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दिवाली तक 34 हजारी हो सकता है सोना, MSP बढ़ी तो रूरल डिमांड में तेजी की उम्‍मीद

रुपए में कमजोरी और जियो पॉलिटिकल चिंताओं के चलते सोने की कीमतों में तेजी आएगी

Depreciating rupee and geo-political concerns may support Gold

मुंबई. इस साल दिवाली तक सोने के भाव 34 हजार रुपए प्रति दस ग्राम के स्‍तर तक पहुंच सकते हैं। विश्‍लेषकों का कहना है कि रुपए में कमजोरी और जियो पॉलिटिकल चिंताओं के चलते सोने की कीमतों में तेजी आएगी और दिवाली तक यह 34,000 के स्‍तर तक पहुंच सकता है। वहीं, देश में सोने की रूरल डिमांड के बारे में जानकार कहते हैं कि फसलों की एमएसपी बढ़ने से इसमें इजाफा होगा। वहीं, सामान्‍य मानसून का अनुमान भी डिमांड को सपोर्ट करेगा। 

 


कॉमट्रेड्ज रिस्‍क मैनेजमेंट के डायरेक्‍टर जी. तियागराजन का कहना है कि घरेलू मार्केट में दिवाली तक सोना 30,000-34,000 रुपए प्रति दस ग्राम के बीच रह सकता है। वहीं, ग्‍लोबल मार्केट में सोना के भाव 1260-1400 डॉलर प्रति औंस के बीच रहने की उम्‍मीद है। उनका कहना है कि हाल में ब्‍याज दरों में बढ़ोत्‍तरी महंगाई बढ़ने की आशंका के चलते हुई है। ऐसे में हेजिंग के लिए सोने में निवेश बढ़ेगा। दूसरी ओर, रुपए में कमजोरी है और दिवाली तक यह और बढ़ सकती है। इससे सोने का आयात महंगा होगा। इस तरह घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में तेजी आ सकती है। 

 

सोने की निवेश मांग बढ़ने की उम्‍मीद 

बीते 8 जून को सोने का भाव 31,010 रुपए प्रति दस ग्राम के स्‍तर पर रहा। जबकि न्‍यूयार्क में भाव 1,302.70 डॉलर प्रति औंस पर रहे। तियागराजन ने बताया कि ग्‍लोबल स्‍तर पर सोना यील्‍ड बढ़ने और डॉलर मजबूत होने से एक दायरे में कारोबार कर रहा है। ग्‍लोबल अनिश्चितता और जियो पॉलिटिकल टेंशन के चलते सोने की कीमतों को सपोर्ट मिला है। उन्‍होंने बताया कि आगे और रेट कट होता है तो डॉलर पर दबाव आएगा क्‍योंकि अमेरिका में बिजनेस करने की लागत बढ़ जाएगी। इसलिए इस बात की संभावना है कि निवेशक दूसरी तिमाही के आखिर तक सोने की तरफ निवेश बढ़ाएंगे। 

 

सप्‍लाई का भी होगा कीमतों पर असर 
कमोडिटी एंड करंसी की एमडी प्रीति राठी का कहना है कि दिवाली तक सोने की कीमतें 31,500-31,800 के दायरे में ट्रेड कर सकता है। हालांकि लंबी अवधि के नजरिए से देखें तो अगले कुछ महीनों में कीमतें बढ़ सकती हैं यह 1200-1350 डॉलर प्रति औंस के रेंज में दिखाई देगा। सख्‍त सप्‍लाई, जियोपॉलिटिकल टेंशन, डॉलर में गिरावट और महंगाई बढ़ने से सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ेगा। 2018 के आखिर तक कीमत 1350 डॉलर (31,800 रुपए) के लेवल तक तरह सकती हैं। 

 

एंजल ब्रोकिंग के चीफ एनॉलिस्‍ट पार्थामेश माल्‍या का कहना है कि अमेरिकी अर्थव्‍यवस्‍था में सुधार है। वहां दरें बढ़ सकती हैं। इससे सोने में उतार-चढ़ाव पर लगाम लगेगी। इसलिए इस दिवाली तक सोना 30,000-31,500 रुपए के बीच रह सकता है। डॉलर टर्म में बात करें तो यह 1,200-1,360 डॉलर प्रति ओंस के बीच रहेगा। जियो पॉलिटिकल टेंशन से सोने की कीमतों को सपोर्ट मिलेगा। 

 

मानसून, MSP तय करेगी रूरल डिमांड 
तियागराजन का कहना है कि घरेलू बाजार में सोने की डिमांड की बात करें तो निवेश मांग नहीं है। कीमतें अधिक रहने से  पारंपरिक ज्‍वैलरी डिमांड भी बहुत ज्‍यादा नहीं बढ़ी है।  हालांकि रूरल डिमांड बढ़ने की उम्‍मीद केवल तभी जब फसल के लिए मिनिमम सपोर्ट प्राइस (एमएसपी) बढ़ेगा। क्‍योंकि एमएसपी बढ़ने से रूरल इनकम बढ़ेगी और लोग सोना खरीदने पर खर्च करेंगे। सामान्‍य मानसून के अनुमान के चलते भी रूरल डिमांड बढ़ने की उम्‍मीद है।  
 

 

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