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मनी भास्कर खास / 1 अप्रैल, 2019 से 24x7 बिजली आपूर्ति नहीं शुरू कर सकी सरकार, ऐसा नहीं करने वाली डिस्कॉम के लाइसेंस रद्द करने का दावा किया था मंत्रालय ने

डिस्कॉम की वित्तीय हालत को देखते हुए 24x7 बिजली की आपूर्ति करना दूर की बात

States will be held accountable if they do not supply 24x7 electricity from April 19
  • ,उदय में शामिल होने के बावजूद डिस्कॉम की वित्तीय स्थिति मजबूत नहीं
  • कई राज्यों में अभी घंटों होती है बिजली की कटौती

 

मनी भास्कर/नई दिल्ली. 

वर्ष 2018 के मई में केंद्रीय बिजली मंत्री आर.के. सिंह ने कहा था कि 1 अप्रैल, 2019 से बिजली वितरण कंपनियां (डिस्कॉम) 24x7 बिजली आपूर्ति करेंगी। ऐसा नहीं करने वाली डिस्कॉम के लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे। लेकिन केंद्र सरकार ऐसा नहीं कर सकी। ऱाष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आने वाले नोएडा एवं गाजियाबाद जैसे शहरों में रोजाना कम से कम 2-3 घंटे की बिजली कटौती हो रही है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सुदूर इलाके में बिजली आपूर्ति की क्या हालत होगी। दिल्ली की एक डिस्कॉम टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) के इलाके में 24x7 बिजली की आपूर्ति नहीं होने पर जुर्माने की व्यवस्था लाने का प्रयास किया गया था, लेकिन यह अभी संभव नहीं हो सका है। बाकी राज्यों में तो अभी ठीक तरीके से बिजली (क्वालिटी पावर) आपूर्ति की व्यवस्था भी नहीं हो  सकी है। पिछले साल बिजली मंत्रालय की तरफ से बताया गया था कि यह व्यवस्था निजी व सरकारी दोनों ही प्रकार की डिस्कॉम के लिए लागू होगी। चौबीस घंटे बिजली नहीं देने वाली डिस्कॉम के लाइसेंस को एक साल के लिए रद्द किया जा सकता है। लेकिन लाइसेंस रद्द करने से पहले डिस्कॉम को अपनी दलील रखने का मौका दिया जाएगा। डिस्कॉम के खिलाफ कार्रवाई का काम उस राज्य के बिजली नियामक आयोग करेंगे।

31 मार्च, 2019  के बाद सभी को 24x7 बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करना डिस्कॉम की जिम्मेदारी होगी

पिछले साल मई में दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में सिंह ने बताया था कि देश के सभी राज्य 24x7 बिजली की आपूर्ति के लिए केंद्र के साथ समझौते पर हस्ताक्षर कर चुके हैं। उन्होंने बताया था कि 31 मार्च, 2019  के बाद सभी को 24x7 बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करना डिस्कॉम की जिम्मेदारी होगी। डिस्कॉम की जिम्मेदारी तय करने के लिए बिजली संशोधन बिल में यह प्रावधान किया गया है। बिल में बिजली की आपूर्ति में कोताही करने वाली डिस्कॉम पर 1 करोड़ से लेकर 10  करोड़ रुपये तक के जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है। हालांकि अब जानकार बता रहे हैं कि बिजली संशोधन बिल पारित नहीं होने की वजह से ऐसा संभव नहीं हो सका।

एग्रीगेट ट्रांसमिशन एवं कमर्शियल लॉस घटकर  20 फीसदी तक रह गया है

बिजली क्षेत्र के विशेषज्ञों ने मनी भास्कर को बताया कि बिजली की 24x7 आपूर्ति तभी संभव है जब डिस्कॉम की वित्तीय स्थिति मजबूत हो जाएगी। उज्जवल डिस्कॉम एश्योरेंस योजना (उदय) में शामिल होने के बाद से कई राज्यों की डिस्कॉम की स्थिति बेहतर हुई है। एग्रीगेट ट्रांसमिशन एवं कमर्शियल लॉस (एटीएंडसी) घटकर  20 फीसदी तक रह गया है। बिजली मंत्रालय के मुताबिक बिजली की खरीद लागत एवं वसूली के गैप में भी कमी आई है और यह घटकर लगभग 26 पैसे प्रति यूनिट रह गया है। उदय में शामिल 25 राज्यों ने बिजली की दरों में को भी रिवाइज किया है। इन सब उपायों की बदौलत डिस्कॉम की वित्तीय स्थिति पहले के मुकाबले बेहतर हुई है, लेकिन अब भी ये डिस्कॉम मुनाफे में नहीं है।

 

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