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नए साल में बढ़ेगी गोल्ड की चमक, 32 हजार पर पहुंच सकता है भाव

क्रूड में तेजी, शेयर बाजार का एक्सपेंसिव होना और डॉलर में कमजोरी से रिटेल मार्केट में गोल्ड 32,000 रुपए पर पहुंच सकता है

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नई दिल्ली. गोल्ड में निवेश करने वालों के लिए नया साल बेहतर साबित हो सकता है। बीते साल में गोल्ड ज्यादा रिटर्न नहीं दे सका है। ट्रेडर्स का कहना है कि साल 2018 में गोल्ड में तेजी का रुख रहेगा। क्रूड में तेजी, शेयर बाजार का एक्सपेंसिव होना और डॉलर में कमजोरी जैसे कई फैक्टर्स हैं जिससे 2018 में रिटेल मार्केट में गोल्ड 32,000 रु/10 ग्राम के भाव पर पहुंच सकता है। फिलहाल, रिटेल मार्केट में गोल्ड की कीमत 30,200 रुपए प्रति 10 ग्राम है।

 

2017 में 2100 रु महंगा हुआ गोल्ड

- इस साल लोकल मार्केट में गोल्ड में 2,100 रुपए यानी 7.42 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। 
-2017 के दौरान गोल्ड ने 31,350 रुपए प्रति दस ग्राम (8 सितंबर) का उच्चतम स्तर और 28,300 रुपए (2 जनवरी) का न्यूनतम स्तर छुआ। डॉलर में कमजोरी और राजनीतिक अनिश्चितताओं से ग्लोबल मार्केट में गोल्ड मजबूत हुआ है। वहीं लोकल ज्वैलर्स की डिमांड से कीमतों को सपोर्ट मिला है।

 

नए साल में ये फैक्टर्स गोल्ड के लिए हैं पॉजिटिव

 

क्रूड में तेजी का मिलेगा सपोर्ट

दिल्ली के रत्नचंद ज्वालानाथ ज्वैलर्स के मालिक तरुण गुप्ता का कहना है कि नए साल में गोल्ड 32 हजार रुपए के भाव पर पहुंच सकता है। क्रूड में तेजी से अन्य कमोडिटी में तेजी आएगी, जिसका फायदा गोल्ड को भी मिलेगा।

 

एक्सपेंसिव हुआ शेयर बाजार

गुप्ता ने कहा कि इस समय भारत सहित दुनिया भर के शेयर बाजार एक्सपेंसिव हैं। शेयर बाजार के एक्सपेंसिव होने से इसमें निवेश जोखिम भरा हो गया है। वहीं एक्सपर्ट्स का कहना है कि शेयर बाजार में नए साल में करेक्शन देखने को मिल सकता है। ऐसे में गोल्ड में निवेश बढ़ सकता है। शेयर बाजार की तुलना में यहां रिस्क कम है। निवेश बढ़ने पर गोल्ड में तेजी आएगी है।

 

जियोपॉलिटिकल टेंशन बरकरार, चाइनीज न्यू ईयर का सपोर्ट

केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया के मुताबिक, नॉर्थ कोरिया और मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल टेंशन बना हुआ है। नए साल में जियोपॉलिटिकल टेंशन बढ़ने पर सेफ हेवन के रूप में गोल्ड में निवेश बढ़ जाता। इससे गोल्ड की कीमत को सपोर्ट मिलेगा।
वहीं फरवरी में चीन का न्यू ईयर फेस्टिवल है। इस मौके पर चीन में गोल्ड की खरीददारी बढ़ जाती है। वैसे भी चीन दुनिया का सबसे बड़ा गोल्ड इम्पोर्टर देश है। खपत बढ़ने से गोल्ड का प्राइस बढ़ेगा।

 

गोल्ड पर इम्पोर्ट ड्यूटी हो सकती है कम

एंजेल ब्रोकिंग के कमेाडिटी एंड रिसर्च वाइस प्रेसीडेंट अनुज गुप्ता का कहना है कि सरकार गोल्ड पर इम्पोर्ट ड्यूटी कम करने का विचार कर रही है। इम्पोर्ट ड्यूटी में कम होने से देश में गोल्ड का इम्पोर्ट बढ़ेगा। इम्पोर्ट बढ़ने से देश में गोल्ड की डिमांड बढ़ेगी, तो इसकी कीमत भी बढ़ेगी।

 

डॉलर में कमजोरी, रुपए में मजबूती का मिलेगा फायदा

अमेरिकी डॉलर में कमजोरी के बीच कमोडिटीज को बूस्ट मिला, जिससे अन्य करंसीज के यूजर्स के लिए गोल्ड ज्यादा आकर्षक हो गई हैं। रुपए में मजबूती डोमेस्टिक बायर के लिए अच्छा है। अनुज गुप्ता ने कहा कि अमेरिकी डाटा कमजोर रहने की उम्मीद है। यहां इंफ्लेशन बढ़ने पर डॉलर को सपोर्ट मिलेगा। यानी इंफ्लेशन बढ़ने से डॉलर और कमजोर होगा। डॉलर में कमजोरी से रुपया मजबूत होगा, जिसका सपोर्ट गोल्ड को मिलेगा।

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