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26 फरवरी को बिकेगा गिरवी रखा गोल्‍ड, सस्‍ते में खरीदने का मौका

मुथूट फाइनेंस हर बार की तरह इस बार भी अपने पास गिरवी रखे गोल्‍ड के जेवरों की नीलामी करने जा रही है।

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नई दिल्‍ली. मुथूट फाइनेंस हर बार की तरह इस बार भी अपने पास गिरवी रखे गोल्‍ड के जेवरों की नीलामी करने जा रही है। यह नीलामी 26 फरवरी को होगी। कंपनी उन जेवरों की नीलामी करती है, जिसकों कस्‍टमर गिरवी रखकर पैसे लेते हैं, लेकिन बाद में वापस नहीं लेते हैं। आरबीआई के नियमों के तहत ऐसा होता है, जिसमें कोई भी व्‍यक्ति भाग ले सकता है।

 

40 ब्रांच में होगी यह नीलामी

कंपनी के विज्ञापन के अनुसार यह नीलामी दिल्‍ली की 40 ब्रांच में होगी। इन ब्रांचों में कोई भी व्‍यक्ति जाकर जेवरों के बारे में जानकारी ले सकता है। इसके अलावा इन जेवरों के रिजर्व प्राइस की जानकारी भी की जा सकती है। जो भी लोग इस नीलामी में भाग लेना चाहते हैं वह एक दिन पहले भी शर्तें पूरी सकते हैं। कंपनी ने इसके लिए विज्ञापन भी जारी किया है, जिससे इच्‍छुक लोग ज्‍यादा जानकारी ले सकते हैं।

 

गोल्‍ड ट्रेडर के लिए नीलामी एक बेहतर मौका

गोल्ड कारोबार में भाग लेने वाले ट्रेडर के लिए भी यह नीलामी एक मौका है। वह गोल्ड ज्वेलरी को कम कीमत में खरीद सकते हैं। देश की प्रमुख गोल्ड लोन देने वाली कंपनियां समय-समय पर इस तरह की नीलामी करती रहती है। नीलामी में भाग लेने के लिए बोली लगाने वाले को कम से कम 25 हजार रुपए या फिर तय किए गए रिजर्व प्राइस से 2 फीसदी कम का डिमांड ड्रॉफ्ट कंपनी के नाम देना होता है। यह ड्रॉफ्ट कंपनी के नाम से नीलामी के एक दिन पहले तक देना होता है। जिसे नीलमी में असफल होने वाले आवेदक को रिटर्न कर दिया जाता है।

 

आगे पढ़ें : सोने की नीलामी के पहले कंपनियां देती है नोटिस

 

 

सोने की नीलामी आरबीआई नियमों के अनुसार

गोल्‍ड लोन देने वाली एक कंपनी के अधिकारी ने बताया कि सोने के आभूषणों की जो नीलामी की जाती है वह आरबीआई के नियमों के अनुसार होती है। जबकि इस नीलामी में आरबीआई का एक पर्यवेक्षक भी मौजूद होता है। अधिकारी ने बताया कि उनकी यह कोशिश होती है कि विज्ञापन के जरिए डिफॉल्ट करने वाले ग्राहकों को सतर्क किया जाए। अगर वह अपनी ज्वैलरी वापस नहीं लेते हैं तो उसकी नीलामी कर दी जाएगी। इसका कुछ प्रभाव ग्राहकों पर पड़ता है लेकिन इसके बाद भी अगर ग्राहक नहीं आता है तो फिर नीलाम करने का ही विकल्प बचता है।

 

सोने की नीलामी के पहले कंपनियां देती है नोटिस

दरअसल नीलामी के लिए रखी गई सोने के आभूषण उन ग्राहकों की होती है। जिन्‍होंने अपने कर्ज नहीं चुकाए हैं। जिसको नीलाम करके कंपनी कर्ज की वसूली करती है। जब कोई ग्राहक 12 महीने से अपनी ईएमआई नहीं चुकाता है तो कंपनियां उसे नोटिस भेजती है। उसके बाद भी अगर कोई ग्राहक कर्ज नही चुकाता है तो आरबीआई नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाती है।  

 

 

नीलामी में भाग लेने के लिए पैन कार्ड जरूरी

गोल्‍ड की नीलामी में भाग लेने के लिए ग्राहक के पास पैन कार्ड और आईडी कार्ड होना जरूरी है। इसके बाद ही वह नीलामी प्रक्रिया में हिस्‍सा ले सकता है और बोली लगा सकेगा। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि कोई खरीदार ब्लैक मनी का इस्तेमाल नहीं कर सके।

 
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