बढ़ी है। माना जा रहा है कि क्राइम या मनी लॉन्डरिंग से हुई काली कमाई यहीं पर लगाई जा रही है।

 

 

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जांच एजेंसी ने जारी किया अलर्ट

यूरोपीय यूनियन की जांच एजेंसी यूरोपोल ने तीन महीने पहले ही इसको लेकर अलर्ट जारी किया था। इसमें कहा गया था कि 'मोनेरो, एथेरियम और जेडकैश जैसी दूसरी क्रिप्टोकरंसीज तेजी से लोकप्रिय होती जा रही हैं।' फिरौती के लिए लोगों के कंप्यूटर लॉक करने वाले साइबर अपराधी (जिन्हें एक्सटॉर्शनिस्ट भी कहा जाता है) अब ऐसी ही करंसीज में पेमेंट की डिमांड कर रहे हैं। एक सिक्युरिटी कंपनी वर्डफेंस के मुताबिक 18 दिसंबर को हैकर्स ने मोनेरो वसूलने के लिए प्रति घंटे 1.90 लाख वर्डप्रेस साइट्स पर अटैक किया।

दुबई की सिक्युरिटी कंपनी कोमे टेक्नोलॉजिज के फाउंडर मैट सुशे ने कहा कि रैंसमवेयर अटैक के लिए मोनेरो फेवरेट करंसीज में से एक है।

 

 

दो महीने में 4 गुनी हुई कीमत

2017 के आखिरी दो महीनों में मोनेरो की कीमत चार गुनी हो गई। माना जा रहा है कि मोनेरो में यह तेजी की शुरुआत है, जिसमें आगे बिटकॉइन से भी ज्यादा तेजी देखने को मिल सकती है और यह दुनिया की सबसे ज्यादा वैल्युएलब करंसी बन सकती है। इसी अवधि के दौरान बिटकॉइन महज दोगुनी हुई है।

 

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अपराधियों में इसलिए मची खरीदने की होड़

मोनेरो के मामले में अपराधियों में होड़ मची है, क्योंकि बिटकॉइन में ऐसी टेक्नोलॉजी है जो उनके खिलाफ काम करती है। बिटकॉइन में यूज होने वाली ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी ट्रांजैक्शंस की डिटेल, उससे जुड़े एड्रेस, उसका टाइम और अमाउंट को रिकॉर्ड करती है। इससे अपराधियों के जांच एजेंसियों की नजरों में आने की पूरी संभावना होती है।

 

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कैसे हासिल होते हैं बिटकॉइन

बिटकॉइन हासिल करने के तीन तरीके हैं- ऐसी कई वेबसाइट्स हैं जो फ्री बिटकॉइन ऑफर करती हैं। इसके लिए आपको कुछ टास्‍क्‍स को पूरा करना होता है और उसके बदले मे आपको बिटकॉइन मिलते हैं। इसके अलावा कैश के बदले या फिर किसी सामान के बदले भी बिटकॉइन हासिल होते हैं। जिन देशों में बिटकॉइन लीगल हैं, वहां आप कैश के बदले बिटकॉइन देने वाले सेलर या सामान के पेमेंट के रूप में बिटकॉइन हासिल कर सकते हैं। तीसरा तरीका है बिटकॉइन की माइनिंग।

 

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ऐसे खतरे में पड़ जाते हैं बिटकॉइन

फैक्‍टसाइट की एक रिपोर्ट के मुताबिक बिटकॉइन एक डिजिटल वॉलेट में सेव होते हैं और इनकी एक डिजिटल की होती है। अगर आपसे यह की खो जाती है तो वॉलेट भी खो जाता है यानी आप अपने कमाए हुए बिटकॉइन गंवा देते हैं। साथ ही कोई और भी इन बिटकॉइन का इस्‍तेमाल नहीं कर सकता। यानी ये सर्कुलेशन से ही बाहर हो जाते हैं।

 
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