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गोल्‍ड से जान छुड़ा रहे सुपर रिच, ये है पैसे बनाने का नया तरीका

देश के सुपर रिच (जिनकी वैल्‍थ 5 करोड़ डॉलर यानी करीब 325 करोड़ रुपए) गोल्‍ड से पीछा छुडा रहे हैं।

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नई दिल्‍ली. देश के सुपर रिच (जिनकी वैल्‍थ 5 करोड़ डॉलर यानी करीब 325 करोड़ रुपए) गोल्‍ड से पीछा छुडा रहे हैं। इन अमीरों की निवेश के लिए यह पहली पसंद नहीं रह गया है। इसके अलावा प्रॉपर्टी से भी इन अमीरों का मोहभंग हुआ है। इन दोनों ही जगहों पर देश के सुपर रिच ने अपना निवेश घटाया है। 

 

 

आखिर कहां लगा रहे हैं पैसा

देश के सुपर रिच अमीर इस वक्‍त अपना पैसा स्‍टॉक मार्केट में लगा रहे हैं। स्थिति यह है कि दुनिया के अमीरों के मुकाबले भारत के अमीर स्‍टॉक मार्केट में प्रतिशत के हिसाब से सबसे ज्‍यादा निवेश कर रहे हैं। दुनिया के अमीरों का जहां स्‍टॉक में निवेश का औसत 60 फीसदी है वहीं भारत के सुपर रिच का निवेश का औसत 95 फीसदी तक है। 

 

 

और कहां बढ़ाया है निवेश

भारत के सुपर रिच ने प्राइवेट इक्विटी के रूप में भी अपना निवेश बढ़ाया है। दुनिया के सुपर रिच जहां अपने निवेश लायक पैसों का करीब 45 फीसदी प्राइवेट इक्विटी के रूप में लगा रहे हैं तो भारत के सुपर रिच इस तरीके से अपने निवेश योग्‍य राशि का करीब 66 फीसदी प्राइवेट इक्विटी के रूप में लगा रहे हैं। इस माध्‍यम से पैसा लिस्टिड और अनलिस्टिड कंपनियों में लगाया जाता है। 

 

 

बॉन्‍ड भी हैं निवेश के लिए पसंद

देश के सुपर रिच का निवेश बॉन्‍ड में बढ़ा है। दुनिया के रईसों की तुलना में भारत के सुपर रिच इस मार्केट में ज्‍यादा निवेश कर रहे हैं। दुनिया के अमीर इस मार्केट में जहां औसतन 30 फीसदी निवेश कर रहे हैं, वहीं भारतीयों ने 35 फीसदी तक निवेश बॉन्‍ड में कर रखा है। 

 

 

आगे पढ़ें : क्रिप्‍टो करेंसी नहीं है पसंद 

 

 

 

क्रिप्‍टो करेंसी नहीं है भारतीय सुपर रिच की पसंद 

दुनिया के सुपर रिच जहां क्रिप्‍टो करेंसी में ज्‍यादा निवेश कर रहे हैं, वहीं भारत के सुपर रिच को यह नहीं भा रहा है। दुनिया के सुपर रिच का क्रिप्‍टो करेंसी में निवेश जहां 21 फीसदी तक है वहीं भारत के सुपर रिच क्रिप्‍टो करेंसी में 18 फीसदी तक ही निवेश करते हैं। 

 

 

प्रॉपर्टी से टूटा मोह

भारत के सुपर रिच का प्रॉपर्टी से बुरी तरह मोह टूटा है। दुनिया के सुपर रिच जहां प्रॉपर्टी में 56 फीसदी तक निवेश कर रहे हैं वहीं भारत के सुपर रिच केवल 13 फीसदी निवेश ही प्रॉपर्टी में कर रहे हैं। पिछले कई सालों से भारत में प्रॉपर्टी के रेट उस तरह नहीं बढ़ें हैं जैसे पहले बढ़ते थे। 

 

 

नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट में हुआ खुलासा 

ब्‍लूमबर्ग के अनुसार नाइट फ्रैंक ने भारत सहित दुनिया के 500 प्राइवेट बैंकर्स और वेल्‍थ ए्डवाइजर्स से प्रतिक्रया लेने के बाद इस रिपोर्ट को तैयार किया है। दुनिया के सुपर रिच की लिस्‍ट हर साल जारी होती है। 

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