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3146 रुपए में खरीद सकते हैं गोल्ड बॉन्ड, ऑनलाइन पेमेंट पर मिल रहा 50 रुपए का डिस्काउंट

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की दूसरी सीरिज जारी

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नई दिल्ली।  त्योहारी सीजन में सोने के प्रति लोगों के बढ़ते रुझान को देखते हुए सरकार ने साल 2018-19 के लिए गोल्ड बॉन्ड की दूसरी सीरीज लॉन्च कर दी है। 15 अक्टूबर से ये 19 अक्टूबर तक के लिए खुला है और बॉन्ड का सर्टिफिकेट 23 अक्टूबर को जारी होगा। ऑनलाइन और डिजिटल पेमेंट करने वाले निवेशकों को गोल्ड बॉन्ड पर 50 रुपए का डिस्काउंट मिल रहा है। इस स्कीम के तहत 1 ग्राम से 4 किलोग्राम तक के गोल्ड बांड खरीदे जा सकते हैं। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के लिए परचेज प्राइस 3,146 रुपए प्रति ग्राम है। स्कीम के तहत इनिशियल इन्वेस्टमेंट पर 2.5 फीसदी का सालाना ब्याज मिलेगा।

 

खरीद सकते हैं 4 किलो तक सोना

स्कीम के अंतर्गत बॉन्ड 1 ग्राम और उसके गुणकों में हैं। इस बॉन्ड में न्यूनतम 1 ग्राम के लिए इन्वेस्टमेंट किया जा सकता है और एक व्यक्ति वित्त वर्ष (अप्रैल-मार्च) में अधिकतम 4 किलोग्राम के लिए निवेश कर सकता है। सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक इंडिविजुअल व एचयूएफ के लिए प्रति वित्त वर्ष अधिकतम सीमा 4 किलोग्राम और ट्रस्ट व इस तरह की अन्य एंटिटीज के लिए 20 किलोग्राम है।

 

आगे पढ़ें, कैसे खरीदें गोल्ड बॉन्ड

 

ऐसे कर सकते हैं खरीद

 

सरकार द्वारा जारी इश्यू और सेकंडरी मार्केट से की गई खरीद के लिए सालाना सीमा लागू होगी। इन बांड्स में निवेश करने वाले इन्वेस्टर्स को फिजिकल या डिमैटीरिलाइज्ड फॉर्म में होल्डिंग का विकल्प दिया गया है। इन बांड्स की बिक्री बैंक, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, अधिकृत पोस्ट ऑफिस और स्टॉक एक्सचेंज एनएसई व बीएसई के जरिए की जाएगी।

 

गोल्ड में निवेश करने का विकल्प

 

सॉवरेन गोल्ड बांड फिजिकल गोल्ड में निवेश करने का विकल्प है। इस स्कीम को लगभग दो साल पहले लॉन्च किया गया था। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा सरकार की ओर से बॉन्ड जारी किया जाता है। स्कीम का मुख्‍य उदेश्य फिजिकल गोल्ड की डिमांड को कम करना है। साथ ही लोगों को फिजिकल गोल्ड की बजाए दूसरे विकल्प के जरिए निवेश की ओर मोड़ना भी है।

 

आगे पढ़ें, गोल्ड बॉन्ड में निवेश क्या हैं फायदे

गोल्ड बॉन्ड में निवेश के ये हैं फायदे

 

# सोना संभालने का कोई झंझट नहीं

 

गोल्‍ड बांड खरीदने पर फि‍जि‍कल रूप में सोना संभालने का कोई झंझट नहीं रह जाएगा। इसका इस्‍तेमाल लोन लेने के लि‍ए जमानत के तौर पर कि‍या जा सकता है। बॉन्‍ड पर सालाना 2.50 फीसदी का रिटर्न मि‍लने का आश्‍वासन। वापसी पर व्‍यक्‍ति‍यों को पूंजी लाभ पर कर में छूट भी मि‍लेगी। वहीं, इसमें धोखाधड़ी का डर नहीं होता है। गोल्ड बॉन्ड में किसी तरह की धोखाधड़ी और अशुद्धता की संभावना नहीं होती है।

 

# निवेश के साथ बचत भी

 

सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गोल्ड बांड को डिजिटल फॉर्म में सुरक्षित रखा जा सकता है। वहीं, दूसरी ओर इसे अपने घर या डीमैट अकाउंट में भी रखा जा सकता है। इससे तरह लॉकर पर होने वाला खर्च भी बच जाएगा।

# मिल सकता है लोन

जरूरत पड़ने पर गोल्ड बांड के एवज में बैंक से लोन भी लिया जा सकता है। गोल्ड बॉन्ड पेपर को लोन के लिए कोलैटरल के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। यह पोस्ट ऑफिस की नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट की तरह होता है।

 

# कैपिटल गेन टैक्स की भी हो सकती है बचत

 

गोल्ड बांड की कीमतें सोने की कीमतों में अस्थिरता पर निर्भर करती है। सोने की कीमतों में गिरावट गोल्ड बॉन्ड पर नकारात्मक रिटर्न देता है। इस अस्थिरता को कम करने के लिए सरकार लंबी अवधि वाले गोल्ड बॉन्ड जारी कर रही है। इसमें निवेश की अवधि 8 साल होती है, लेकिन आप 5 साल के बाद भी अपने पैसे निकाल सकते हैं। पांच साल के बाद पैसे निकालने पर कैपिटल गेन टैक्स भी नहीं लगाया जाता है।

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