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गोल्ड की हालमार्किंग जल्द होगी अनिवार्य, सरकार ने बनाया प्लान

सरकार देश में गोल्ड ज्वैलरी के लिए हालमार्किंग (Hallmarking) को मैंडेटरी करने की योजना बना रही है।

Govt plans to make gold hallmarking mandatory soon: Paswan
सरकार देश में गोल्ड ज्वैलरी के लिए हालमार्किंग (Hallmarking) को मैंडेटरी करने की योजना बना रही है। फूड और कंज्यूमर्स अफेयर्स मिनिस्टर राम विलास पासवान ने गुरुवार को यह जानकारी दी। वर्तमान में सोने की शुद्धता की गारंटी मानी जाने वाली हालमार्किंग वॉल्युंटरी है। कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्ट्री के अधीन आने वाला ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (बीआईएस) हालमार्किंग का एडमिनिस्ट्रेटिव डिपार्टमेंट है।

नई दिल्ली. सरकार देश में गोल्ड ज्वैलरी के लिए हालमार्किंग (Hallmarking) को मैंडेटरी करने की योजना बना रही है। फूड और कंज्यूमर्स अफेयर्स मिनिस्टर राम विलास पासवान ने गुरुवार को यह जानकारी दी। वर्तमान में सोने की शुद्धता की गारंटी मानी जाने वाली हालमार्किंग वॉल्युंटरी है। कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्ट्री के अधीन आने वाला ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (बीआईएस) हालमार्किंग का एडमिनिस्ट्रेटिव डिपार्टमेंट है।

 

 

हालमार्किंग के हो सकते हैं तीन मानक

पासवान ने वर्ल्ड स्टैंडर्ड डे पर बीआईएस द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, ‘बीआईएस ने 14 कैरेट, 18 कैरेट और 22 कैरेट ग्रेड की गोल्ड ज्वैलरी के लिए हालमार्किंग के मानक तय किए हैं।’ हालांकि पासवान ने गोल्ड की हालमार्किंग अनिवार्य करने की तारीख के बारे में नहीं बताया, लेकिन कहा कि कंज्यूमर्स के हित में स्टैंडर्ड तय किया जाना जरूरी है।

 

 

देश में हैं 653 हालमार्किंग सेंटर

भारत में बीआईएस से मान्यता प्राप्त 653 जांच और हालमार्किंग सेंटर हैं, जिनमें से सबसे ज्यादा केंद्र तमिलनाडु में और उसके बाद केरल में हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चौथी औद्योगिक क्रांति स्मार्ट टेक्नोलॉजी की होगा और ऐसे में बीआईएस के सामने सबसे बड़ी चुनौती स्टैंडर्ड तय करना है। पासवान ने इस अवसर पर बीआईएस की वेबसाइट को नए रूप में लॉन्च किया और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग पर प्री-स्टैंडर्डाइजेशन रिपोर्ट जारी की।

 

 

नए स्टैंडर्ड वक्त की जरूरत

कंज्यूमर अफेयर्स राज्य मंत्री सी आर चौधरी ने जोर देकर कहा कि आर्टीफीशियल इंटेलिजेंस जैसी नई स्मार्ट टेक्नोलॉजिज के लिए नए स्टैंडर्ड तय करना मौजूदा दौर की जरूरत है। बीआईएस डायरेक्टर जनरल सूरीना राजन ने कहा कि चौथी औद्योगिक क्रांति में इस्तेमाल की जाने वाली स्मार्ट टेक्नोलॉजिस के अध्ययन के लिए कमेटियां पहले ही बना दी गई हैं।

 

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