विज्ञापन
Home » Market » Commodity » Gold SilverYou can sale your gold jewellery as shares

सोने के जेवर से कर सकेंगे शेयर बाजार जैसी कमाई, सरकार ला रही है नया कानून

सोने के जेवर को मजबूरन सुनार के पास बेचना पड़ता है कम दाम पर

You can sale your gold jewellery as shares
  • चालू खाते का घाटा कम करने के लिए नया कानून ला रही सरकार
  • सोने की ज्वैलरी रखने वालों को मिलेगा ज्यादा फायदा

नई दिल्ली। घर में रखे हुए सोने के जेवर की बिक्री लोग अत्यधिक जरूरत के समय ही करते हैं। इसका फायदा सुनार भरपूर उठाता है। जब भी आप सोने के जेवर को बेचने जाते हैं तो सुनार उसे नए सोने के दाम से कम दाम पर खरीदता है। कुल मिलाकर सोने के जेवर बेचने वाले को वह दाम नहीं मिल पाता है तो नए जेवर का चल रहा होता है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। सरकार सोने के पुराने जेवर के बदले नए जेवर की तरह कीमत दिलवाने के लिए कानून ला रही है। 

शेयर बाजार की तरह कर सकेंगे कमाई
सोने के जेवर से अब शेयर बाजार की तरह कमाई कर सकेंगे। मतलब किसी सोनार के पास पुराने जेवर को बेचने के लिए नहीं जाना होगा। जिस दिन सोना बेचना चाहते हैं, उस दिन की दर के हिसाब से आपके खाते में पैसा चला जाएगा। वाणिज्य एवं कानून मंत्रालय के मुताबिक, प्रस्तावित कानून में सोने को शेयर की तरह एक संपदा के रूप में प्रचलित करना है। सोने के इस शेयर को लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन से मान्यता मिलेगी। प्रस्तावित कानून के मुताबिक, अगर आपके पास सोने के जेवर या सिक्के हैं तो उसे पिघलाकर 995 या 999 शुद्धता बार के रूप में ढाला जाएगा। यह काम मान्यता प्राप्त रिफाइनरी करेगी। ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड इस काम में महत्वपूर्ण रोल निभाएगा। घर में रखे जेवर को इस प्रकार से रिफाइनरी में देने वाले लोगों को एक सर्टिफिकिट दिया जाएगा। यह सर्टिफिकेट कंपनी के शेयर सर्टिफिकेट की तरह हस्तांतरित किया जा सकेगा। दाम बढ़ने पर सर्टिफिकेट होल्डर जैसा कि शेयर बाजार में होता है, इसकी बिकवाली कर सकेंगे। 

जेवर या सिक्के के रूप में बेकार पड़ा है 25 हजार टन सोना
मंत्रालय का मानना है कि इससे बाजार में सोने का प्रवाह बढ़ेगा और इससे आयात में कमी आएगी जो हमारे चालू खाते के घाटे को कम करने में मदद मिलेगी। व्यापार घाटे में सोने के आयात की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वर्ष 2017 में भारत में 837 टन सोने का आयात किया गया था तो 2018 में यह आयात 766 टन का रहा। सरकार घर में रखे सोने को निकालने के लिए गोल्ड बांड भी ला चुकी है। सरकार के अनुमान के मुताबिक, देश में 25,000 टन सोना जेवर या सिक्के के रूप में बेकार पड़ा है।

डिजिटल तरीके से भी कर सकते हैं गोल्ड की खरीदारी
यदि आप सोने में निवेश करना चाहते हैं तो आप डिजिटल तरीके से भी इसकी खरीदारी कर सकते हैं। शेयरों की तरह सोने की ऑनलाइन खरीदी के लिए डिजिटल गोल्ड बाजार वर्ष 2012-13 में शुरू हुआ था। तब से मार्च 2019 तक 80 मिलियन से अधिक ग्राहकों ने डिजिटल गोल्ड खाते खोले जा चुके हैं। ज्वैलरी उद्योग का अनुमान है कि इन प्लेटफार्मों पर सालाना आठ से नौ टन सोना बेचा जाता है और लगभग तीन टन लोगों के घरों में पहुंचा दिया जाता है। सोने के आभूषणों और सिक्कों की ऑनलाइन बिक्री भी जोर पकड़ रही है। यही नहीं कंपनियां खाताधारकों को अपने खाते में डिजिटल सोने को आभूषण में परिवर्तित करने का विकल्प प्रदान कर रही हैं। पेटीएम, फोनपे और गूगल पे आदि एमएमटीसी-पीएएमपी इंडिया के साथ अपने प्लेटफॉर्म पर बेचे गए सोने को खरीदते हैं और स्टोर करते हैं। सेफगोल्ड और ऑग्मॉन्ट ने आईडीबीआई ट्रस्टीशिप सर्विसेज के साथ टाई-अप किया है।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन
Don't Miss