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साल 2017 में सोना ने दिया 5% से ज्यादा रिटर्न, चांदी ने किया निराश

कमोडिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस साल कुछ ऐसे फैक्टर्स रहे जिसकी वजह से सोना-चांदी ज्यादा रिटर्न देने में विफल रहे।

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नई दिल्ली. सोना-चांदी में निवेश करने वालों के लिए साल 2017 अच्छा साबित नहीं हुआ। इस साल सोना ने जहां 5 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है। वहीं चांदी ने निवेशकों को निराश किया है। चांदी में 0.58 फीसदी का निगेटिव रिटर्न मिला है। कमोडिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस साल कुछ ऐसे फैक्टर्स रहे जिसकी वजह से सोना-चांदी ज्यादा रिटर्न देने में विफल रहे।

 

सोना में मिला 5.23% रिटर्न, चांदी रहा फ्लैट

- अपने देश में सोना और चांदी निवेश के लिए प्रचलित विकल्‍प हैं। लेकिन इस साल इन विकल्‍पों में निवेश करने वालों के लिए अच्‍छा नहीं रहा। जहां गोल्‍ड में केवल 5.23 फीसदी का रिटर्न मिला, वहीं चांदी में तो निवेश करने वालों को थोड़ा नुकसान झेलना पड़ा।
- 2 जनवरी 2017 को वायदा बाजार में सोने की कीमत 27,570 रुपए प्रति 10 ग्राम थी, जो 28 दिसंबर 2017 को 29,012 रुपए प्रति 10 ग्राम रही। इस प्रकार इसमें निवेश करने वालों को 5.23 फीसदी का रिटर्न मिला।
- चांदी में निवेश करने वालों को 2017 में 0.58 फीसदी का घाटा उठाना पड़ा है। चांदी की कीमत वायदा बाजार में 2 जनवरी 2017 को 39,136 रुपए प्रति किलो थी, जो 28 दिसंबर 2017 को 38,906 रुपए प्रति किलो रही।

 

इन वजहों से सोना-चांदी में नहीं मिला ज्यादा रिटर्न

 

जियोपॉलिटिकल टेंशन का नहीं मिला सपोर्ट

- केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि साल 2017 के पहले 6 महीने में तेजी की मुख्य वजह जियोपॉलिटिकल टेंशन थी। वहीं अमेरिकी में डोनाल्ड ट्रम्प के आने से मार्च में प्राइस में तेजी आई थी। लेकिन बाद में जियोपॉलिटिकल टेंशन का सोना को ज्यादा सपोर्ट नहीं मिला।

 

जीएसटी और पैन कार्ड से सोने की मांग घटी

- दूसरी ओर घरेलू मार्केट में सोने की खरीद पर पैन कार्ड अनिवार्य किए जाने और जीएसटी में सोना पर टैक्स बढ़ाकर 3 फीसदी कर दिया गया था। इससे सोने की मांग में कमी आई। मांग में कमी का असर सोने के भाव पर पड़ा।
- केडिया ने कहा कि बेस मेटल में सप्लाई कंसर्न की वजह से चांदी में की कीमतों में तेजी रही थी। लेकिन बाद में इसमें गिरावट देखने को मिली।

 

स्टॉक मार्केट की अच्छे परफॉर्मेंस का असर

- एंजेल ब्रोकिंग कमोडिटी के डिप्टी वीपी अनुज गुप्ता के मुताबिक, इस साल डोमेस्टिक के साथ ग्लोबल स्तर पर स्टॉक मार्केट ने अच्छा परफॉर्म किया है। इक्विटी मार्केट में तेजी से निवेशकों का रुझान सोने-चांदी में कम हुआ है। निवेशकों ने सोना-चांदी से निकल स्टॉक मार्केट में निवेश बढ़ाया। जिसका असर सोने-चांदी की कीमतों पर हुआ।

 

रिटर्न के लिए मिला बेहतर विकल्प

अनुज गुप्ता ने कहा कि निवेशकों को सोने-चांदी से ज्यादा रिटर्न देने वाला निवेश का नया विकल्प क्रिप्टोकरंसी बिटकॉइन मिला। इस साल निवेशकों ने बेहतर रिटर्न के लिए बिटकॉइन में निवेश बढ़ा। जिससे सोने की कीमतों पर प्रेशर बना।

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