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15 दिन से क्यों नहीं बढ़ीं पेट्रोल-डीजल की कीमतें? हो गया खुलासा

अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड कीमतों में तेजी के बावजूद पेट्रोल-डीजल की कीमतों का स्थिर रहना हैरत में डालता है।

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नई दिल्ली. बीते 24 अप्रैल यानी 15 दिन से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इससे पहले तक जहां कीमतों में रोज बदलाव हो रहा था, वहीं अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड कीमतों में तेजी के बावजूद पेट्रोल-डीजल की कीमतों का स्थिर रहना हैरत में डालता है। ऐसे में पेट्रोल और डीजल के महंगा नहीं होने पर मन में सवाल आते हैं। अब इसकी वजह सामने आ गई है। 

 

 

IOC चेयरमैन ने किया खुलासा 

आईओसी चेयरमैन संजीव सिंह ने कहा कि कंपनी ने तेज बढ़ोत्तरी और कंज्यूमर्स को दिक्कतों से बचाए रखने के लिए  कीमतों को ‘अस्थायी तौर पर कंट्रोल में’ रखने का फैसला किया है। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, ‘हमने बढ़ोत्तरी को कस्टमर्स पर पास नहीं करके रिटेल प्राइस को अस्थायी तौर पर कंट्रोल में बनाए रखने का फैसला किया है, क्योंकि हमारा मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की मौजूदा कीमतों को फंडामेंटल्स का सपोर्ट नहीं है। इसलिए हमने कुछ समय तक इंतजार करने का फैसला किया है।’

 

 

आगे महंगा हो सकता है पेट्रोल-डीजल

हालांकि सिंह ने संकेत दिए कि अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में बढ़ोत्तरी जारी रहती है तो रिटेल प्राइस में बढ़ोत्तरी की जाएगी। कर्नाटक में 12 मई को चुनाव होने हैं। 

गौरतलब है कि सरकार के स्वामित्व वाली ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 24 अप्रैल के बाद अंतरराष्ट्रीय मार्केट में क्रूड की कीमतों में 3 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोत्तरी के बावजूद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।

इससे इतर ऑयल मिनिस्टर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि फ्यूल को डिरेग्युलेट किए जाने और पीएसयू को रिटेल रेट तय करने की स्वतंत्रता दिए जाने के बाद सरकार की प्राइसिंग में कोई भूमिका नहीं रही है। 

 

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55 महीनों के हाई पर है पेट्रोल

पेट्रोल के 55 महीनों के उच्चतम स्तर 74.63 रुपए प्रति लीटर और डीजल के 65.93 रुपए के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के बावजूद फाइनेंस मिनिस्ट्री ने कॉमन मैन को राहत देने के लिए एक्साइस ड्यूटी में कटौती से इनकार कर दिया था। उसके बाद से पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। 

 

 

क्रूड को नहीं है फंडामेंटल्स का सपोर्ट

सिंह ने कहा कि कीमतों के डिरेग्युलेट होने के बाद से इनकी कीमतें डेली बेसिस पर बदली जाती रही हैं। उन्होंने कहा, ‘हमारा मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतों को फंडामेंटल्स का सपोर्ट नहीं है। ऐसे में कीमतें बढ़ाने से अनावश्यक तौर पर कस्टमर्स को परेशानी होगी। इसलिए हमने कुछ समय तक कीमतों को नीचे बनाए रखने का फैसला किया है।’

गौरतलब है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 24 अप्रैल से बदलाव नहीं हुआ है। फ्यूल प्राइसिंग मेथडोलॉजी से जुड़े एक सोर्स के मुताबिक ऐसा इंटरनेशनल बेंचमार्क प्राइस के बढ़कर 78.84 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने के बावजूद हुआ है जिसे 24 अप्रैल को पेट्रोल की कीमतें 74.63 रुपए लीटर करने में इस्तेमाल किया गया था, जबकि अब बेंचमार्क 81.61 डॉलर प्रति बैरल है।

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