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2017 में भारत में 9.1% बढ़ी गोल्‍ड की डिमांड, दुनियाभर में रही 7% की गिरावट: WGC

2017 में भारत में गोल्‍ड की डिमांड में 9.1 फीसदी की तेजी आई और यह 727 टन पर पहुंच गई।

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मुंबई. 2017 में भारत में गोल्‍ड की डिमांड में 9.1 फीसदी की तेजी आई और यह 727 टन पर पहुंच गई। इस बढ़ोत्‍तरी की वजह धनतेरस पर गोल्‍ड की कम रही कीमतें, पॉजिटिव इकोनॉमिक हालात और विशेष तौर पर ग्रामीण इलाकों में बेहतर हुआ कंज्‍यूमर सेंटीमेट रहे। यह बात वर्ल्‍ड गोल्‍ड काउंसिल (WGC) की ताजा रिपोर्ट गोल्‍ड डिमांड ट्रेंड्स में कही गई। 2016 में भारत में गोलड की डिमांड 666.1 टन थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि भारत के विपरीत ग्‍लोबली गोल्‍ड की डिमांड में 7 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। 

 

गोल्‍ड ज्‍वेलरी की डिमांड में 12% की तेजी रही मुख्‍य वजह 

WGC के भारत में मैनेजिंग डायरेक्‍टर सोमासुंदरम पीआर ने कहा कि भारत में गोल्‍ड की डिमांड में बढ़ोत्‍तरी मुख्‍य रूप से गोल्‍ड ज्‍वेलरी की बढ़ी डिमांड की वजह से हुई। भारत में पिछले साल गोल्‍ड ज्‍वेलरी की डिमांड में 12 फीसदी की तेजी देखने को मिली और यह 562.7 टन पर पहुंच गई, जबकि 2016 में यह 504.5 टन थी। कीमत के हिसाब से गोल्‍ड ज्‍वेलरी की कीमत 2017 में 9 फीसदी बढ़कर 1.48 लाख करोड़ रुपए हो गई, जो 2016 में 1.36 लाख करोड़ रुपए थी। देश में गोल्‍ड ज्‍वेलरी की डिमांड में तेजी जीएसटी के स्थिर हो जाने, शेयर बाजार के अच्‍छे प्रदर्शन और अच्‍छी जीडीपी ग्रोथ और विशेषकर गांवों में बेहतर कंज्‍यूमर सेंटीमेंट की वजह से आई। इसके अलावा एंटी मनी लॉन्ड्रिंग रेगुलेशन, प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्‍ट को ज्‍वलेरी पर से हटाने के सरकार के फैसले ने भी डिमांड बढ़ाने में मदद की। 

 

2 फीसदी गिरा गोल्‍ड इन्‍वेस्‍टमेंट

गोल्‍ड की डिमांड के विपरीत देश में गोल्‍ड इन्‍वेस्‍टमेंट में पिछले साल 2 फीसदी की गिरावट रही। गोल्‍ड इन्‍वेस्‍टमेंट 2017 में 161.6 टन रहा, जो 2016 में 164.2 टन था। कीमत के हिसाब से देश में गोल्‍ड इन्‍वेस्‍टमेंट डिमांड में 1 फीसदी की कमी आई। पिछले साल 43,220 करोड़ रुपए का गोल्‍ड इन्‍वेस्‍टमेंट हुआ, जो 2016 में 43,650 करोड़ रुपए का था। 

 

2018 में डिमांड 700-800 टन रहने की उम्‍मीद 

सोमासुदंरम ने आगे कहा कि 2018 के बजट में गोल्‍ड के लिए कई पॉजिटिव कदम उठाए गए हैं, जिसमें गोल्‍ड के लिए एक व्‍यापक पॉलिसी और गोल्‍ड एक्‍सचेंज की स्‍थापना शामिल है। इन्‍हें देखते हुए उम्‍मीद है कि 2018 में गोल्‍ड की डिमांड 700-800 टन रहेगी। 

 

ग्‍लोबली गोल्‍ड की डिमांड में रही 7 फीसदी की गिरावट 

2017 में पूरी दुनिया में गोल्‍ड की डिमांड 2016 के मुकाबले 7 फीसदी गिरकर 4,071.7 टन पर आ गई। इसकी वजह एक्‍सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) में कम इन्‍वेस्‍टमेंट रहा। WGC ने इसमें कहा कि 2016 में गोल्‍ड की कुल ग्‍लोबल डिमांड 4,362 टन थी। हालांकि 2017 में भी ईटीएफ में इन्‍वेस्‍टमेंट हुआ, जो 202.8 टन रहा लेकिन यह 2016 में हुए इन्‍वेस्‍टमेंट के मुकाबले लगभग एक तिहाई था। 

 

ग्‍लोबली भी बढ़ी गोल्‍ड ज्‍वेलरी की डिमांड 

रिपोर्ट में आगे कहा गया कि हालांकि 2017 में गोल्‍ड ज्‍वेलरी और गोल्‍ड की मौजूदगी वाली टेक्‍नोलॉजी की डिमांड में रिकवरी देखने को मिली। इसकी मुख्‍य वजह भारत और चीन के आर्थिक हालात में आया सुधार और गोल्‍ड वाली टेक्‍नोलॉजी जैसे स्‍मार्टफोन, टैबलेट आदि में वृद्धि रही। पिछले साल ज्‍वेलरी की डिमांड 4 फीसदी यानी 82 टन बढ़कर 2,136 टन पर पहुंच गई, जो 2016 में 2,054 टन थी। इस बढ़ोत्‍तरी में से 75 टन की डिमांड भारत और चीन से निकली। इसी तरह गोल्‍ड की मौजूदगी वाली टेक्‍नोलॉजी की डिमांड 3 फीसदी बढ़कर 333 टन पर पहुंच गई, जबकि 2016 में यह 323 टन थी।

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