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Home » मार्केट » कमोडिटी » गोल्ड सिल्वरNow a new gold purity xray to indicate whether gold coins are fake

GOLD की X-RAY मशीन, सिर्फ 5 मिनट में पहचाने सोना असली है या नकली

अब आपको ज्वैलर्स असली सोने के नाम पर नकली नहीं बेच पाएंगे, क्योकिं सोने की शुद्धता बताने वाली मशीन अब बाजार में उपलब्ध है। मौजूदा वक्त में शीदियों के सीजन के चलते सोने और चांदी के गहनों की बिक्री बढ़ जाती है

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सोने की खरीदारी करते वक्त मन में उठने वाले सवालों से राहत मिलने जा रही है। सिर्फ 5 मिनट की जांच से आप सोने की शुद्धता को पहचान पाएंगे। क्योंकि, सोने की शुद्धता जांचने के लिए एक विशेष मशीन अब बाजार में उपलब्ध है। नेशनल रिसर्च लैबोरेटरी फॉर कंजर्वेशन ऑफ कल्‍चरल प्रॉपर्टी लखनऊ के वैज्ञानिकों ने माइक्रो एक्स-रे सिस्टम विकसित किया है। इस मशीन की सहायता से सोने के सिक्कों और गहनों की शुद्धता की जांच की जा सकेगी।
 

क्या है मशीन की कीमत

 
माइक्रो एक्स-रे मशीन की फिलहाल बाजार में कीमत 45 लाख रुपए है। मशीन सिर्फ 5 से 10 मिनट में बता देती है कि गहनों में सोने की मात्रा कितनी है और ये कितना शुद्ध है।

 

स्कैनर की तरह काम करती है मशीन

 
यह मशीन मेट्रो स्टेशनों पर लगे स्कैनर की तरह ही काम करती है। मशीन में एक ट्रे होती है, इस ट्रे में जैसे ही सोने को डाला जाता है वैसे ही एक रोशनी गुजरती है। रोशनी गुजरने का मतलब ही ये है कि सोने को स्कैन किया जा रहा है। इसके बाद सोने की शुद्धता का रिजल्ट आ जाएगा। मतलब सिर्फ 5 मिनट की देरी में आपको सोने की शुद्धता की पहचान हो सकेगी।
 
कहां से मिलेगी मशीन
 
वैज्ञानिकों का कहना है कि बैंक अपने पास रखे सोने की जांच कराने के लिए संस्थान से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें निश्चित शुल्क और प्रक्रिया से संबंधित कुछ औपचारिकताओं को पूरा करना होगा। साथ ही, उनके मुताबिक इस मशीन को बाजार में भी जल्द लाने की तैयारी है।
 
22 कैरेट के नाम पर देते हैं 18 कैरेट
 
मौजूदा वक्त में शादियों के सीजन के चलते सोने और चांदी के गहनों की बिक्री बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाकर ज्वैलर्स 22 कैरेट के नाम पर 18 कैरेट या उससे भी कम शुद्धता वाले सोने को आपको बेच देते हैं। इसकी पहचान एक आम इंसान तो क्या एक्सपर्ट भी जल्दी से नहीं कर पाते। 
 
अगली स्लाइड में पढ़ें कैसे ज्वैलर्स आपको देते है धोखा....
 
नोटः तस्वीरों का इस्तेमाल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

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असली के नाम पर ज्वैलर्स देते है धोखा
 
आमतौर पर हम 22 कैरेट सोने से बनी ज्वैलरी खरीदते हैं और 18 कैरेट सोने की ज्वैलरी उससे सस्ती होती है। 22 कैरेट में सोने की मात्रा 91.6 फीसदी होती है और 8.4 फीसदी कॉपर मिला होता है। वहीं, 18 कैरेट में सोने की मात्रा 65 फीसदी होती है, लेकिन कई ज्वैलर्स सस्ते सोने का लालच देकर अशुद्ध सोना बेचते हैं। ज्वैलर्स 22 कैरेट बोलकर 18 कैरेट से भी कम शुद्धता वाला सोना ग्राहकों को बेचते हैं। एसोसिएशन ऑफ इंडिया के मुताबिक नॉन हॉलमार्क ज्वैलरी में सोने की मात्रा 60 फीसदी से भी कम है। एसोसिएशन ने कहा है कि सोने के कारोबार में ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी हो रही है। ज्वैलर्स असली सोने के नाम पर मिलावटी सोना बेच रहे हैं।
 
देश में करीब 900 टन सोने की खपत
 
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक 2014 में 842.7 टन सोने की खपत हुई है। जबकि, 2013 में 974.8 टन सोने की खपत हुई थी। अपनी खपत को पूरा करने के लिए हम प्रति वर्ष 900-1000 टन सोना आयात करते है।
 
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मिलावट रोकने के लिए नहीं पुख्ता कानून
 
ज्वैलर्स के लिए फिलहाल कोई पुख्ता कानून नहीं है, इसीलिए बाजार में मिलावटी सोना बिक रहा है। आप सिर्फ आईपीसी की धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज कर सकते हैं या फिर कंज्यूमर कोर्ट का सहारा ले सकते हैं। उपभोक्ता मंच ने मांग की है कि मिलावट की जांच करने के लिए सरकार मजबूत कदम उठाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करें। उन्होंने मांग की है कि ऐसे ज्वैलर्स जो सोने में मिलावट करते हैं, उनका लाइसेंस रद्द करने के साथ ही भारी जुर्माना लगाया जाना चाहिए। साथ ही, बीआईएस हॉलमार्किंग केंद्रों की संख्या बढ़ाने की भी जरूरत है।
 
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दैनिक भास्कर ने ही किया था खुलासा
 
सोना खरीददारों से आखिर यह गोलमाल कैसे हो रहा है, इसका खुलासा दैनिक भास्कर ने अपने एक अभियान में किया था। दैनिक भास्कर ने जयपुर में 14 ज्वैलर्स से 25 गहने खरीदे थे। इन गहनों की निजी और सरकारी परीक्षण केंद्रों पर जांच कराई गई थी, जिसमें चौकाने वाले नतीजे सामने आए। 25 में से सिर्फ एक गहना मानकों पर खरा उतरा, बाकी सारे गहने तय मानकों पर सही नहीं उतरे। सोने की शुद्धता 83 फीसदी होनी चाहिए थी लेकिन, इनमें 72 से 80 फीसदी शुद्धता ही पाई गई।
 
 
नॉन हॉलमार्क ज्वैलरी खरीदने से होता है नुकसान
 
त्योहारी सीजन में मांग अधिक होने के चलते कुछ ज्वैलर्स ग्राहकों को मिलावटी सोना बेचते हैं। ऐसे में अगर नॉन हॉलमार्क ज्वैलरी आप खरीदते हैं तो आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। पिछले महीने सोने की मिलावट को लेकर केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने कहा था कि निकट भविष्य में सोने का हॉलमार्क होना देशभर में अनिवार्य किया जाएगा।
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